कच्चे आम बिना केमिकल घर में पकाएं, 2-3 दिन में तैयार हो जाएंगे पीले-रसीले मैंगो
Tips to ripe mango without chemical: घर में बिना किसी केमिकल के कच्चे आमों को नेचुरल तरीके से दो से तीन दिन में पकाने का ये आसान सा हैक जरूर जान लें। गांव में खूब ज्यादा प्रचलित है ये तरीका।

मार्केट में पीले रसीले आम तो खूब मिल रहे हैं। लेकिन इन आमों को खरीदने से डर लग रहा क्योंकि सोशल मीडिया पर केमिकल से पके आमों का काफी ज्यादा शोर-शराबा है। वहीं काफी सारे लोग इस तरह के पीले पके आमों को खाकर उल्टियां भी कर रहे हैं। ऐसे में आप क्या पूरे सीजन आम ही नहीं खाएंगे? जवाब है नहीं, क्यों नहीं खाएंगे। आप घर में बगैर केमिकल सेफ तरीके से आमों को दो से तीन दिन में पकाकर खा सकते हैं। इसके लिए डिजिटल क्रिएटर गौरव यादव ने जो नेचुरल फार्मिंग को प्रमोट करते दिखते हैं। उन्होंने कच्चे आमों को नेचुरल तरीके से बगैर केमिकल के पकाने का सस्ता और सरल रास्ता शेयर किया है। जिससे आम पक जाएंगे और आप इन मीठे रसीले आमों का लुत्फ बगैर चिंता के उठा पाएंगे।
नेचुरल तरीके से आम को पकाने का नुस्खा
आम को बगैर केमिकल नेचुरल तरीके से पकाना है तो इस हैक को अपनाएं, जिसे गौरव यादव ने शेयर किया है।
- सबसे पहले किसी गत्ते यानी कार्टन को लें। उसके चारों तरफ अखबार लगा दें।
- अब इस गत्ते में कच्चे आमों को एक-एक करके रखें।
- ध्यान रहे कि आम साफ-सुथरे हों।
- एक लेयर आम की रखने के बाद उनके ऊपर दो पके हुए केले को रख दें। ये पके केले एथिलिन गैस प्रोड्यूस करेंगे और आम को बगैर ऊपर से किसी केमिकल को डालें पकाने में मदद करेंगे।
- बस ऊपर से एक लेयर आम की और रख दें।
- ध्यान रहे कि ज्यादा ना भरें नहीं तो ऊपर के आम के वजन से नीचे के आम पकने की बजाय गलना शुरू कर देंगे।
- बस अब अखबार की मदद से सारे आम को अच्छी तरह से कवर कर दें।
- फिर किसी ऐसे कमरे में रखें जहां पर पंखा, कूलर या फिर एसी ना चल रहा हो। कमरे में नेचुरल मौसम के तापमान वाली गर्मी हो।
- मात्र दो से तीन दिन में सारे आम पक जाएंगे।
- ध्यान रहे कि ये आम कहीं से भी खुलें ना हो नहीं तो बाहर की हवा लगेगी तो ये पकेंगे नहीं।
गांव वाले आजमाते हैं ये ट्रिक
आज भी गांव में जिन घरों में बड़ी मात्रा में आम की खेती होती है वो अपने आम को खाने के लिए खुद से पकाते हैं और इस ट्रिक को फॉलो करते हैं।
- सबसे पहले कच्चे आमों को एक-एक करके अखबार में लपेट देते हैं।
- फिर धान के पुआल को किसी कागज के गत्ते या लकड़ी के टोकरी में बिछाते हैं और इन अखबार में लिपटे आमों को रख देते हैं और ढंककर किसी गर्म कमरे में छोड़ देते हैं। चार से पांच दिन में सारे आम खूब पककर मीठे हो जाते हैं।
- तो बगैर केमिकल वाले आम खाना है तो इन प्रोसेस को फॉलो कर आमों को नेचुरली पकाएं।
लेखक के बारे में
Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।
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