ब्लड प्रेशर कंट्रोल से लेकर वेट लॉस तक, ये हैं सत्तू पीने के 8 बड़े फायदे

Mar 10, 2026 12:54 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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Health Benefits Of Sattu In Hindi : आज दुनिया के बड़े-बड़े 'हेल्थ कैफे' की शान बन चुका सत्तू प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस है, जो आधुनिक सप्लीमेंट्स तक को मात देता है। इसके नियमित सेवन से आप वेट लॉस से लेकर ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं को भी कंट्रोल में रख सकते हैं।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल से लेकर वेट लॉस तक, ये हैं सत्तू पीने के 8 बड़े फायदे

गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग बॉडी का कूल बनाए रखने के लिए ठंडी तासीर की चीजों को डाइट में शामिल करना शुरू कर देते हैं। यही वो मौसम होता है जब छाछ, लस्सी, नींबू पानी और शरबत की डिमांड लोगों के बीच काफी ज्यादा बढ़ जाती है। लेकिन क्या जानते हैं इन सबके अलावा एक और ऐसी चीज है, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी वरदान मानी जाती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं ठंडे-चटपटे सत्तू की। लू के थपेड़ों के बीच सत्तू का एक गिलास अमृत जैसा महसूस होता है। आज दुनिया के बड़े-बड़े 'हेल्थ कैफे' की शान बन चुका सत्तू प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस है, जो आधुनिक सप्लीमेंट्स तक को मात देता है। इसके नियमित सेवन से आप वेट लॉस से लेकर ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं को भी कंट्रोल में रख सकते हैं।

सीके बिरला हॉस्पिटल (दिल्ली) की क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. दीपाली शर्मा कहती हैं कि सत्तू, भुने हुए चने के आटे से बनाया जाता है, जो लंबे समय से खासकर गर्मियों के मौसम में भारतीय परिवारों का हिस्सा रहा है। अपनी ठंडी तासीर और पौष्टिक गुणों के कारण यह पारंपरिक ड्रिंक आजकल फिर से लोकप्रिय हो रही है। पैकेज्ड और मीठे ड्रिंक्स की जगह सत्तू एक प्राकृतिक और हेल्दी विकल्प माना जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर सत्तू को अगर संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जाए तो यह सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है।

गर्मियो में सत्तू पीने से सेहत को मिलते हैं ये 8 फायदे

1. प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का रिच सोर्स

सत्तू में प्राकृतिक रूप से अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है, इसलिए यह शाकाहारी लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसका नियमित सेवन मांसपेशियों को मजबूत बनाने, टिश्यू रिपेयर करने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।

2. वजन नियंत्रित रखने में मददगार

सत्तू में प्रोटीन और फाइबर दोनों अच्छी मात्रा में होते हैं, जो जल्दी भूख लगने की समस्या को कम करते हैं। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है और वजन मैनेज करने में मदद मिलती है। तो अगर आपका वजन अधिक है, तो आप रोज सुबह खाली पेट सत्तू का पानी पी सकते हैं।

3. पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है

सत्तू में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाकर मल त्याग को आसान और नियमित रखता है। जिससे कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

4. शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है

सत्तू को नेचुरल एनर्जी ड्रिंक भी कहा जाता है। इसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे अचानक ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या नहीं होती।

5. ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक

सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जो शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से रोकता है। साथ ही, इसमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करते हैं।

6. शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देता है

गर्मियों में सत्तू पीना बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देता है और हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करता है।

7. दिल की सेहत के लिए अच्छा

सत्तू में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

8. जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर

प्रोटीन और फाइबर के अलावा सत्तू में आयरन, कैल्शियम और बी-विटामिन जैसे पोषक तत्व भी होते हैं, जो शरीर की ऊर्जा, मेटाबॉलिज्म सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।

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लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

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दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

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