सीने का दर्द घबराहट है या हार्ट अटैक का संकेत? 2 मिनट में सीखें फर्क, इमरजेंसी में काम आएगा!

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सीने में दर्द होते ही ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक का डर सताने लगता है, लेकिन हर बार इसकी वजह दिल की बीमारी ही नहीं होती। कई बार एंग्जायटी के कारण भी सीने में ऐसा दर्द महसूस हो सकता है। आइए इन दोनों के बीच का फर्क समझते हैं।

सीने का दर्द घबराहट है या हार्ट अटैक का संकेत? 2 मिनट में सीखें फर्क, इमरजेंसी में काम आएगा!

सीने में दर्द होते ही ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहला डर हार्ट अटैक का ही आता है। लेकिन सीने का दर्द होने के पीछे कई और वजह भी हो सकती हैं, इनमें सबसे मुख्य है एंग्जाइटी यानी घबराहट होना। कई बार जब आप ज्यादा सोचने लगते हैं या घबराहट के कारण घुटन और बेचैनी महसूस करते हैं; तो भी सीने में तेज दर्द उठना सामान्य है। कई लोग इसी के चलते कन्फ्यूज हो जाते हैं कि उनके सीने में उठने वाला दर्द ज्यादा घबराहट की वजह से हो रहा है, या फिर ये हार्ट अटैक का संकेत है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कुछ ऐसे संकेत होते हैं, जिनसे दोनों के बीच का फर्क आप आराम से समझ सकते हैं। आइए विस्तार से इनके बारे में जानते हैं।

एंग्जाइटी में कैसा होता है सीने का दर्द?

एंग्जाइटी यानी घबराहट के दौरान भी सीने में तेज दर्द उठता है। ये दर्द काफी तेज होता है और बिल्कुल सीने में चुभन जैसा महसूस होता है। इसके साथ कभी-कभार तेज साँस चलना और पसीना आना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। ये दर्द आमतौर पर सीने के किसी एक हिस्से में ज्यादा महसूस होता है और बाकी जगहों पर नहीं फैलता। ऐसे समय पर अगर लंबी सांस ली जाए या थोड़ी देर शांत हो कर बैठा जाए तो दर्द और बेचैनी से राहत महसूस हो सकती है।

हार्ट अटैक में सीने का दर्द कैसे अलग होता है?

हार्ट अटैक की शुरुआत भी सीने में तेज दर्द के साथ ही होती है। इस दर्द में आमतौर पर सीने में भारीपन, जकड़न और दबाव जैसा महसूस होता है। ये एंग्जाइटी की तरह सीने के एक हिस्से तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कंधे, जबड़े, हाथ और पीठ तक भी फैलने लगता है। इसके साथ सांस फूलना, उल्टी-चक्कर आना, ठंडा पसीना और कमजोरी महसूस होना भी कुछ आम लक्षण हैं। एक चीज और ध्यान रखें कि हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द बढ़ता ही रहता है। ये गहरी सांस लेने या आराम करने से कम नहीं होता।

किन लोगों को ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है?

जिन लोगों को लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा या कोई भी दिल की बीमारी है; उन्हें तो सीने का दर्द बिल्कुल भी नजअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप धूम्रपान करते हैं या दिल की बीमारी की फैमिली हिस्ट्री है; तब भी आपको सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का रिस्क बाकी लोगों से ज्यादा होता है। वहीं अगर आपको ज्यादा एंग्जाइटी या स्ट्रेस रहता है, तो एक बार स्पेशलिस्ट को दिखाना एक अच्छा ऑप्शन है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

सीने का दर्द अगर लगातार बढ़ रहा है और बॉडी के बाकी हिस्सों में भी फैल रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा अगर आपको उल्टी-चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत होना, ठंडा पसीना आना और बेहोशी जैसी लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। सीने के दर्द को एंग्जाइटी समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, इसलिए थोड़ा सा भी डाउट हो तो डॉक्टर से सुझाव लेने में भी फायदा है।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Anmol Chauhan

लेखक के बारे में

Anmol Chauhan

अनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।

करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।

लेखन शैली और दृष्टिकोण
अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।

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