तेज भूख और कम समय ने बनवा दी पाव भाजी, इसकी सब्जियां मैश करने का है गजब कारण

Feb 28, 2026 05:56 pm ISTAvantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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पाव भाजी एक ऐसी डिश है जो ज्यादादर चाट की दुकान पर आपको आसानी से मिल जाएगी। इसे बहुत चाव से सभी खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे पहली बार कब बनाया गया था? नहीं, तो आइए इस आर्टिकल में जानते हैं पावभाजी की कहानी- 

तेज भूख और कम समय ने बनवा दी पाव भाजी, इसकी सब्जियां मैश करने का है गजब कारण

चाट की दुकान हो या फिर शादी का बुफे, पाव भाजी अपनी जगह बना ही लेती है। वैसे तो ये एक टेस्टी डिश है जिसे लोग नाश्ते से लेकर खाने तक में खाना पसंद करते हैं। ये एक महाराष्ट्रीयन डिश है जिसे अब पूरे भारत में चाव के साथ खाया जाता है। पाव भाजी बनाने के पारंपरिक तरीके से बड़े फ्लेट तवे पर बनाया जाता था लेकिन अब ये वन पॉट डिश बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाव भाजी को पहली बार कब बनाया गया और क्यों पाव भाजी बनाने के लिए इसकी सब्जियों को मैश किया जाता है।

पहली बार कब बनाई गई थी पाव भाजी

पाव भाजी को मुंबई में बनाया गया था। मक्खन से बनी इस डिश को 1861-1865 में अमेरिकी सिविल वॉर के दौरान हुई थी। इस वॉर के कारण अमेरिका से ब्रिटेन को कॉटन की आपूर्ति पर रोक लग गई, इसलिए अंग्रेजों ने मुंबई) की कपड़ा मिलों की ओर रुख किया। उनकी डिमांड को पूरा करने के लिए मिलें चौबीसों घंटे चलती रहीं। जिसमें वर्कर्स की शिफ्टें उन्हें थका देने वाली होती थीं और दोपहर में लंच का समय बहुत कम होता था। इस कम समय में दाल, चावल और रोटी खाने का मुश्किल था। इसलिए मिलों के बाहर स्ट्रीट वेंडर्स को कुछ ऐसा बनाना था जो जल्दी बने और वर्कर्स के लिए सस्ता और पेट भरने वाला हो। ऐसे में जो भी सब्जियां मौजूद थी उन्हें एक बड़े चपटे तवे पर मसालों के साथ मसलकर बटर के साथ पकाया गया। इन सब्जियों में ज्यादातर आलू, फूलगोभी और मटर थीं।

pav bhaji

क्यों पाव के साथ खाई गई भाजी

भाजी के साथ रोटी या चावल नहीं बल्की पाव खाए गए। ऐसा इसलिए क्योंकि रोटी को अलग-अलग बेलकर पकाना पड़ता है, लेकिन पाव एक साथ किए जाते हैं और इन्हें मक्खन लगाकर कुछ ही सेकंड में टोस्ट करके खाया जाता है।

भाजी की सब्जियां मसलने का कारण

भाजी की सब्जियों को मसलने का कारण सिर्फ बनावट नहीं है बल्कि यह विक्रेताओं की एक शातीर तरकीब थी। दरअसल वर्कर्स के पास समय की कमी होती थी और ऐसे में साबुत सब्जियों के टुकड़ों की तुलना में मसली हुई सब्जियां बहुत जल्दी पक जाती है। इसलिए भाजी को मसली सब्जियों के साथ बनाया जाने लगा।

मसाले का स्वाद होता है अलग

पाव भाजी का मसाला गरम मसाले से अलग होता है। गरम मसाले में एक तेज खुशबू और तीखापन होता है। जबकि पाव भाजी मसाले में आमचूर और अनारदाना का चटपटा स्वाद होता है और एक तेज खटास भी होती है।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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