लोहे की कढ़ाई में पका खाना क्यों लगता है टेस्टी?जानिए खास वजह
भारतीय रसोई में खाना पकाने के लिए लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोहे की कढ़ाई में बनी सब्जी का स्वाद टेस्टी क्यों लगता है? नहीं, तो जानिए वजह-Why does food cooked in an iron wok taste so good? Find out the special reason.

भारतीय रसोई में लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल सालों से किया जा रहा है। दादी-नानी अक्सर इन कढ़ाई में सब्जी बनाया करती हैं। हालांकि समय के साथ लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल कम होता गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कढ़ाई में बने खाने की रंगत काली हो जाती है। वहीं इस कढ़ाई की थोड़ी केयरिंग भी होती है, यही वजह है कि लोगों ने इसके इस्तेमाल को कम कर दिया। हालांकि, लोहे की कढ़ाई में बनी कुछ सब्जियों का स्वाद बहुत अलग होता है और अगर सेम तरीके से भी सब्जी को दूसरे धातू के बर्तन में बनाया जाए तो भी वैसा स्वाद नहीं आता। क्या आप जानते है वजह? नहीं, तो यहां जानिए लोहे की कढ़ाई में बनी कुछ सब्जियां क्यों टेस्टी लगता है।
1) धीमी आंच से उभरता है मसालों का स्वाद
इंडियन खाना पकाने में मसालों का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। जब मसाले सही तरह से तेल में भुनते हैं तो स्वाद इंहेंस हो जाता है। हल्के बर्तनों के मुकाबले जिनका तापमान घटता-बढ़ता रहता है, लोहे की कढ़ाई एक बार गर्म होने के बाद स्थिर आंच बनाए रखती है। जिसकी वजह से मसालों को धीरे-धीरे और समान रूप से पकने में मदद मिलती है, जिससे तीखी या जली हुई बदबू के बजाय बेहतरीन खुशबू आती है। लोहे की कढ़ाई में तैयार किए गए तड़के में खुशबू ज्यादा होती है और स्वाद भी अच्छा आता है।
2) एक समान पकने से स्वाद हो जाता है अच्छा
क्या आपने कभी नोटिस कियाा है कि एल्युमिनियम या फिर स्टील की कढ़ाई में बनाई गई सब्जी में कुछ हिस्सा अच्छे से गल जाता है लेकिन कुछ कच्चा ही रह जाता है। जबकि लोहे की कढ़ाई में हीट एक समान फैलती है जिससे बर्तन के तले में खाना जलता नहीं है और चीजें धीरे-धीरे पकती रहती है। राजमा, छोले, सांभर और अलग-अलग तरह की ग्रेवी वाली चीजें पारंपरिक तौर से धीरे-धीरे पकाई जाती हैं। ऐसे में लोहे की कढ़ाई में इन्हें बनाया जा सकता है। जब सब्जी धीरे-धीरे पकती है तो प्याज बेहतर तरीके से कैरमेलाइज होती है, टमाटर अच्छी तरह गल जाते हैं और सब्जियों और दालों में मसाले अच्छी तरह मिल जाते हैं। जब खाना किनारों से लेकर बीच तक एकसमान पकता है, तो स्वाद बेहतरीन आता है।
3) नेचुरल सीजनिंग बढ़ाती है स्वाद
काफी समय तक इस्तेमाल किए गए आयरन पैन पर तेलों की एक नेचुरल सीजनिंग परत बन जाती है। सालों तक खाना पकाने के दौरान इसकी सतह मसालों, खुशबूदार चीजों और खाना पकाने वाले फैट के बहुत छोटे-छोटे अंशों को सोख लेती है। इससे खाना ऑयली नहीं लगता, बल्कि पारंपरिक रेसिपी में एक हल्का स्वाद जुड़ जाता है। रोजाना बनने वाली डिशेज जैसे आलू की सब्जी, भिंडी या दाल में इसका स्वाद अच्छे से पता चलता है।


