जल्दी टूट जाते हैं चाय-कॉफी के कप? खरीदते समय ना करें ये 5 बड़ी गलतियां

Jan 19, 2026 08:44 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

ज्यादातर लोग मार्केट से कप खरीदते समय केवल उसकी बाहरी चमक-धमक देखते हैं, ऐसा करते हुए वो अकसर उन बारीकियों को नजरअंदाज कर देते हैं जो उसकी मजबूती तय करती हैं। अगर आप चाहते हैं कि बड़े चाव से खरीदे हुए चाय के कप बिना टूटे लंबे समय तक चले तो कप खरीदते समय इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें।

जल्दी टूट जाते हैं चाय-कॉफी के कप? खरीदते समय ना करें ये 5 बड़ी गलतियां

मेहमानों का स्वागत करना हो या शाम की थकान मिटानी हो, भारतीय घरों में परोसी जाने वाली एक कप चाय हर मर्ज का इलाज मानी जाती है। आजकल चाय परोसने के लिए बाजार में कई तरह के फैंसी और खूबसूरत कप दिखाई देते हैं। जिनके आकर्षक रंग और डिजाइन देखकर महिलाएं उन्हें खरीदकर घर ले आती हैं। लेकिन कुछ ही दिन बाद ये महंगे कप गर्म चाय डालते ही या तो चटक जाते हैं या फिर उनका हैंडल हाथ में निकलकर बाहर आ जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ अकसर होता रहता है तो कहीं आप चाय के कप खरीदते समय ये 5 गलतियां तो नहीं कर रहे हैं ? ज्यादातर लोग मार्केट से कप खरीदते समय केवल उसकी बाहरी चमक-धमक देखते हैं, ऐसा करते हुए वो अकसर उन बारीकियों को नजरअंदाज कर देते हैं जो उसकी मजबूती तय करती हैं। अगर आप चाहते हैं कि बड़े चाव से खरीदे हुए चाय के कप बिना टूटे लंबे समय तक चले तो कप खरीदते समय इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें।

बाजार से कप खरीदते समय रखें इन 5 बातों का ख्याल

हैंडल की मजबूती की जांच न करना

ज्यादातर कप हैंडल से ही टूटते हैं। कप खरीदते समय यह जरूर चेक करें कि कहीं कप का हैंडल अलग से तो नहीं चिपकाया हुआ या वह कप की बॉडी का ही हिस्सा है। इसकी जांच करने के लिए हैंडल और कप के जोड़ को ध्यान से देखें। अगर वहां दरार या असमान जोड़ दिखे, तो वह जल्दी टूट सकता है। इसके अलावा कप उठाते समय चेक करें कि आपकी उंगलियां हैंडल में आराम से फिट हो रही हैं या नहीं। अगर हैंडल बहुत पतला है, तो गर्म चाय का वजन पड़ने पर वह जोड़ से टूट सकता है।

कप की आवाज चेक किए बिना खरीदना

मिट्टी या सिरेमिक के कप की मजबूती उसकी आवाज चेक करके पता चलती है। इसके लिए आप कप को हल्के से अपनी उंगली (Knuckle) से बजाकर देखें। अगर कप से 'टन-टन' जैसी साफ और गूंजती हुई आवाज आती है तो, तो समझ जाएं कि कप मजबूत है। अगर आवाज दबी हुई या 'ठक-ठक' जैसी भारी आए, तो समझ लीजिए कि उसमें अंदरूनी दरार हो सकती है।

रोशनी के सामने रखकर देखें

अगर आप 'बोन चाइना' (Bone China) के कप खरीद रहे हैं, तो उसे रोशनी के सामने रखकर देखें। असली और अच्छी क्वालिटी का बोन चाइना पारभासी (Translucent) होता है, यानी आपको दूसरी तरफ अपनी उंगली की परछाई हल्की सी दिखाई देगी।

किनारों की मोटाई

बहुत ज्यादा पतले किनारों वाले कप दिखने में एलीट लगते हैं, लेकिन जरा सा टकराने पर उनके किनारे झड़ जाते हैं। मीडियम मोटाई के किनारे वाले कप सबसे टिकाऊ होते हैं।

ग्लैजिंग की क्वालिटी

बहुत कम लोगों को इस बात का पता होता है कि अगर कप के अंदरूनी हिस्से में पेंट या कोटिंग असमान है, तो वह चाय के दाग जल्दी पकड़ेगा और उसे साफ करना मुश्किल हो जाएगा।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता:
दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

बहुमुखी प्रतिभा और विजन
उनका पत्रकारीय जुनून केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। वे आधुनिक जीवन की भागदौड़ में रिलेशनशिप की जटिलताएं, ब्यूटी ट्रेंड्स, फैशन, ट्रैवलिंग और फूड जैसे विषयों को भी एक्सपर्ट के नजरिए से कवर करती हैं। मंजू का मानना है कि डिजिटल युग में एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 'फैक्ट-चेकिंग' और प्रमाणिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक और बेहतर जीवन निर्णय ले सकें।

कोर एक्सपर्टीज (Core Expertise)
हेल्थ एवं वेलनेस: मेडिकल एक्सप्लेनर, फिटनेस और रिसर्च-आधारित स्वास्थ्य लेख।
लाइफस्टाइल: रिलेशनशिप, ब्यूटी, फैशन, ट्रैवल और किचन हैक्स।
एस्ट्रोलॉजी: अंकज्योतिष, राशिफल और व्रत-त्योहारों का ज्ञान।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।