क्या देर रात तक फोन चलाने से घट जाता है स्पर्म काउंट? डॉक्टर ने बताया क्या करें और क्या न करें

Dec 24, 2025 09:58 am ISTDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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आजकल पुरुषों को लो स्पर्म काउंट की समस्या से जूझना पड़ रहा है और इसके कारण फर्टिलिटी में दिक्कत हो रही है। डॉक्टर का कहना है कि आपका लॉन्ग स्क्रीन टाइम इसका बड़ा कारण है और इसे कम करना चाहिए।

क्या देर रात तक फोन चलाने से घट जाता है स्पर्म काउंट? डॉक्टर ने बताया क्या करें और क्या न करें

आजकल फर्टिलिटी की समस्या काफी आम हो चुकी है। कपल्स के बीच सबकुछ सही होने का बाद भी बच्चे होने में परेशानी हो रही है, ऐसे में महिला-पुरुष दोनों ही खुद को दोषी मानने लगते हैं। आजकल का लाइफस्टाइल, खान-पान सब बदल चुका है और सबसे बुरी आदतों में से एक है लंबे समय तक स्क्रीन टाइम। लोग दिनभर की थकान और बिजी शेड्यूल के बाद रात में ही फोन चलाते हैं, देर रात तक फोन चलाने से सिर्फ नींद ही नहीं बल्कि हार्मोन्स पर भी बुरा असर होता है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर से मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को कम कर देती है और इससे नींद कम आती है, साथ ही स्पर्म काउंट पर भी बुरा असर होता है। जयपुर के सीके बिरला अस्पतला की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर नम्रता गुप्ता ने इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि क्या वाकई लॉन्ग स्क्रीन टाइम पुरुषों में स्पर्म काउंट की समस्या को बढ़ा रहा है।

डॉक्टर ने क्या कहा

डॉक्टर नम्रता का कहना है कि 29 साल का एक लड़का हमारे पास आया और उसकी सीमन रिपोर्ट काफी बुरी थी। उसका कहना था कि वह हेल्दी डायट लेता है, एक्सरसाइज करता है, सिगरेट-शराब नहीं पीता फिर ऐसा क्यों हुआ। लेकिन वह एक कोडर-गेमर था, इसलिए उसका लैपटॉप हमेशा उसकी गोद में और फोन जेब में रहता था। इसके अलावा वह 2 बजे तक फोन चलाता था और फिर सोता था। यही कारण था कि उसका स्पर्म काउंट कम हो गया।

अन्य नुकसान भी हैं

डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक, लॉन्ग स्क्रीन टाइम, वर्क प्रेशर, डिजिटल इमेज प्रेशर के कारण शरीर में कॉर्टिसोल बढ़ने लगता है, जो नींद दूर करने वाला हार्मोन है। जब कॉर्टिसोल बढ़ेगा तो टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन कम होगा। ऐसे में ये सिर्फ स्पर्म काउंट ही नहीं कम करता बल्कि कई अन्य नुकसान भी पहुंचाता है।

- इससे शीघ्रपतन की समस्या

- सेक्स ड्राइव का कम होना

- एनर्जी लेवल कम होता है

- मूड स्विंग्स होते हैं और चिड़चिड़ापन भी

स्क्रीन टाइम के अलावा शराब, गांजा, सिगरेट, मसल्स गेनिंग स्टेरॉयड्स भी आपका स्पर्म काउंट कम कर देते हैं। इसके अलावा नींद की कमी भी फर्टिलिटी और स्पर्म काउंट पर बुरा असर डालती है। जब आप सोते हैं, जब शरीर में कई तरह के प्रोडक्शन होते हैं, जिसमें से एक है टेस्टोस्टेरोन का। अगर आप कम सोते हैं, तो स्पर्म नहीं बनेंगे और फिर इनकी संख्या में कमी आ जाती है।

sperm count

कैसे सुधारें स्पर्म काउंट?

डॉक्टर के मुताबिक, आपको अपना स्क्रीन टाइम कम करने की फौरन जरूरत है। सोने से करीब 1 घंटा पहले ही फोन बंद करके रख दें, वरना इसे देखते रहने से नींद नहीं आएगी। शराब-सिगरेट से दूरी बनाकर रखें, हेल्दी खाना खाएं। जंक, फास्ट, तला-भुना खाने से बचें, पानी खूब पिएं। वर्कआउट, टहलना, रनिंग जैसी चीजों को करने से स्पर्म काउंट बेहतर होता है। धूप एक्सपोजर भी रखें, धूप से विटामिन डी मिलता है और इससे भी टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन बढ़ता है। स्पर्म काउंट हर 74 दिनों में एक बार जनरेट होता है, अगर आप ये बदलाव करते हैं, तो चीजों को बेहतर कर सकते हैं।

Deepali Srivastava

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परिचय


दीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।


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