
सालों चलेगा दादी मां का बनाया अचार, जानें फफूंद से बचाने के 5 रामबाण तरीके
अचार को फफूंद से बचाना सिर्फ एक तरकीब नहीं बल्कि प्राचीन विज्ञान है। जिसमें नमक, तेल और तापमान का सही संतुलन बनाकर उसे सालों-साल खराब होने से बचाया जाता है।
दादी-नानी के हाथों से बने अचार की वो सोंधी महक और तीखा स्वाद याद आते ही आज भी जीभ चटखारे लेने लगती है, लेकिन उसी अचार के मर्तबान में जब सफेद फफूंद की परत दिखाई देने लगे, तो मानो महीनों की मेहनत और यादें एक पल में मिट्टी में मिल गईं हों। अचार को फफूंद से बचाना सिर्फ एक तरकीब नहीं बल्कि प्राचीन विज्ञान है। जिसमें नमक, तेल और तापमान का सही संतुलन बनाकर उसे सालों-साल खराब होने से बचाया जाता है। लेकिन कई बार अचार के साथ बरती गई एक छोटी सी लापरवाही भी अचार के स्वाद और महीनों की मेहनत खराब कर देती है। ऐसे में आइए जानते हैं अचार को फफूंद से बचाने के लिए कौन सी 5 गलतियां नहीं करनी चाहिए।
अचार को फफूंद से बचाने के अचूक तरीके
तेल - अचार को लंबे समय तक ठीक रखने का सबसे बुनियादी नियम यह है कि अचार हमेशा तेल में पूरी तरह डूबा होना चाहिए। तेल हवा और अचार के बीच एक अवरोध की तरह काम करके फफूंद पैदा करने वाले बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता है।
नमी से बचाव- अचार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सब्जियों या फलों (जैसे आम, नींबू, मिर्च) को धोने के बाद पूरी तरह सुखाना जरूरी होता है। इनमें हल्की सी भी नमी या पानी का अंश फफूंद को न्योता देता है।
बरनी का चुनाव- अचार रखने के लिए हमेशा कांच या चीनी मिट्टी के मर्तबान का प्रयोग करें। बरनी को इस्तेमाल से पहले उबलते पानी से धोकर तेज धूप में अच्छी तरह सुखा लें।
नमक - नमक केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव के तौर पर भी काम करता है। अचार में नमक की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखने से फफूंद लगने का खतरा कम हो जाता है।
गीले चम्मच से परहेज- अचार निकालते समय हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। बरनी के मुंह पर लगा हुआ मसाला भी साफ करते रहें, क्योंकि फफूंद अक्सर वहीं से शुरू होती है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




