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Chhath Puja 2023: जल्द शुरू होने वाला है छठ महापर्व, नहाय-खाय से लेकर उषा अर्घ्य तक बनता है ये प्रसाद

Chhath Puja 2023: आस्था और तप का प्रतीक, छठ का महापर्व इस साल शुक्रवार, 17 नवंबर 2023 से नहाय खाय के साथ शुरु हो रहा है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में प्रसाद मे

Chhath Puja 2023: जल्द शुरू होने वाला है छठ महापर्व, नहाय-खाय से लेकर उषा अर्घ्य तक बनता है ये प्रसाद
Manju Mamgainलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीWed, 15 Nov 2023 01:09 PM
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Chhath Puja 2023 Bhog Prasad Recipe: आस्था और तप का प्रतीक, छठ का महापर्व इस साल शुक्रवार, 17 नवंबर 2023 से नहाय खाय के साथ शुरु हो रहा है। यह महापर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। छठ पूजा का व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना के साथ रखती हैं। छठ पूजा के दौरान पूजा से लेकर व्रत के प्रसाद तक, 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन किया जाता है। इस व्रत का समापन सप्तमी तिथि को प्रातः सूर्योदय को अर्घ्य देने के बाद होता है। ऐसे में अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में प्रसाद में किस दिन क्या बनाया जाता है तो पढ़ें ये खबर। 

कद्दू-भात नहाय-खाय-
छठ पर्व का पहला दिन नहाय-खाय इस साल शुक्रवार 17 नवंबर 2023 से शुरु हो रहा है। इस दिन प्रसाद के रूप में सात्विक रूप से कद्दू-भात तैयार किया जाता है। 

गुड़ की खीर खरना-
छठ पर्व का दूसरा दिन खरना इस साल 18 नवंबर 2023 को है। बता दें, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना मनाया जाता है। इस दिन व्रती दिनभर व्रत रखने के बाद रात को पूजा करके गुड़ से बनी खीर खाकर अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करता है। 

ठेकुआ मुख्य व्रत-
छठ पर्व का तीसरा दिन षष्ठी तिथि का होता है। इस साल छठ पूजा का तीसरा 19 नवंबर को मनाया जा रहा है। छठ पर्व के तीसरे दिन व्रती अपने परिवार के लोगों के साथ नदी, सरोवर, पोखर या तालाब में जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हुए छठी मईया का पूजन करता है। छठ के मुख्य प्रसाद में ठेकुआ बनाया जाता है। माना जाता है कि ठेकुआ के बिना यह त्योहार अधूरा होता है। इसे बनाने के लिए घर की आम रसोई से अलग एक अलग रसोई तैयार की जाती है, जहां चूल्हे पर इसे बनाया जाता है।

चौथा दिन उषा अर्घ्य-
छठ महापर्व का अंतिम दिन यानी सप्तमी तिथि इस साल 20 नवंबर को है। इस दिन प्रातः उगते सूर्य को जल,कच्चे दूध और प्रसाद से छठ पर्व का समापन किया जाता है। अर्घ्य देने के बाद व्रती प्रसाद का सेवन करके व्रत का पारण करती हैं। 

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