जिम में वेटलिफ्टिंग के दौरान चली गई लड़के की आंखों की रोशनी, जानें क्या है वल्साल्वा रेटिनोपैथी
जिम में लोग कई तरह के वर्कआउट करते हैं, जिसमें से एक होता है वेटलिफ्टिंग। हाल ही में दिल्ली के रहने वाले 27 साल के लड़के की आंखों की रोशनी वेटलिफ्टिंग करने के दौरान चली गई। चलिए बताते हैं इस पर आई सर्जन ने किया कहा।

वर्कआउट करते समय हार्ट अटैक के मामले आपने खूब सुने होंगे लेकिन क्या आंखों की रोशनी जाने का मामला सुना है। जी हां, हाल में ही मामला आया है, जिसमें दिल्ले में रहने वाले 27 साल के लड़के ने जिम में वेटलिफ्टिंग करते समय आंखों की रोशनी खो दी। इससे पहले उसे न आंखों में कोई दर्द था, न कोई अन्य परेशानी। बस उसने भारी वजन उठाने के लिए जैसे ही पूरा दम लगाया, वैसे ही उसे महसूस हुआ कि एक आंख से धुंधला दिख रहा है, साफ नहीं दिखाई दे रहा, जबकि दूसरी आंख बिल्कुल सही थी। ऐसे में वह फौरन डॉक्टर के पास भागा, दिल्ली एम्स के आई सर्जन डॉ. आशीष मार्कन ने वल्साल्वा रेटिनोपैथी डायग्नोज किया है।
क्या कहते हैं आई सर्जन
दिल्ली एम्स के आई सर्जन डॉ. आशीष मार्कन ने जांच करने के बाद बताया कि युवक की आंख में pre-retinal (subhyaloid) hemorrhage था, जो देखने वाले पार्ट मैकुला (macula) के लिए जिम्मेदार होता है। इसके अलावा डॉक्टर ने बताया कि अन्य जांच में vitreous hemorrhage भी सामने आया लेकिन राहत ये है कि इस दौरान रेटिना फटने या डिटैच होने के कोई भी संकेत नहीं थे। सर्जन ने जांच के आधार पर युवक की आंखों में वल्साल्वा रेटिनोपैथी डायग्नोज किया है।
क्या होता है वल्साल्वा रेटिनोपैथी
डॉक्टर आशीष के मुताबिक, वल्साल्वा रेटिनोपैथी (Valsalva Retinopathy) ऐसी स्थिती है, जब कोई भी भारी वजन या सामान उठाने पर आप सांस रोक लेते हैं और शरीर पर पूरा प्रेशर लगाते हैं। ऐसे में ये प्रेशर आपकी आंखों पर भी पड़ता है और उसकी नसें खिंचने लगती हैं। इस दौरान आंखों की नाजुक रक्त वाहिकाएं फट जाती है और दिखने की क्षमता कम या जा सकती है। इसके खास कारण हो सकते हैं- भारी वजन उठाना, जोर लगाकर कोई काम करना, तेज खांसी, उल्टी करने के दौरान भी रेटिना के अंदर ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसे में आपको कोई दर्द महसूस नहीं होगा, लेकिन आंखों की रोशनी पर असर होगा। ये समस्या स्वस्थ व्यक्ति के साथ भी हो सकती है।
ठीक होगा या नहीं
डॉक्टर मार्कन ने बताया कि 6 से 8 हफ्तों में ये पूरी तरह से ठीक हो जाएगा और युवक दोबारा सही से देखने लगेगा। इसके लिए उन्हें कुछ मेडिकेशन और आराम की जरूरत होगी। लेकिन दोबारा उन्हें वेटलिफ्टिंग जैसी चीजें करने से दूर रहना होगा। ऐसी स्थिती में दोबारा ये समस्या होने का डर रहता है।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।

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