Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर जगह-जगह सुनाई देते हैं ये 5 भजन, पढ़िए लिरिक्स
हनुमान जयंती भगवान श्री राम के परम भक्त श्री हनुमान के जनमोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस साल 2 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। इस खास दिन के लिए यहां देखिए 5 फेमस भजन के लिरिक्स।

भगवान श्री राम के परम भक्त श्री हनुमान का जनमोत्सव हनुमान जयंती के दिन मनाया जाता है। इस साल ये दिन 2 अप्रैल मनाया जाएगा। इस खास मौके पर जगह-जगह भंडारे होते हैं और हर कोई हनुमान भक्ति में लीन होता है। इस दिन मंदिरों में कीर्तन भी होता है। ऐसे में हम लेकर आए हैं हनुमान जी के 5 फेमस भजन जो जगह-जगह सुनाई देते हैं।
1) छम छम नाचे वीर हनुमान
छम छम नाचे वीर हनुमान, कहते हैं सब राम राम
राम राम, जय श्री राम, राम राम, जय श्री राम
छम छम नाचे वीर हनुमान, कहते हैं सब राम राम
हाथों में खड़ताल है इनके, मुख में राम का नाम
पैर में इनके घुंघरू बाजे, नाचे सुबह-ओ-शाम
इनके मन में राम बसे हैं, इनके तन में राम
छम छम नाचे वीर हनुमान, कहते हैं सब राम राम
जहां जहां कीर्तन होता प्रभु का, वहां वहां ये जाते
राम नाम की मस्ती के अंदर, झूम झूम कर गाते
भक्तों के ये बिगड़े बनाते, पल में सारे काम
छम छम नाचे वीर हनुमान, कहते हैं सब राम राम
रोम रोम में राम रमे हैं, क्या जाने संसार
सीना चीर दिखाया सबको, देखो बीच में राम
अंजनी पुत्र बड़े बलकारी, जग में जिनका नाम
छम छम नाचे वीर हनुमान, कहते हैं सब राम राम
जो भी इनका नाम जपता है, उसको मिलता राम
संकट मोचन नाम है इनका, करते पूर्ण काम
'लक्खा' भी अब शरण में तेरी, चरणों में परणाम
छम छम नाचे वीर हनुमान, कहते हैं सब राम राम
2) वीर हनुमाना अति बलवाना
वीर हनुमाना, अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे।
वीर हनुमाना, अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे।
अंजनी के पूत, राम के दूत,
तुम सा न कोई बलवाना रे।
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
वीर हनुमाना, अति बलवाना…
लंका जलाये, सिया सुध लाये,
अक्षय कुमार को पछारे रे।
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
द्रोणगिरी पर्वत को लाये,
लक्ष्मण जी के प्राण बचाये रे।
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे,
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
सीना चीर के तुम ने दिखाया,
हृदय में राम को बिठाया रे।
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
जो भी आए शरण तुम्हारी,
सब के संकट टारे रे।
राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
3) श्री बजरंग बाण
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान,
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान।
जय हनुमंत संत हितकारी, सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।
जन के काज बिलंब न कीजै, आतुर दौरि महा सुख दीजै।
जैसे कूदि सिंधु महिपारा, सुरसा बदन पैठि बिस्तारा।
आगे जाइ लंकिनी रोका, मारेहु लात गई सुरलोका।
जाय बिभीषन को सुख दीन्हा, सीता निरखि परम पद लीन्हा।
बाग उजारि सिंधु महं बोरा, अति आतुर यमकातर तोरा।
अक्षय कुमार मारि संहारा, लूम लपेटि लंक को जारा।
लाह समान लंक जरि गई, जय-जय धुनि सुरपुर महं भई।
अब बिलंब केहि कारन स्वामी, कृपा करहु उर अंतरयामी।
जय जय लखन प्रान के दाता, आतुर ह्वै दुख करहु निपाता।
जय हनुमान जयति बल-सागर, सुर-समूह-समरथ भट-नागर।
