एनालॉग पनीर: खरीदने से पहले ऐसे पहचानें, काम के टिप्स

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

पनीर खरीदते समय सिर्फ उसका रंग और आकार देखकर भरोसा न करें। कुछ आसान तरीकों से आप पहचान सकते हैं कि पनीर असली है या एनालॉग। आइए जानते हैं खरीदारी के दौरान किन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए।

Analogue Paneer Vs Real Paneer
पनीर खरीदते समय क्या आपने कभी सोचा है कि वह असली है या एनालॉग? इन तरीकों से पता लगा सकते हैं।

शायद ही कोई ऐसा हो जिसे पनीर पसंद ना हो। घर में मटर पनीर बनाना हो, रेस्टोरेंट में शाही पनीर ऑर्डर करना हो या शादी की दावत... पनीर हर जगह नजर आता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से एनालॉग पनीर काफी चर्चा में है। छत्तीसगढ़ में इसे बैन करने का बड़ा फैसला लिया गया है। वहीं, दूसरे राज्यों में भी इसके इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं।

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठना बिल्कुल जायज है कि आखिर एनालॉग पनीर होता क्या है? क्या यह नकली पनीर है? क्या इसे खाना सुरक्षित है? अगर आपके मन में भी यही सवाल हैं, तो आइए आसान भाषा में समझते हैं असली फर्क।

एनालॉग पनीर क्या होता है?

घर में बनने वाला पनीर दूध को फाड़कर तैयार किया जाता है। लेकिन एनालॉग पनीर बनाने का तरीका बिल्कुल अलग होता है। यह सिर्फ दूध से नहीं बनता। इसमें दूध के साथ वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च, मिल्क पाउडर और दूसरी खाने वाली चीजें मिलाई जाती हैं। फिर मशीन की मदद से इसे पनीर जैसी शेप दी जाती है और देखने में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा लगने लगता है।

क्या यह नकली पनीर है?

हर एनालॉग पनीर नकली नहीं होता। अगर इसे खाने लायक तय नियमों के अनुसार बनाया गया है और पैक पर साफ लिखा है कि यह एनालॉग पनीर है, तो इसे नकली नहीं कहा जा सकता। हां, अगर कोई इसे असली पनीर बताकर बेच रहा है, तो यह गलत है।

असली और एनालॉग पनीर में क्या फर्क है?

असली पनीर:

  • ताजे दूध से बनता है।
  • इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम होता है।
  • स्वाद और खुशबू अलग होती है।
  • कीमत भी थोड़ी ज्यादा होती है।

पनीर

एनालॉग पनीर:

  • इसे कई तरह की खाने वाली चीजों को मिलाकर बनाया जाता है।
  • इसकी लागत कम आती है।
  • होटल और फूड इंडस्ट्री में इसका काफी इस्तेमाल है।
  • देखने में यह असली पनीर जैसा ही लगता है।

क्या इसे खाना सेहत के लिए सही है?

अगर अच्छी कंपनी का बना हुआ एनालॉग पनीर है और खाने के नियमों के अनुसार तैयार किया गया है, तो इसे खाने से तुरंत नुकसान होने की बात नहीं कही जा सकती। लेकिन ध्यान रखें कि इसमें मिलने वाले पोषक तत्व असली पनीर जैसे हों, यह जरूरी नहीं है। कुछ एनालॉग पनीर में फैट और नमक ज्यादा भी हो सकता है। इसलिए अगर आप रोज पनीर खाते हैं, तो असली पनीर बेहतर विकल्प माना जाता है।

पनीर

कैसे पहचानें एनालॉग पनीर?

  1. अगर पैकेट पर 'एनालॉग पनीर', 'डेयरी व्हाइटनर बेस' या 'वेजिटेबल फैट' लिखा है, तो यह असली दूध से बना पनीर नहीं है। असली पनीर के लेबल में मुख्य सामग्री के रूप में दूध लिखा होता है।
  2. असली पनीर आमतौर पर दूध और नींबू का रस या सिरका से बना होता है। वहीं एनालॉग पनीर में वनस्पति तेल, स्टार्च, दूध पाउडर, इमल्सीफायर और अन्य पदार्थ हो सकते हैं।
  3. असली पनीर हल्का दानेदार और मुलायम होता है। एनालॉग पनीर अक्सर ज्यादा चिकना, रबड़ जैसा या बहुत एकसार बनावट वाला दिखता है।
  4. पकाने पर असली पनीर अपनी बनावट बनाए रखता है। कुछ एनालॉग पनीर बहुत ज्यादा मुलायम, चिपचिपे या जरूरत से ज्यादा पिघल सकते हैं।

नोट: एनालॉग पनीर कोई जहरीली चीज नहीं है, लेकिन असली पनीर और एनालॉग पनीर एक जैसे भी नहीं हैं। अगर आप घर के लिए पनीर ले रहे हैं और अच्छी मात्रा में प्रोटीन चाहते हैं, तो असली दूध से बना पनीर बेहतर रहेगा। ग्राहक के तौर पर आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपकी प्लेट में जो पनीर परोसा जा रहा है, वह आखिर है क्या। सही जानकारी होगी, तभी आप अपनी सेहत और जेब दोनों के हिसाब से सही फैसला ले पाएंगे।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें
Hindi News , Lifestyle News in Hindi , Health News , Recipe , Fashion , Beauty और Fitness से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsलाइफस्टाइल न्यूज़खानाएनालॉग पनीर: खरीदने से पहले ऐसे पहचानें!