
अर्चना पूरन सिंह हुई 'CRPS' की शिकार, जानें इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज
What Is Complex Regional Pain Syndrome : बेटे आयुष्मान ने अपने वीडियो में बताया मां अर्चना का हाथ अब कभी पहले जैसा नहीं रहेगा। ऐसे में शारदाकेयर हेल्थसिटी में न्यूरोसाइंसेज के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड डॉ. अतमप्रीत सिंह से जानते हैं आखिर क्या होता है CRPS, इसके लक्षण और बचाव के उपाय।
'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' की लाफ्टर क्वीन अर्चना पूरन सिंह भले ही ऑनस्क्रीन ठहाके लगाती हुई नजर आएं लेकिन असल जीवन में बेहद दर्द से जुझ रही हैं। इस बात की जानकारी खुद उनके बेटे आयुष्मान सेठी ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर करके दी है। दरअसल, कुछ समय पहले शूटिंग के दौरान अर्चना का हाथ टूट गया। जिसके बाद उन्हें एक दुर्लभ बीमारी CRPS (कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम) ने घेर लिया। बेटे आयुष्मान ने अपने वीडियो में बताया मां अर्चना का हाथ अब कभी पहले जैसा नहीं रहेगा। ऐसे में शारदाकेयर हेल्थसिटी में न्यूरोसाइंसेज के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड डॉ. अतमप्रीत सिंह से जानते हैं आखिर क्या होता है CRPS, इसके लक्षण और बचाव के उपाय।
क्या है कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम की समस्या?
कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम (CRPS) एक ऐसी स्थिति है जिसमें नर्वस सिस्टम दर्द को सामान्य से कहीं अधिक तीव्र रूप में महसूस करता है। यह बीमारी आमतौर पर हाथ या पैर में किसी चोट, सर्जरी या ट्रॉमा के बाद सामने आती है, लेकिन समय के साथ दर्द का स्तर वास्तविक चोट से मेल नहीं खाता। मरीज को लगातार जलन, चुभन, तेज दर्द या असहज संवेदनाएं महसूस होती रहती हैं, जिससे रोजमर्रा की गतिविधियां भी मुश्किल हो जाती हैं।
कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम के लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार सीआरपीएस आपके सेंट्रल या पेरिफेरल नर्वस सिस्टम में खराबी के कारण होता है। आपका सेंट्रल नर्वस सिस्टम (जिसमें आपका दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड शामिल हैं) आपके दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से आपके अंगों, हाथों, पैरों, उंगलियों और पैर की उंगलियों तक संदेश या सिग्नल पहुंचाता है। ऐसे में इसमें होने वाली गड़बड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसमें नसों और दिमाग के बीच दर्द को नियंत्रित करने वाली प्रक्रिया असंतुलित हो जाती है। प्रभावित अंग में सूजन, रंग बदलना, पसीना अधिक आना, ठंडा या गर्म महसूस होना और मांसपेशियों की कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। कई मामलों में दर्द के डर से मरीज उस अंग का इस्तेमाल कम कर देता है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम का इलाज
CRPS का इलाज केवल दवाओं तक सीमित नहीं है। इसके लिए दर्द प्रबंधन, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सहयोग और न्यूरोलॉजिकल देखरेख का संयुक्त दृष्टिकोण आवश्यक होता है। समय पर पहचान और सही इलाज से दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और मरीज की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है।
सलाह- सबसे जरूरी बात यह है कि यदि चोट के बाद दर्द असामान्य रूप से लंबे समय तक बना रहे या बढ़ता जाए, तो इसे नजरअंदाज न करें। शुरुआती चरण में विशेषज्ञ से परामर्श लेने से इस जटिल बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सकता है और मरीज को बेहतर जीवन जीने में मदद मिलती है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




