हफ्ते भर तक नहीं सड़ेंगी हरी सब्जियां, जानें मेथी, पालक-बथुआ को स्टोर करने का सही तरीका
Tips to keep saag fresh for one week : समय ना होने की वजह से कई बार साग फ्रिज में ही दो-तीन दिन पड़े रहने से या तो गलने लगता है या फिर पीला पड़कर खराब हो जाता है। अगर आपके साथ भी अकसर ऐसा होता है तो इन नाजुक पत्तियों के स्वाद औ फ्रेशनेस को बरकरार रखने के लिए इन स्मार्ट तरीकों को अपनाएं।

सर्दियों की सुबह नाश्ते की प्लेट में गरमा- गरम मेथी के पराठों के साथ बथुआ का रायता खाने के लिए मिल जाए तो मानो पूरा दिन खास बन जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं स्वाद का यह जायका लेने के लिए घर की महिलाओं को कई घंटे साग साफ करने की मशक्कत करनी पड़ती है। दरअसल, बाजार से बड़े चाव से हम ढेर सारी हरी सब्जियां खरीद तो लाते हैं, लेकिन समय ना होने की वजह से वो कई बार फ्रिज में ही दो-तीन दिन पड़े रहने से या तो गलने लगती है या फिर पीली पड़कर खराब हो जाती है। अगर आपके साथ भी अकसर ऐसा होता है तो इन नाजुक पत्तियों के स्वाद औ फ्रेशनेस को बरकरार रखने के लिए इन स्मार्ट तरीकों को अपनाएं। ये स्मार्ट किचन टिप्स ना सिर्फ आपके साग को हफ्ते भर फ्रिज में फ्रेश बनाए रखेंगे बल्कि उसे खराब होने से भी बचाएंगे।
साग की फ्रेशनेस बनाए रखेंगे ये टिप्स
पेपर टॉवल
साग को फ्रिज में स्टोर करके रखने के लिए पेपर टॉवल का तरीका सबसे पुराना और असरदार है। इसके लिए आप साग से सबसे पहले पीले और खराब पत्ते अलग कर लें। ऐसा करने के बाद साग को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें ताकि साग का पानी सूख जाए। इसके बाद साग को काटकर पेपर टॉवल पर फैलाते हुए कुछ देर हवा में सूखने दें। जब साग का पानी सूख जाए तो एक कांच के एयरटाइट जार में नीचे एक पेपर टॉवल बिछाकर उसके ऊपर कटा हुआ साग डालकर ऊपर से पेपर टॉवल बिछाकर जार का ढक्कन बंद कर दें। पेपर टॉवल साग की अतिरिक्त नमी को सोखकर उसे हफ्तेभर तक फ्रेश बनाए रखता है।
जिपलॉक बैग
साग को स्टोर करने का यह दूसरा तरीका ज्यादातर गृहणियों का फेवरेट होता है। इसमें जिपलॉक बैग में कटी हुई मेथी, पालक या सोया को अलग-अलग बैग में भरने के बाद उसके अंदर एक टिश्यू पेपर डालकर बैग की हवा अच्छी तरह बाहर निकालकर बैग बंद कर दें। ऐसा करने से नमी कंट्रोल में रहती है और साग गलकर खराब नहीं होता है।
ब्लांचिंग
अगर आप हफ्तेभर के लिए घर से बाहर जा रहे हैं और चाहते हैं फ्रिज में रखा साग खराब ना हो तो ब्लांचिंग का उपाय बेस्ट होता है। इसमें कटी हुई सब्जी को 2 मिनट उबलते पानी में डालकर तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दिया जाता है। इसके बाद साग का पानी निचोड़कर उसके छोटे-छोटे हिस्से करके फ्रीजर में रख दें। जरूरत पड़ने पर आप सीधा इस साग को फ्रिज से निकालकर सब्जी या पराठे में डाल सकती हैं।
लेखक के बारे में
Manju Mamgain
शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।
करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता:
दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।
बहुमुखी प्रतिभा और विजन
उनका पत्रकारीय जुनून केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। वे आधुनिक जीवन की भागदौड़ में रिलेशनशिप की जटिलताएं, ब्यूटी ट्रेंड्स, फैशन, ट्रैवलिंग और फूड जैसे विषयों को भी एक्सपर्ट के नजरिए से कवर करती हैं। मंजू का मानना है कि डिजिटल युग में एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 'फैक्ट-चेकिंग' और प्रमाणिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक और बेहतर जीवन निर्णय ले सकें।
कोर एक्सपर्टीज (Core Expertise)
हेल्थ एवं वेलनेस: मेडिकल एक्सप्लेनर, फिटनेस और रिसर्च-आधारित स्वास्थ्य लेख।
लाइफस्टाइल: रिलेशनशिप, ब्यूटी, फैशन, ट्रैवल और किचन हैक्स।
एस्ट्रोलॉजी: अंकज्योतिष, राशिफल और व्रत-त्योहारों का ज्ञान।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



