Mother’s Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें हेल्थ का तोहफा, 50 के बाद उनके ये 5 टेस्ट जरूर कराएं

Deepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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मां हमेशा सभी का ख्याल रखती हैं लेकिन खुद का ध्यान रखना भूल जाती हैं। इस बार मदर्स डे के खास दिन पर आप मां को हेल्थ का तोहफा दीजिए। अगर उनकी उम्र 50 के पार हो चुकी है, तो 5 जरूरी टेस्ट करवाएं।

Mother’s Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें हेल्थ का तोहफा, 50 के बाद उनके ये 5 टेस्ट जरूर कराएं

Mother’s Day 2026: मां हर किसी का ख्याल रखती है, सभी के खाने-पीने, पहनने-ओढ़ने का लेकिन खुद का ध्यान रखना भूल जाती है। जब तक मां काम करती हुईं और एक्टिव दिखती रहती हैं तो हम भी उनकी खास परवाह नहीं करते। हमें लगता है कि वह बिल्कुल स्वस्थ हैं और कोई परेशानी नहीं है। सच बात ये है कि मां बीमार या थकान के बाद भी काम करती रहती हैं, जिससे बाकि किसी को परेशानी ना हो। अगर आपकी मां की उम्र 50 के पार हो चुकी हैं, तो इस बार मदर्स डे पर उनके 5 जरूरी टेस्ट जरूर करवाएं। इस मदर्स डे मां को हेल्थ वाला तोहफा दें और इन टेस्ट के जरिए उनकी सेहत का पूरा हाल लें। इन टेस्ट से पता चलेगा कि उनके शरीर में कोई कमी या बीमारी तो नहीं बन रही। ऐसे आप उनके शरीर में आने वाली किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या आने से पहले ही सतर्क हो जाएंगे। तो चलिए बताते हैं कौन से 5 टेस्ट करवाएं।

1. हार्ट चेकअप (Heart Screening)

50 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव खासकर एस्ट्रोजन के स्तर में कमी होती है, जो दिल की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। यही वजह है कि इस उम्र के बाद हृदय रोग (हार्ट डिजीज) का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जैसे हल्की थकान, सांस फूलना या सीने में हल्का दबाव, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में नियमित हार्ट चेकअप बेहद जरूरी हो जाता है। ब्लड प्रेशर की जांच से हाई या लो बीपी का पता चलता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है। वहीं, कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) से यह समझा जा सकता है कि खून में खराब (LDL) और अच्छा (HDL) कोलेस्ट्रॉल का स्तर कितना है। इसके अलावा ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) दिल की धड़कनों की गति और रिदम को रिकॉर्ड कर किसी भी असामान्यता का संकेत देता है।

2. बोन डेंसिटी टेस्ट (Bone Density Test)

50 की उम्र के बाद महिलाओं में हड्डियों की घनत्व (बोन डेंसिटी) धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिसका मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव, खासकर एस्ट्रोजन की कमी होती है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है, खासकर कूल्हों, रीढ़ और कलाई में। इस स्थिति का समय रहते पता लगाना बेहद जरूरी है। DEXA (ड्यूल-एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्प्शियोमेट्री) स्कैन एक सरल और बिना दर्द वाला टेस्ट है, जो हड्डियों की मजबूती की जांच करता है।

3. ब्लड शुगर टेस्ट (Blood Sugar Test)

डायबिटीज का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है। फास्टिंग और HbA1c टेस्ट से शुगर लेवल कंट्रोल में है या नहीं, इसका पता चलता है। ये टेस्ट बढ़ती उम्र के साथ बेहद जरूरी होता है।

4. कैंसर स्क्रीनिंग (Breast & Cervical Cancer Test)

50 के बाद ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है। मैमोग्राफी और पैप स्मीयर टेस्ट समय रहते बीमारी पकड़ने में मदद करते हैं। इस टेस्ट से आप ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर का पता लगा सकते हैं।

5. थायरॉइड और विटामिन टेस्ट (Thyroid & Vitamin Check)

थायरॉइड असंतुलन और विटामिन D व B12 की कमी इस उम्र में काफी आम हो जाती है। इससे थकान, वजन बढ़ना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर मां की उम्र 50 से ऊपर हो चुकी हैं, तो ये टेस्ट जरूर करवा लें।

Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava

दीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।


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