
फैटी लिवर का डर सता रहा तो शुरू कर दें ये 5 ड्रिंक्स को पीना, फैट और इंफ्लेमेशन होगा कम
Drinks to reduce liver fat and inflammtion: इन दिनों नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिसीज का खतरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि खानपान को सही किया जाए। लिवर में इन्फ्लेमेशन या फैट का डिपॉजिट बढ़ रहा तो इन नेचुरल ड्रिंक्स को पीना फायदेमंद हो सकता है।
अगर आप अक्सर ब्लोटिंग महसूस करते हैं। खाने के बाद पेट में भारीपनऔर अजीब सा महसूस होता है। तो इसका मतलब है कि बॉडी का खास अंग फूड से ब्रेक मांग रहा। दरअसल, अनहेल्दी फूड की वजह से लिवर भी अनहेल्दी हो रहा है। जो कि खाने के पाचन, बॉडी के डिटॉक्सिफिकेशन, मेटाबॉलिज्म के साथ पूरी हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है।

लिवर खराब होने के लिए जिम्मेदार होती हैं ये आदतें
जबकि लिवर के खराब होने के लिए कई सारी चीजें एक साथ जिम्मेदार होती हैं। खराब स्लीप साइकिल
खराब खाने की आदतें
जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस
ज्यादा मात्रा में खाना और ड्रिंक
ये सारी आदतें लिवर में फैट और सूजन को बढ़ाती हैं। और कुछ समय के बाद छोटी गांठ और फाइब्रॉएड में बदलने लगती हैं। लिवर की यहीं समस्या फैटी लिवर बोली जाती है। जो लिवर के फंक्शन को प्रभावित करती है। लेकिन कुछ ड्रिंक्स ऐसी हैं जिन्हें अगर पिया जाए तो ये लिवर में जमा हो रहे फैट के प्रोसेस को कम करती है। साथ ही लिवर में हो रही इन्फ्लेमेशन को भी रोकती है। इन ड्रिंक को पीना लिवर के लिए फायदेमंद होता है।
ग्रीन टी
रोजाना गर्मागर्म ग्रीन टी का सेवन लिवर के फैट और इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद करता है। ग्रीन टी में कैटेचिंस नाम का कंपाउंड होता है जो पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है और लिवर के फैट और सूजन को घटाने में मदद करता है। क्लीनिकल स्टडीज में पता चला है कि नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिसीज में ग्रीन टी एक्स्ट्रैक्ट लिवर एंजाइम के लेवल को इंप्रूव करता है।
ब्लैक कॉफी
ब्लैक कॉफी को भी लिवर की हेल्थ के लिए अच्छा माना गया है। ब्लैक कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो इंफ्लेमेशन को कम करने और फाइब्रोसिस को कम करते हैं। रोजाना कॉफी पीना नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिसीज के प्रोग्रेस को कम करता है और लिवर एंजाइम के लेवल को सुधारता है।
नींबू पानी
नींबू पानी में विटामिन सी की मात्रा होती है जो फ्लेवेनाइड उपलब्ध करता है। ये फ्लेवेनाइड्स लिवर एंजाइम के फंक्शन को सपोर्ट करता है। विटामिन सी का कंज्प्शन लिवर स्टियोसिस और इंफ्लेमेशन को कम करता है।
हल्दी की चाय
हल्दी में करक्यूमिन नाम का एक्टिव कंपाउंड होता है। जो कि स्ट्रांग एंटी इंफ्लामेटरी और एंटीऑक्सीडेंट इफेक्ट के लिए जाना जाता है। ये लिवर फैट और फाइब्रोसिस को कम करता है। अगर हल्दी की ड्रिंक में काली मिर्च को मिला दिया जाए तो करक्यूमिन का अब्जार्ब्शन बढ़ जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में करक्यूमिन के इफेक्ट पर एक स्टडी कनाडियन लिवर जर्नल पब्लिश हुई। नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिसीज में करक्यूमिन का पॉजिटिव इफेक्ट देखने को मिला।
आंवला जूस
आंवला विटामिन सी और पॉलीफेनॉल का रिच सोर्स है। और, इसका असर लिवर सेल्स में हो रहे लिपिड मेटाबॉलिज्म और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पर होता है। एनिमल के साथ ह्यूमन पर की गई रिसर्च में पाया गया है कि आंवले में मौजूद हीपैटोप्रोटेक्टिव इफेक्ट फैटी लिवर को कम करता है। इसीलिए रोजाना एक कच्चा आंवला एक चुटकी काली मिर्च के साथ खाना फायदेमंद होता है।

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