सूजी या बेसन चीला, दोनों में से क्या ज्यादा हेल्दी है? वेट लॉस के लिए बेहतर ऑप्शन जानें
सूजी और बेसन चीला, दोनों ही पॉपुलर ब्रेकफास्ट ऑप्शन हैं। लेकिन इनमें से ज्यादा हेल्दी है और किसमें कम कैलोरी होती हैं, ये सवाल कई लोगों का होता है। तो चलिए जानते हैं आपके लिए इन दोनों में से कौन सा ऑप्शन बेहतर है।

ब्रेकफास्ट के लिए चीला एक बहुत ही पॉपुलर ऑप्शन है। खासकर जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वो अक्सर तरह-तरह के चीले अपनी डाइट में शामिल करते हैं। अमूमन तो आपने लोगों को बेसन और सूजी का चीला ज्यादा खाते देखा होगा। दोनों ही बेहतरीन ब्रेकफास्ट ऑप्शन हैं, लेकिन इनमें से बेहतर क्या है? क्या वाकई सूजी का चीला बेसन के चीले जितना ही पौष्टिक है या फिर सूजी का चीला ज्यादा अच्छा होता है। ये सवाल अक्सर कई लोगों से सुनने को मिलता है कि नाश्ते में कौन सा चीला खाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। वहीं अगर कैलोरी के लिहाज से देखें, तो भी कौन सा चीला है जिसमें कम कैलोरी होती हैं और वेट लॉस के लिए अच्छा है। आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
सूजी या बेसन का चीला, कौन सा बेहतर है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सूजी और बेसन दोनों का ही चीला काफी हेल्दी होता है। सुबह के नाश्ते में कुछ हल्का, आसानी से पचने वाला और शरीर को भरपूर पोषण देने वाला ऑप्शन ढूंढ रहे हैं, तो ये दोनों ही विकल्प काफी अच्छे हो सकते हैं। इन दोनों में अपने अलग-अलग पोषक तत्व मौजूद हैं, ऐसे में आप अपने शरीर की जरूरतों, हेल्थ कंडीशन और लाइफस्टाइल को ध्यान में रखकर अपने लिए बेस्ट ऑप्शन चुन सकते हैं।
सूजी या बेसन चीला, किसमें होती हैं कम कैलोरी?
अगर आप वेट लॉस के लिए चीला खा रहे हैं, तो सबसे पहले कैलोरी काउंट ही दिमाग में आता है। अगर सूजी और बेसन चीला में कैलोरी की बात करें, तो दोनों में अंतर कुछ बहुत ज्यादा नहीं है। लगभग 40 ग्राम बेसन से बने चीले में लगभग 150 कैलोरी हो सकती हैं। वहीं 40 ग्राम सूजी से बने चीले में 145 कैलोरी तक मौजूद हो सकती हैं। कुल मिलाकर अंतर बहुत बड़ा नहीं है, इसलिए सिर्फ कैलोरी के आधार पर देखें तो आप दोनों में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।
नाश्ते में बेसन चीला खाने के फायदे क्या हैं?
बेसन प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स है, इसलिए सुबह के नाश्ते के लिए एक हेल्दी विकल्प हो सकता है। इसके अलावा बेसन चीला में फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जिस वजह से पेट ज्यादा लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सुबह का ब्रेकफास्ट प्रोटीन रिच होना चाहिए, ऐसे में बेसन चीला एक अच्छा ऑप्शन है। इसे अगर कम तेल में और खूब सारी सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जाए, तो फायदे और भी ज्यादा बढ़ जाते हैं।
सूजी चीला खाने के क्या फायदे होंगे?
सूजी चीला भी एक लो कैलोरी और हल्का-फुल्का ब्रेकफास्ट ऑप्शन है। लेकिन इसमें प्रोटीन और फाइबर की तुलना में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। इसके अलावा सूजी चीला में कुछ विटामिन्स और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। खासकर अगर कम तेल में और खूब सारी सब्जियां मिलाकर सूजी का चीला बनाया जाए तो एक हेल्दी और लाइट ब्रेकफास्ट तैयार किया जा सकता है। लेकिन इसके साथ प्रोटीन का कोई सोर्स एड करना जरूरी हो जाता है।
आपके लिए दोनों में से ज्यादा फायदेमंद रहेगा?
अगर पोषण के लिहाज से देखें तो बेसन का चीला ज्यादा संतुलित और पौष्टिक माना जाएगा। क्योंकि बेसन चीला में प्रोटीन की मात्रा अच्छी होती है, जो ब्रेकफास्ट में जरूरी है। हालांकि चीला तभी हेल्दी है, जब आप इसे कम तेल में बनाएं और साथ में ढेर सारी सब्जियां शामिल करें। सूजी का चीला भी पूरी तरह खराब नहीं है, बस इसके साथ नाश्ते में कोई प्रोटीन का सोर्स जरूर शामिल करें।
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