
‘कॉन्डम’ के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते ये 5 बातें, सेक्स डॉक्टर बोलीं- तभी होती है गलतियां!
Condom Facts: कॉन्डम का इस्तेमाल तो काफी पॉपुलर है, लेकिन अभी भी इससे जुड़ी कई बातें लोगों को नहीं पता हैं। डॉ तान्या ने कॉन्डम से जुड़े ऐसे ही 5 फैक्ट्स साझा किए हैं, जो काफी लोगों को नहीं पता लेकिन जानना बेहद जरूरी है।
कॉन्डम सबसे पॉपुलर कॉन्ट्रासेप्टिव मैथड है, जिसका इस्तेमाल अनचाही प्रेग्नेंसी और सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन से बचने के लिए किया जाता है। गर्भनिरोध का ये ना सिर्फ बहुत इफेक्टिव बल्कि बहुत ही किफायती तरीका भी है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर मेल पार्टनर द्वारा किया जाता है, जिससे स्पर्म और एग आपस में नहीं मिल पाते हैं। डॉक्टर्स की मानें तो अगर सही तरह से कॉन्डम का इस्तेमाल किया जाए तो, 98 प्रतिशत तक प्रेग्नेंसी का रिस्क टाला जा सकता है। हालांकि इसका इस्तेमाल तो काफी पॉपुलर है, लेकिन अभी भी इससे जुड़ी कई बातें लोगों को नहीं पता हैं। डॉ तान्या ने कॉन्डम से जुड़े ऐसे ही 5 फैक्ट्स साझा किए हैं, जो काफी लोगों को नहीं पता लेकिन जानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं।
सिर्फ वैजाइनल सेक्स में इस्तेमाल नहीं होता कॉन्डम
डॉ तान्या बताती हैं कि बहुत से लोगों को लगता है कि कॉन्डम सिर्फ वैजाइनल सेक्स के समय इस्तेमाल होता है, जो सही नहीं है। दरअसल वैजाइनल के अलावा एनल और ओरल सेक्स के दौरान भी कॉन्डम का यूज करना जरूरी होता है। वरना इन्फेक्शन और सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज फैलने का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
प्रेग्नेंसी और STD's से बचाने वाला एकमात्र मैथड
डॉक्टर बताती हैं कि कॉन्डम एकमात्र ऐसा कॉन्ट्रासेप्टिव मैथड है, जो ना सिर्फ अनचाही प्रेग्नेंसी से बचाता है, बल्कि सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियां जैसे HIV एड्स, सिफ़िलिस, गोनोरिया आदि से बचाव में भी मदद करता है।
कॉन्डम की भी होती है एक्सपायरी डेट
बहुत से लोगों को नहीं पता होता है कि कॉन्डम की भी एक्सपायरी डेट होती है और एक्सपायर्ड कॉन्डम को इस्तेमाल करना बिल्कुल भी सेफ नहीं माना जाता है। दरअसल समय के साथ कॉन्डम का लेटेक्स वीक होने लगता है, जिससे इसके लीक होने या फटने का चांस बढ़ जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन फैलने का खतरा हो सकता है। इसलिए सेफ सेक्स के लिए एक्सपायरी डेट एक बार जरूर चेक कर लें।
कॉन्डम को पर्स में रखना बंद करें
अगर आप कॉन्डम को अपने पर्स या वॉलेट में रखते हैं, तो ऐसा करना बंद कर दें। डॉ तान्या बताती हैं कि लगातार फ्रिक्शन की वजह से कॉन्डम में माइक्रो टीयर हो सकते हैं, जिससे इसके लीक होने या फटने का रिस्क बढ़ जाता है। कॉन्डम को हमेशा किसी स्थिर और साफ-सुथरी जगह पर ही रखना चाहिए जहां इसके साथ ज्यादा छेड़छाड़ ना हो।
कॉन्डम के साथ तेल या वैसलीन इस्तेमाल ना करें
डॉ तान्या कहती हैं कि कॉन्डम के साथ तेल या वैसलीन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये कॉन्डम को डिग्रेड करने का काम करते हैं। इनकी जगह अच्छा लुब्रिकेंट इस्तेमाल करना एक सेफ और बेहतर चॉइस है।

लेखक के बारे में
Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




