डायबिटीज के डर से फल छोड़ दिए हैं? डायटिशियन श्वेता पांचाल ने दी सही राय
Diabetes friendly healthy fruits: मधुमेह होने पर कई लोग सबसे पहले फल खाना छोड़ देते हैं। लेकिन क्या वाकई हर फल नुकसान पहुंचाता है? डायटिशियन श्वेता पांचाल ने इस आम धारणा पर बात करते हुए जरूरी जानकारी साझा की है।

अगर घर में किसी को मधुमेह है, तो आपने अक्सर एक सलाह जरूर सुनी होगी- 'अब फल खाना बंद कर दो, इनमें बहुत मिठास होती है।' कई लोग इस बात को सच मानकर आम, सेब, अमरूद और यहां तक कि पपीता तक खाना छोड़ देते हैं। लेकिन क्या वाकई हर फल मधुमेह के मरीज का दुश्मन है?
डायटिशियन श्वेता पांचाल कहती हैं कि असली समस्या फल नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी गलत जानकारी है। दरअसल, कुछ फल ऐसे हैं जिन्हें सही मात्रा और सही समय पर खाया जाए तो वे रोज की थाली का हिस्सा बन सकते हैं। इसलिए डर की वजह से फलों से दूरी बनाने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि कौन-सा फल आपके लिए सही है।
मधुमेह में फल नहीं खाने चाहिए? यही सबसे बड़ा भ्रम है
मधुमेह का पता चलते ही कई लोग सबसे पहले फलों को अपनी प्लेट से बाहर कर देते हैं। उन्हें लगता है कि फल मीठे होते हैं, इसलिए ये सीधे शुगर बढ़ाएंगे। लेकिन हर मीठी चीज का असर एक जैसा नहीं होता। फलों में सिर्फ प्राकृतिक मिठास ही नहीं, बल्कि रेशे, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। यही वजह है कि पूरे फल और मिठाई की तुलना नहीं की जा सकती।
ऐसे फल जिन्हें खाकर घबराने की जरूरत नहीं!
- जामुन: मधुमेह की बात हो और जामुन का नाम ना आए, ऐसा कम ही होता है। यह फल लंबे समय से लोगों की पसंद रहा है। गर्मियों में मिलने वाला जामुन कई लोगों के लिए अच्छा विकल्प है।
- अमरूद: अगर आपको ऐसा फल चाहिए जो पेट भी भरे और बार-बार भूख भी ना लगने दे, तो अमरूद अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे काटकर हल्के नमक के साथ खाना भी कई लोगों को पसंद आता है।
- पपीता: पपीता उन फलों में शामिल है जिन्हें नाश्ते या दोपहर के समय आसानी से खा सकते हैं। यह हल्का होता है और पेट पर ज्यादा भारी भी नहीं लगता।
- सेब: 'रोज एक सेब खाओ' वाली कहावत आपने कई बार सुनी होगी। सेब आसानी से मिलने वाला ऐसा फल है जिसे मधुमेह वाले लोग भी सीमित मात्रा में खा सकते हैं।
- अनार: अनार खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ रंग और ताजगी भी देता है। कई लोग इसे सुबह या शाम के हल्के नाश्ते में शामिल करते हैं।
फल खाते समय ये 3 छोटी बातें याद रखें
- रस नहीं, पूरा फल खाएं: एक गिलास रस पीने से बेहतर है कि आप पूरा फल खाएं। पूरा फल पेट ज्यादा देर तक भरा रखता है।
- एक बार में ज्यादा नहीं: फल सेहतमंद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि एक बार में बहुत ज्यादा खा लिए जाएं।
- खाने के तुरंत बाद मिठाई की तरह ना लें: फल को हल्के नाश्ते या भोजन के बाद सीमित मात्रा में खाना बेहतर है।
सबसे जरूरी बात
मधुमेह होने का मतलब यह नहीं कि खाने-पीने की हर पसंदीदा चीज से दूरी बना ली जाए। सही जानकारी, सही मात्रा और थोड़ी समझदारी के साथ फल भी आपकी थाली का हिस्सा बन सकते हैं। डर के आधार पर नहीं, जानकारी के आधार पर फैसला लेना ज्यादा समझदारी है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।
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