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हींग ऐसे करें इस्तेमाल तो बढ़ जाएगा खाने का स्वाद, जानें असली-नकली की पहचान

चुटकी भर हींग ना सिर्फ खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है बल्कि सेहत को भी कई तरह से लाभ पहुंचाती है। हींग का इस्तेमाल खानपान में कैसे सही तरीके से किया जाए, बता रही हैं कुकरी एक्सपर्ट नीरा कुमार

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हींग ऐसे करें इस्तेमाल तो बढ़ जाएगा खाने का स्वाद, जानें असली-नकली की पहचान
Kajal Sharma हिंदुस्तान , नई दिल्ली
Fri, 16 Feb 2024 1:14 PM

हींग मेरे भोजन का एक अभिन्न हिस्सा रहा है और आज भी है। दाल, कढ़ी,छाछ आदि में जब भी हींग का बघार लगता तो उसकी खुशबू मुझे हमेशा से बेहद पसंद रही है। हींग आमतौर पर अधिकांश भारतीय घरों में रसोई के मसालेदान में पाया जाने वाला, तेज खुशबू वाला मसाला है। अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद जोड़ने के अलावा यह और भी बहुत कुछ के लिए जाना जाता है। हींग को पहली बार मध्य पूर्व से मुगलों द्वारा 16वीं शताब्दी में भारत लाया गया था।

फिर यह धीरे-धीरे भारतीय मसालेदान का हिस्सा बन गया। आज की तारीख में हींग जैसे मसाले से कोई भी अनजान नहीं है। दाल, कढ़ी, सब्जी, खिचड़ी, छाछ आदि में तड़का लगाना हो या जलजीरा,पानी पूरी के मसाले में मिलाना हो, अचार में डालना हो, खट्टी-मीठी सोंठ बनानी हो... अधिकांश जगह इसका उपयोग होता ही है। हींग का उपयोग सिर्फ भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए ही नहीं किया जाता बल्कि विभिन्न आयुर्वेदिक लाभों के लिए भी किया जाता है। विशेष रूप से इसका संबंध हमारे पाचन से है। तभी तो बादी पैदा करने वाली दाल-सब्जी जैसे उड़द की दाल, बैंगन, फूलगोभी, अरबी आदि सब्जियों में इसका प्रयोग जरूर किया जाता है।

कैसे-कैसे हींग?
बाजार में हींग कई कंपनियों द्वारा बनाकर बेची जाती है। यह दो रूपों में उपलब्ध होती है:
• पीले रंग के पाउडर वाले मसाले के रूप में। इसकी गंध को कम करने के लिए आटे, चावल पाउडर या हल्दी के साथ मिलाकर पीसा जाता है।
• भूरे रंग की गांठ के रूप में भी हींग उपलबध है। इसका स्वाद ताजा व अधिक तीखा होता है। इसको पाउडर वाली हींग की तुलना में कम मात्रा में प्रयोग करने की आवश्यकता होती है।
• सबसे अच्छी कंधारी हींग मानी जाती है। पर, आजकल बाजार में नकली हींग में गंध के लिए एसेंस भी मिला दिया जाता है।

ऐसे करें इस्तेमाल
हींग के साथ खाना पकाने में कुछ कौशल की आवश्यकता होती है। जैसे दाल, कढ़ी, छाछ आदि में मैं तड़का लगाने के लिए तेल या घी को गर्म करती हूं, फिर जीरा, मिर्च या अजवाइन के साथ चुटकी भर हींग पाउडर डालकर तड़का लगाकर सामग्री को तुरंत ढक देती हूं ताकि उसकी खुशबू पूरी सामग्री में फैल जाए। हींग को एक और तरीके से इस्तेमाल करने के लिए मैं हींग के एक छोटे टुकड़े को कुचलकर पाउडर बना लेती हूं और थोड़ा सा गर्म पानी डालकर चिकना पेस्ट बनाती हूं । इस तरह से यह आसानी से सांबर, रसम, साग आदि में मिल जाता है। इसके अलावा समोसा, मठरी और पूरी का आटा गूंदते वक्त इसमें थोड़ा-सा हींग का घोल मिला दें तो स्वाद निखर आएगा।

असली हींग की पहचान
हींग खरीदते समय काफी सावधानी की आवश्यकता होती है। असली हींग की पहचान करने के लिए हींग के छोटे टुकड़े को पानी में घोलें, पानी का रंग दूध जैसा सफेद हो जाए तो यह असली हींग की पहचान है। दूसरा तरीका यह है कि माचिस की एक जलती हुई तीली हींग के पास ले जाएं। एक चमकदार लौ के साथ हींग जल जाए तो वह हींग असली है।

पोषक तत्वों से भरपूर
यह तो सब जानते हैं कि पेट में बनने वाली गैस हींग के प्रभाव से शांत हो जाती है । आयुर्वेद के अनुसार हींग गर्म तासीर वाली होती है तथा पित्त प्रधान भी। हींग पर की गई रिसर्च के अनुसार विटामिन, कैल्शियम ,फास्फोरस, आयरन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।

हींग के साथ दादी और नानी के नुस्खे
1 मैं तो अचार खराब न हो इसलिए जिस मर्तबान में अचार डालना होता है, उसमें हींग का धुआं लगा देती हूं।
2 छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर गुनगुने पानी के साथ थोड़ी हींग घोलकर नाभि के आसपास लगाने से बच्चे के पेट की गैस निकल जाती है और पेट दर्द ठीक हो जाता है।
3 हींग, अजवाइन, छोटी हरड़ और सेंधा नमक को बराबर मात्रा में लेकर पीसल लें। दिन में दो बार आधा-आधा चम्मच यह पाउडर खाएं और उसके बाद गुनगुना पानी पिएं। पेट का भारीपन खत्म हो जाएगा।
4 पुराने गुड़ के साथ हींग खाने से हिचकी रुक जाती है। महिलाओं की पीरियड संबंधी समस्याओं में, दांत दर्द, माइग्रेन और छाती में बलगम जमा होने पर भी हींग का इस्तेमाल प्रभावी होता है।

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