न बिखरेंगे, न होंगे सख्त: नरम-मुलायम लौकी कोफ्ता बनाने के 5 सीक्रेट्स
Tips To Make Lauki Kofta : लौकी के कोफ्ते बनाना किसी बारीक कलाकारी से कम नहीं है, जहां स्वाद और बनावट के बीच एक बहुत महीन संतुलन साधना पड़ता है। एक परफेक्ट कोफ्ता वही है जो बाहर से अपना आकार बनाए रखे, लेकिन चम्मच लगाते ही मखमली एहसास के साथ टूट जाए।

भारतीय रसोई में कई ऐसे जायकेदार व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनका स्वाद हर उम्र के व्यक्ति को बेहद पसंद होता है। ऐसी ही एक डिश का नाम लौकी कोफ्ता करी है। लौकी की सब्जी को देखकर भले ही आप नाक-मुंह सिकोड़ते हों लेकिन उससे बने कोफ्ते देखकर हर किसी के मुंह में पानी भर जाता है। हालांकि अकसर घर की महिलाओं की यह शिकायत रहती है कि उनसे करी तो टेस्टी बनती है लेकिन लौकी के कोफ्ते या तो टाइट बनते हैं या फिर इतने सॉफ्ट की करी में ही घुलकर बिखर जाते हैं। जिससे ना सिर्फ कोफ्तों का स्वाद बल्कि मूड भी खराब हो जाता है। लौकी के कोफ्ते बनाना किसी बारीक कलाकारी से कम नहीं है, जहां स्वाद और बनावट के बीच एक बहुत महीन संतुलन साधना पड़ता है। एक परफेक्ट कोफ्ता वही है जो बाहर से अपना आकार बनाए रखे, लेकिन चम्मच लगाते ही मखमली एहसास के साथ टूट जाए। अगर आप भी हलवाई जैसा वही जायका और बनावट घर पर चाहते हैं, तो बस कुछ छोटी लेकिन जरूरी किचन टिप्स का ध्यान रखें।
लौकी कोफ्ता बनाने के लिए 5 आसान टिप्स
1. लौकी का पानी पूरी तरह निचोड़ें
लौकी को कद्दूकस करने के बाद उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद उसे मलमल के कपड़े या हाथों से जितना संभव हो उतना निचोड़ें। लौकी में बहुत अधिक पानी होता है। ऐसा करने से उसमें मौजूद पानी निकल जाएगा, जिससे लौकी के कोफ्ते गीले होकर टूटेंगे नहीं। कद्दूकस की हुई लौकी के पानी को आप इसकी ग्रेवी में इस्तेमाल करके स्वाद और पोषण दोनों को बनाए रख सकती हैं।
2. बेसन की सही मात्रा और तरीका
ज्यादा बेसन डालने से कोफ्ते 'रबड़' जैसे सख्त हो जाते हैं, और कम डालने से वे बिखर जाते हैं। ऐसे में इस बात का खास ख्याल रखें कि कोफ्ते बनाने के लिए बेसन डालने से पहले उसे हल्का भून लें। इस टिप को फॉलो करने से कोफ्तों में सोंधापन आता है और कम बेसन में भी अच्छी बाइंडिंग होती है। इस बात का खास ख्याल रखें कि कोफ्ते का मिश्रण ऐसा होना चाहिए कि वह बस हाथ में शेप ले सके, वह आटे की तरह सख्त नहीं होना चाहिए।
3. थोड़ा सा मोयन या दही
कोफ्तों को अंदर से जालीदार और नरम बनाने के लिए मिश्रण में एक चम्मच गरम तेल या एक चम्मच गाढ़ा दही मिलाएं। इससे कोफ्ते अंदर से सूखते नहीं हैं और करी को अच्छी तरह सोखते हैं।
4. तलने का सही तापमान
कोफ्तों को हमेशा मीडियम आंच पर फ्राई करें। तेज आंच पर कोफ्ते फ्राई करने से वो ऊपर से काले और अंदर से कच्चे रह जाएंगे। इसके विपरीत अगर आंच बहुत धीमी होगी, तो कोफ्ते बहुत ज्यादा तेल सोखकर भारी हो जाएंगे।
5. फॉलो करें गोल्डन रूल
यह सबसे महत्वपूर्ण टिप है। कोफ्तों को कभी भी ग्रेवी के साथ नहीं उबालें। जब ग्रेवी पूरी तरह पक जाए और आप गैस बंद करने वाले हों, तभी कोफ्ते डालें। परोसने से ठीक 5-10 मिनट पहले कोफ्ते ग्रेवी में डालकर ढक्कन लगा दें। भाप और ग्रेवी की गर्मी उन्हें नरम करने के लिए काफी होती है।
लेखक के बारे में
Manju Mamgain
शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।
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