गणेश विसर्जन के लिए नहीं जाना होगा घाट, घर पर ऐसे करें बप्पा की विदाई
गणेशोत्सव गणपति विसर्जन के साथ पूरा हो जाता है। बहुत से लोग गणपति की स्थापना 1, 3, 5, 7 या 10 दिनों के लिए करते हैं। ऐसे में बप्पा की विदाई करने के लिए यहां जानिए घर पर विसर्जन करने का तरीका।

आज यानी 14 सितंबर को हर कोई गणेश चतुर्थी सेलिब्रेट कर रहा है। बप्पा के आगमन की धूम पूरे भारत में देखने को मिलती है। हर कोई इस दिन को उत्सव की तरह सेलिब्रेट करता है। गणेश चतुर्थी के दिन बहुत से लोग बप्पा की मूर्ति को अपने घर लेकर आते हैं और फिर पुजा के पास चौकी लगाकर स्थापित करते हैं। ऐसे में चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक गणेशोत्सव की धूम सब तरफ देखने को मिलती है। गणेश भक्त इच्छानुसार बप्पा को घर में 1, 3, 5, 7 या 10 दिनों के लिए स्थापित करते हैं। इस दौरान वह गणपति बप्पा को तरह-तरह की चीजों का भोग लगाते हैं, भक्ति करते है और फिर उनके कान में अपनी मनोकामना कहने के बाद विदा कर देते हैं। बप्पा की विदाई के लिए मूर्ति को विसर्जित किया जाता है। वैसे तो मूर्ति का विसर्जन करने के लिए घाट, नदी या फिर समुद्र किनारे लोग जाते हैं। लेकिन इसकी वजह से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है। आप चाहें तो घर पर भी बप्पी की मूर्ति को विसर्जित कर सकते हैं। यहां सीखिए कैसे-
कैसे करें बप्पा की छोटी मूर्ति का विसर्जन
अगर मूर्ति छोटी है, तो एक साफ बाल्टी या टब में पर्याप्त पानी भरें। उसमें थोड़ा गंगाजल मिला सकते हैं। गणपति जी को दोनों हाथों से सम्मानपूर्वक उठाएं। बप्पा के जयकारे लगाते हुए मूर्ति को धीरे से पानी में रखें। मूर्ति को पानी में तब तक रहने दें जब तक वह पूरी तरह न घुल जाए। अब पानी में घुली हुई मिट्टी को किसी साफ जगह की मिट्टी या गमले में डाल दें। अगर मूर्ति प्राकृतिक मिट्टी की है, तो उस मिट्टी को गमले में डालकर उसमें पौधा लगा सकते हैं।
कैसे करें बप्पा की बड़ी मूर्ति का विसर्जन
घर पर अगर आपने बप्पा की बड़ी मुर्ति स्थापित की है को इसके विसर्जन के लिए एक बड़ा प्लास्टिक का टब, सीमेंट का साफ पर्याप्त आकार का कंटेनर लें। आप नीले वाले बड़े ड्रम या हलवाई द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बड़े भगोने का इस्तेमाल कर सकते हैं। कंटेनर को ऐसी जगह पर रखें जहां पानी फैलने से नुकसान न हो, इसे छत या फिर घर के नीचे सड़क पर रख सकते हैं। मूर्ति को परिवार के 2–4 लोग मिलकर सावधानी से उठाएं। फिर मूर्ति को धीरे से पात्र में रखें। यदि मूर्ति बहुत बड़ी है और पूरी तरह पात्र में नहीं आ रही, तो उसे जबरदस्ती पानी में दबाएं या तोड़ें नहीं। प्राकृतिक मिट्टी की मूर्ति को पर्याप्त पानी देकर धीरे-धीरे गलने दें। मूर्ति को प्राकृतिक रूप से घुलने दें। अंत में बची मिट्टी को गमले या बगीचे की मिट्टी में मिला सकते हैं।
विसर्जन वाले टब को कैसे सजाएं
टब के बाहर की सजावट के लिए टब के चारों ओर गेंदे की फूल-माला लपेट दें। चाहें तो सामने गणपति बप्पा मोरया का छोटा बोर्ड लगा सकते हैं। इसके नीचे एक सुंदर लाल/पीला कपड़ा बिछाएं और चारों कोनों में छोटे लाइट वाले दीपक रखें। इसके अलावा टब के अंदर की सजावट के लिए भरे हुए टब में फूलों की कुछ पंखुड़ियां डालें। किनारे पर दूर्वा या फूल रख सकते हैं। आप टब को रखने के बाद उसके साइट में रंगों से रंगोली भी बना सकते हैं।