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले, बैरिहि मारु बज्र की कीले।
ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा, ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा।
सत्य होहु हरि शपथ पायके, राम दूत धरु मारु धायके।
जय जय जय हनुमंत अगाधा, दुख पावत जन केहि अपराधा।
पूजा जप तप नेम अचारा, नहिं जानत कछु दास तुम्हारा।
बन उपबन मग गिरि गृह माहीं, तुमरे बल हम डरपत नाहीं।
जनकसुता हरि दास कहावौ, ताकी शपथ बिलंब न लावौ।
जय जय जय धुनि होत अकासा, सुमिरत होत दुसह दुख नासा।
चरन शरण कर जोरि मनावौ, यहि अवसर अब केहि गोहरावौ।
उठु उठु चलु तोहि राम दुहाई, पाय परौं कर जोरि मनाई।
ॐ चं चं चं चं चपल चलंता, ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता।
ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल, ॐ सं सं सहमि पराने खल-दल।
अपने जन को तुरत उबारौ, सुमिरत होय आनंद हमारौ।
यह बजरंग बाण जेहि मारै, ताहि कहौ फिर कौन उबारै।
पाठ करै बजरंग बाण की, हनुमत रक्षा करै प्रान की।
यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते यम डरि-डरि के कांपै।
धूप देय अरु जपै हमेशा, ताके तन नहिं रहै कलेशा।
दोहा
प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
4) दुनिया चले न श्री राम के बिना
दुनिया चले न श्री राम के बिना,
राम जी चलें न हनुमान के बिना।
दुनिया चले न श्री राम के बिना,
राम जी चलें न हनुमान के बिना।
जब से रामायण पढ़ी है, एक बात मैंने समझी है।
रामायण पढ़ी है, एक बात मैंने समझी है।
लंका जले न हनुमान के बिना,
लंका जले न हनुमान के बिना।
राम जी चलें न हनुमान के बिना।
दुनिया चले न श्री राम के बिना...
लक्ष्मण का जब प्राण बचा था, शक्ति बाण जब लगा हुआ था।
लक्ष्मण जिए न हनुमान के बिना,
लक्ष्मण जिए न हनुमान के बिना।
राम जी चलें न हनुमान के बिना।
दुनिया चले न श्री राम के बिना...
बैठे सिंहासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हनुमान जी।
मुक्ति मिले न श्री राम के बिना,
भक्ति मिले न हनुमान के बिना।
राम जी चलें न हनुमान के बिना।
दुनिया चले न श्री राम के बिना...
सिता मैया की सुध लाये, राम जी को खुश कर आये।
पता चले न हनुमान के बिना,
पता चले न हनुमान के बिना।
राम जी चलें न हनुमान के बिना।
दुनिया चले न श्री राम के बिना
5) मुझे चरणों से लगा ले मेरे राम भक्त हनुमान
मुझे चरणों से लगा ले, मेरे राम भक्त हनुमान।
मेरी बिगड़ी बात बना दे, ओ अंजनी के बलवान।
मुझे चरणों से लगा ले...
मैं आया हूं दर पे तेरे, अब मेरी लाज बचाना।
अपना दास बना के बाबा, चरणों से लिपटाना।
मेरी सोई किस्मत जगा दे, ओ अंजनी के बलवान।
मुझे चरणों से लगा ले, मेरे राम भक्त हनुमान।
तेरी शक्ति का है बाबा, जग में बोलबाला।
तूने ही तो संकट में, अपनों को संभाला।
मेरा सोता भाग जगा दे, ओ अंजनी के बलवान।
मुझे चरणों से लगा ले, मेरे राम भक्त हनुमान।
तू ही राम का प्यारा है, तू ही सबका सहारा है।
जिसने तेरा नाम लिया, उसका बेड़ा पार है।
मेरी नौका पार लगा दे, ओ अंजनी के बलवान।
मुझे चरणों से लगा ले, मेरे राम भक्त हनुमान।
'लक्खा' भी अब द्वारे खड़ा, तुझको आज पुकारे।
कर दे कृपा की एक नज़र, ओ बाबा प्राण प्यारे।
मुझे अपना रूप दिखा दे, ओ अंजनी के बलवान।
मुझे चरणों से लगा ले, मेरे राम भक्त हनुमान।
मेरी बिगड़ी बात बना दे, ओ अंजनी के बलवान।
मुझे चरणों से लगा ले, मेरे राम भक्त हनुमान।
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