
सर्दियों में तुलसी के पौधे की देखभाल: ऐसे रखें पौधा को हरा और ताजा
सर्दियों में तुलसी के पौधे को ठंड, कोहरा और नमी से नुकसान पहुंच सकता है जिससे इसकी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं या पौधा सूख जाता है। ऐसे में सही देखभाल जरूरी है ताकि तुलसी हरी-भरी और स्वस्थ बनी रहे।
Gardening Tips: तुलसी का पौधा भारतीय घरों में ना केवल धार्मिक बल्कि औषधीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सर्दियों के मौसम में ठंड, कोहरा और नमी के कारण तुलसी का पौधा जल्द मुरझाने लगता है। इसकी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और कभी-कभी पूरा पौधा सूख भी जाता है। ऐसे में इसकी सही देखभाल करना बहुत जरूरी हो जाता है ताकि यह पौधा ठंड के मौसम में भी हरा-भरा बना रहे और अपनी खुशबू एवं औषधीय गुण बनाए रखे। सर्दियों में तुलसी की देखभाल करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है जैसे – उचित धूप, पानी की सही मात्रा, मिट्टी की गुणवत्ता और तापमान का नियंत्रण, आदि। आइए जानें सर्दियों में तुलसी के पौधे को स्वस्थ रखने के कुछ आसान और असरदार टिप्स।

सर्दियों में तुलसी के पौधे की सही देखभाल
- धूप की सही व्यवस्था करें: सर्दियों में तुलसी के पौधे को रोजाना कम से कम 4-6 घंटे धूप जरूर दें। यदि घर में धूप नहीं आती तो पौधे को बालकनी या छत पर रखें जहां सीधी धूप मिल सके।
- अत्यधिक पानी से बचें: ठंड में मिट्टी जल्दी सूखती नहीं, इसलिए ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं। हफ्ते में 2-3 बार ही हल्का पानी दें।
- मिट्टी को ढीला रखें: पौधे की मिट्टी को समय-समय पर हल्का ढीला करें ताकि हवा का संचार बना रहे और जड़ें स्वस्थ रहें।
- तापमान से बचाव करें: बहुत ठंडी हवाओं या पाले से पौधे को बचाने के लिए रात में इसे घर के अंदर रख सकते हैं। खासकर दिसंबर-जनवरी में यह कदम बहुत उपयोगी रहता है।
- सूखी पत्तियां हटाएं: पौधे की सूखी या पीली पत्तियों को नियमित रूप से हटाते रहें। इससे नई पत्तियों के उगने में मदद मिलती है।
- गोबर खाद या जैविक खाद का उपयोग करें: महीने में एक बार हल्की जैविक खाद डालने से तुलसी पौधे को आवश्यक पोषण मिलता है।
- प्लास्टिक कवर का प्रयोग करें: अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में पौधे को रात में पारदर्शी प्लास्टिक कवर से ढक दें, इससे ठंडी हवाओं से बचाव होगा।

लेखक के बारे में
Shubhangi Guptaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




