
35 के बाद पुरुषों के लिए जरूरी 5 सप्लीमेंट्स, न्यूट्रिशनिस्ट किरण की सलाह
35 की उम्र के बाद पुरुषों में एनर्जी, नींद और हार्मोन से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा बता रही हैं वे 5 जरूरी सप्लीमेंट्स जो इस उम्र के बाद शरीर को अंदर से मजबूत रखते हैं।
35 की उम्र के बाद पुरुषों के शरीर में कई अंदरूनी बदलाव शुरू हो जाते हैं जिनका असर एनर्जी लेवल, हार्मोन, नींद, मसल्स और दिल की सेहत पर पड़ता है। अक्सर काम का स्ट्रेस, कम धूप, अनियमित खानपान और नींद की कमी इन समस्याओं को और बढ़ा देती है। न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा के अनुसार, इस उम्र के बाद कुछ जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी आम हो जाती है जिसे केवल डाइट से पूरा कर पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता।
ऐसे में सही सप्लीमेंट्स को समझदारी से शामिल करना शरीर को अंदर से सपोर्ट दे सकता है। हालांकि, सप्लीमेंट्स कोई जादू नहीं हैं- इन्हें संतुलित आहार के साथ लेना ही सबसे बेहतर तरीका है। आइए जानते हैं वे 5 जरूरी सप्लीमेंट्स जो 35 साल से ऊपर हर पुरुष को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करने पर विचार करना चाहिए, साथ ही उन फूड्स के बारे में भी जो इन्हें नेचुरली सपोर्ट करते हैं।
1. Vitamin D- हड्डियों, इम्युनिटी और टेस्टोस्टेरोन के लिए जरूरी
- भारत में लगभग 80% लोग विटामिन D की कमी से जूझ रहे हैं। डार्क स्किन टोन होने की वजह से सूरज की रोशनी से विटामिन D का निर्माण कम होता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर, इम्युनिटी लो और टेस्टोस्टेरोन लेवल घट सकता है।
- फूड सोर्स: अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध और दही, मशरूम, आदि।
2. Omega-3 – दिल, दिमाग और सूजन के लिए
- फ्लैक्ससीड और अखरोट में मौजूद ALA शरीर में बहुत कम मात्रा में DHA/EPA में बदलता है। इसलिए हार्ट हेल्थ, ब्रेन फंक्शन और जॉइंट्स के लिए सप्लीमेंट जरूरी हो सकता है।
- फूड सोर्स: अलसी (Flaxseeds), अखरोट, चिया सीड्स, फैटी फिश (नॉन-वेज में)
3. Ashwagandha – स्ट्रेस, नींद और स्टैमिना के लिए
- 35 के बाद क्रॉनिक स्ट्रेस एक साइलेंट किलर बन जाता है। अश्वगंधा कोर्टिसोल को बैलेंस करता है, नींद सुधारता है और टेस्टोस्टेरोन सपोर्ट करता है।
- फूड/हर्बल सोर्स: अश्वगंधा पाउडर (गुनगुने दूध या पानी के साथ), आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्स
4. Vitamin B12 – एनर्जी और नर्व हेल्थ के लिए
- उम्र बढ़ने के साथ B12 का एब्जॉर्प्शन कम हो जाता है। इसकी कमी से थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी हो सकती है।
- फूड सोर्स: दूध, दही, पनीर, अंडे, फोर्टिफाइड अनाज, नॉन-वेज में मछली और मांस
5. Magnesium – गहरी नींद और रिकवरी के लिए
- अगर नींद पूरी नहीं होती या स्ट्रेस कम नहीं हो रहा, तो मैग्नीशियम मदद कर सकता है। यह नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है।
- फूड सोर्स: कद्दू के बीज, बादाम, काजू, पालक, डार्क चॉकलेट
हेल्थ नोट: हर किसी के शरीर पर हर चीज का असर एक जैसा नहीं होता। अगर आप इनमें से कोई चीज अपनी डाइट में शामिल करें और एलर्जी, एसिडिटी या कोई परेशानी महसूस हो, तो तुरंत बंद करें और डॉक्टर या न्यूट्रीशनिस्ट से सलाह जरूर लें।

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Shubhangi Guptaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




