कुंदरू का आ गया सीजन, किसान ने बताए कच्चे और सही टिंडोरा खरीदने के 3 आसान तरीके
बरसात में कई हरी सब्जियों का सीजन आता है और इसमें से एक है कुंदरू। कुंदरू की सूखी सब्जी लोग बनाकर खूब खाते हैं लेकिन अगर अंदर से ये पका होता है, तो सब्जी का स्वाद अच्छा नहीं आता। चलिए बताते हैं कच्चो और सही कुंदरू चुनने के आसान तरीके।

बरसात के सीजन में कई हरी सब्जियां बाजार में दिखने लगती हैं, जैसे कद्दू, कटीले परवल, कुंदरू। कुंदरू भी इन दिनों बाजार में दिख रहा है और अभी ये सब्जी सितंबर तक रहेगी। इसे कुंदुरी, टिंडोरा, टोंडली जैसे नामों से भी जाना जाता है और मानसून सीजन की ये खास सब्जी परवल की तरह दिखती है लेकिन इसके छिलके पर हल्के सफेद निशान होते हैं। इन्हें गोल आकार में काटकर सूखी सब्जी बनाई जाती है और कुछ जगहों पर रसेदार सब्जी भी खाना लोग पसंद करते हैं। कुंदरू विटामिन A, C, फाइबर, आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे तत्वों से भरपूर होता है, जिन लोगों के शरीर में आयरन-कैल्शियम की कमी होती है। उन्हें कुंदरू की सब्जी जरूर खानी चाहिए। बाजार में इन दिनों ये सब्जी बिक रही है और इसे पसंद करने वाले खरीद भी रहे हैं लेकिन कुछ कुंदरू ऊपर से हरे और अंदर से लाल निकल जाते हैं। लाल कुंदरू तब होता है, जब वह अंदर से पका होता है। ऐसे में उसे फेंकना ही पड़ता है, पके कुंदरू की सब्जी अच्छी नहीं बनती है। अगर आप भी कुंदरू खरीदते हैं, तो कच्चे और अच्छे टिंडोरा की पहचान कैसे करें आपको बताते हैं। हरदोई के किसान संतोष तिवारी ने कच्चे कुंदरू को परखने के 3 आसान तरीके बताए हैं।
मानसून की सब्जी है कुंदरू
कुंदरू गर्मियों के मौसम में उगता है और बरसात होने तक बाजार में आ जाता है लेकिन तेज गर्मी होने पर ही ये अंदर से पकने भी लगता है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, और महाराष्ट्र में खासतौर पर कुंदरू के उत्पादन का काम किया जाता है। लोग इसकी सब्जी तो खाते ही है, लेकिन कुछ लोग इसे कच्चा भी खा लेते हैं। इसका स्वाद सादी ककड़ी की तरह होता है, जिसमें हल्की मिठास होती है। अगर आप भी ये फायदेमंद सब्जी खाना पसंद करते हैं, तो खरीदने से पहले 3 बातों पर ध्यान जरूर दें।
- आकार और धारियों पर डालें नजर
कुंदरू खरीदने से पहले उसके आकार और धारियों पर नजर डालें। हमेशा छोटे आकार वाले कुंदरू चुनें, ऐसे टिंडोरा कच्चे होते हैं। बड़े आकार वाले कुंदरू अक्सर अंदर से पके होते हैं, क्योंकि वह पूरी तरह से पककर ही बड़े होते हैं। साथ ही सब्जी की धारियां अगर सफेदी या हरी है, तब सही है अगर धारियां पीली दिख रही है तो वह पक चुका है।
- दबाकर देखने से पता चलेगा
कुंदरू को हाथ में लें और हल्का सा दबाकर देखें। सख्त कुंदरू होगा तो दबेगा नहीं और पका हुआ फौरन गुलगुना मालूम होने लगेगा। अगर गुलगुला लग रहा है, तो वह पक चुका है। हमेशा सख्त और कड़े कुंदरू ही चुनें। ये एक ऐसी सब्जी है, जो जल्दी पकने और खराब होने लगती है।
- हरे रंग के झांसे में न फंसे
कुंदरू के छिलके का हरा-हरा रंग देखकर धोखा बिल्कुल भी न खाएं। कई बार ऊपर से हरा दिख रहा कुंदरू अंदर से पका लाल हो सकता है। ऐसे में आप इसे आधा काटकर या तोड़कर देख सकते हैं, अगर अंदर का गूदा हल्का सफेद या पीला है, तो वह सही है। पके हुए कुंदरू में अंदर के बीज कड़े और लाल रंग के दिखेंगे।
स्टोर करने का तरीका
कुंदरू को स्टोर करने का तरीका भी जान लीजिए वरना आप कच्चे टिंडोरा खरीद लेंगे लेकिन अगले ही दिन वह पक सकते हैं। कुंदरू को अच्छे से धोकर और उसका पानी सुखाकर किसी बैग या डलिया में रखें और फिर फ्रिज में रख दें। ध्यान रखें कि कुंदरू खरीदने के 1-2 दिन के अंदर उसे बना लें वरना वह पकना शुरू हो जाएंगे।
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