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आयुर्वेदाचार्य तन्मय गोस्वामी ने बताया गेहूं की रोटी को खाने का सही तरीका, जिससे शरीर को ना हो नुकसान

आयुर्वेदाचार्य तन्मय गोस्वामी ने बताया गेहूं की रोटी को खाने का सही तरीका, जिससे शरीर को ना हो नुकसान

संक्षेप:

Ayurvedacharya suggest how make wheat roti healthy: आयुर्वेदाचार्य तन्मय गोस्वाल ने बताया कि अगर किसी को गेहूं की रोटी खानी है तो उसे किस तरह से खाया जाए जिससे कि इस रोटी को खाने के नुकसान कम हो और फायदा मिले।

Wed, 29 Oct 2025 08:08 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
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गेहूं की रोटी खाने से ज्यादातर डॉक्टर मना करते हैं। पेट की गड़बड़ी से लेकर स्किन में प्रॉब्लम हो तो गेहूं की रोटी खाने से मना किया जाता है। वहीं डायबिटीज जैसी बीमारियों में भी गेहूं की रोटी ना खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन हर किसी के लिए ये मुश्किल है कि वो गेहूं की रोटी को छोड़ दे। जैसे कि बच्चे, उन्हें गेहूं की रोटी खाना ही पसंद होता है। ऐसे में आयुर्वेदाचार्य तन्मय गोस्वामी ने बताया कि आखिर किस तरह से गेंहू की रोटी खाएं कि वो शरीर को नुकसान ना करे और जरूरी फायदे मिलें।

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आयुर्वेदाचार्य से जानें गेहूं की रोटी को खाने का हेल्दी तरीका

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि गेंहू की रोटी खानी है तो आटा बनाते वक्त उसमे आठवां भाग बेसन या चने का आटा मिला दें। मतलब अगर एक किलो गेंहू का आटा है तो उसमे 200 ग्राम बेसन मिलाकर रखें। इस तरह के आटे की रोटी खाने से वो शरीर को नुकसान की बजाय फायदा पहुंचाएगी।

इसके साथ ही गेंहू के आटे में थोड़ी सी अजवाइन, थोड़ी सी हींग, नमक और थोड़ा सा देसी घी मिलाकर आटा बनाएं। इस आटे को गूंथकर रोटी बनाने से गेंहू के आटे में पाये जाने ग्लूटन से होने वाली एलर्जी को रोका जा सकता है। जिससे शरीर में इन्फ्लेमेशन जैसी समस्या पैदा नहीं होगी।

बेसन मिलाने के फायदे

गेहूं के आटे में चने का आटा मिलाकर खाने के फायदे न्यूट्रिशनिस्ट भी शेयर करते हैं। बेसन को अगर गेहूं में मिलाया जाए तो इससे गेहूं में जरूरी पोषण की मात्रा बढ़ जाती है। बेसन का प्रोटीन और फाइबर मिक्स हो जाता है। साथ ही इसमे मौजूद कैल्शियम भी आसानी से गेहूं की रोटी में मिल जाता है। जिससे जब गेहूं की रोटी खाते हैं तो ये सारे न्यूट्रिशन मिलते हैं। वहीं गेंहू के आटे में चने का आटा मिला देने से इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम हो जाएगा। जिससे ये ब्लड शुगर को भी तेजी से स्पाइक नहीं करेगा और प्री डायबिटीक लोगों के लिए बेस्ट है। वहीं अजवाइन और हींग ग्लूटन को कम करने के साथ डाइजेशन को बढ़ाएंगे। जिससे ये गेंहू की रोटी आसानी से पेट में पचेगी।

Aparajita

लेखक के बारे में

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अपराजिता शुक्ला लाइव हिन्दुस्तान मैं बतौर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। फैशन, ट्रैवल, हेल्थ एंड फिटनेस की खबरों पर उनकी अच्छी पकड़ है और पिछले 6 वर्षों से मीडिया में एक्टिव हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अपराजिता ने अमर उजाला में तीन साल काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के साथ बी. कॉम में ग्रेजुएशन की डिग्री यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद से ली है। और पढ़ें

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