बारिश में आखिर क्यों गर्मागर्म चाय-पकौड़ा खाने की होती है क्रेविंग? हो गया खुलासा
Coded Cravings of crispy pakoda in rainy season: बारिश शुरू होते ही आपके आसपास मौजूद लोग गर्मागर्म पकौड़े, समोसे, चाय की डिमांड करने लगते हैं। आपको भी क्रेविंग्स होती है तो जान लें आखिर बारिश में गर्मागर्म चाय-पकौड़ा खाने का दिल क्यों करता है।

बारिश हो रही हो तो गर्मागर्म पकौड़े की फरमाइश लगभग हर जुबान पर होती है। लेडीज हो या जेंट्स हर किसी को कुछ क्रिस्पी खाने का दिल करता है और गर्मागर्म पकौड़े एक नाम हो गया है। हालांकि लोग पापड़, चिप्स, समोसे जैसी क्रिस्पी चीजों को भी खूब लुत्फ उठाकर खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? आखिर क्यों हर किसी को अचानक से बारिश देखकर गर्मागर्म क्रिस्पी और चटपटा खाने का दिल करने लगता है। दरअसल, इसमे आपकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये शरीर का विज्ञान कहता है। तो आज जान लें आखिर मॉनसून में क्यों गर्मागर्म, क्रिस्पी पकौड़े या समोसे खाने का दिल कहता है।
बारिश में क्यों क्रिस्पी, गर्मागर्म पकौड़े खाने की क्रेविंग्स होती है?
बारिश के दौरान धूप की कमी से सेरोटोनिन लेवल कम हो जाता है, जिससे काफी सारे लोग उदास और डिप्रेस महसूस करते हैं। चूंकि धूप कम होती है इसलिए शरीर में विटामिन डी का प्रोडक्शन भी कम होता है, जो शरीर के लिए जरूरी है। सेराटोनिन लेवल बढ़ाने के लिए शरीर को कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है (भले ही थोड़ी देर के लिए), और पकौड़े यह काम बहुत अच्छे से करते हैं। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट में डीप-फ्राइड होने के अलावा क्रिस्पी होते हैं और हमारे आस-पास के नमी वाले बारिश के मौसम में ज्यादा क्रिस्पी पकौड़े खाने की जरूरत होती है ताकि सेराटोनिन लेवल बढ़ सके और हमारी उदासी दूर हो जाए।
तो आखिर कुछ लोगों को तीखा चटपटा खाने का मन क्यों होता है?
क्रिस्पी और डीप फ्राईड के साथ ही कुछ लोगों को तीखा, चटपटा खाने का दिल करता है। इसका कारण भी वहीं साइंस है। मिर्ची में कैपेसेसिन नाम का कंपाउंड होता है जो नर्व रिसेप्टर्स को ये एहसास करा देता है कि हमने कुछ गर्म खा लिया है और दिमाग उसी पर रिएक्ट करके हमें पसीना दिलाता है और हमारे ब्लडस्ट्रीम में खुशी लाने वाला डोपामाइन भी रिलीज करता है।
गर्मागर्म अदरक वाली चाय भी देती है खुशी
कुछ लोग तो एक प्याला अदरक वाली चाय से भी खुश हो जाते हैं तो इसका कारण भी वही है। अदरक में मौजूद जिंजरोल मॉलिक्यूल वही काम करता है जो मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन करता है और एक कप गर्मागर्म अदरक वाली चाय की जलन दिमाग को गर्माहट का संकेत देती है। जिससे पसीना निकलता है और डोपामाइन भी रिलीज होता है। जिससे मानसून में लोग गर्मागर्म चाय पीना भी काफी पसंद करते हैं।
लेखक के बारे में
Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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