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फूलगोभी का स्वाद बिगाड़ देती हैं ये 5 गलतियां, ढाबे जैसी खिली-खिली गोभी बनाने के लिए फॉलो करें टिप्स

फूलगोभी का स्वाद बिगाड़ देती हैं ये 5 गलतियां, ढाबे जैसी खिली-खिली गोभी बनाने के लिए फॉलो करें टिप्स

संक्षेप:

टेस्टी गोभी की सब्जी का राज उसे पकाते समय छोटी-छोटी बारीकियों में छिपा हुआ होता है। अगर आप भी इस बात से परेशान रहते हैं कि आपकी बनाई गोभी की सब्जी में वो ढाबे वाला स्वाद या खिला-खिला रंग क्यों नहीं आता, तो आप यकीनन ये 5 गलतियां कर रहे हैं।

Jan 07, 2026 04:22 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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रसोई में पकाई जाने वाली कोई भी डिश तभी स्वादिष्ट बनती है, जब उसे पकाने के सही समय और रेसिपी का खास ख्याल रखा जाए। भारतीय परिवारों में घर आए मेहमानों का स्वागत करना हो या शादी-पार्टी का फूड मेन्यू बनाना हो, आलू गोभी को फूड मेन्यू लिस्ट में खासतौर पर जगह दी जाती है। आलू-गोभी की सब्जी खाने में टेस्टी होने के साथ मुंह में भारतीय मसालों का जादू भी घोलकर रख देती है। लेकिन इस सब्जी को बनाना भी एक कला है। लोग अकसर यह शिकायत करते हैं कि आलू गोभी की सब्जी बनाते समय ज्यादा गलने की वजह से सब्जी हलवा बन जाती है। जिससे उसका असली स्वाद और कुरकुरापन कहीं खो जाता है। ऐसा ज्यादातर उन लोगों के साथ होता है जो आलू-गोभी को एक साधारण रेसिपी मानकर जल्दबाजी में पकाते हैं। जबकि टेस्टी गोभी की सब्जी का राज उसे पकाते समय छोटी-छोटी बारीकियों में छिपा हुआ होता है। अगर आप भी इस बात से परेशान रहते हैं कि आपकी बनाई गोभी की सब्जी में वो ढाबे वाला स्वाद या खिला-खिला रंग क्यों नहीं आता, तो आप यकीनन ये 5 गलतियां कर रहे हैं।

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गोभी की सब्जी पकाते समय की गई ये 5 गलतियां बिगाड़ देती हैं स्वाद

गोभी को बहुत छोटा काटना- अगर आप गोभी के फूल के टुकड़ों को बहुत छोटा काटते हैं, तो पकते समय वे जल्दी टूटकर गल जाते हैं। जिससे सब्जी हलवे जैसी बनकर तैयार होती है। गोभी की सब्जी काटते समय फूल हमेशा मीडियम साइज के काटें।

धोने के तुरंत बाद पकाना- गीली गोभी को सीधे तेल में डालने से वह 'फ्राई' होने की जगह 'स्टीम' होने लगती है, जिससे वह कुरकुरी नहीं बनती। इसके अलावा ऐसा करने से गोभी से अतिरिक्त पानी सब्जी में जाता है और गोभी जल्दी गल जाती है।

मसालों का ध्यान- अक्सर लोग गोभी डालने से पहले ही मसाले बहुत ज्यादा भून लेते हैं, जिससे गोभी के पकने तक मसाले जलकर कड़वे हो जाते हैं। जिससे गाभी की सब्जी का स्वाद खराब हो जाता है।

ढाबे वाले आलू गोभी कैसे बनाएं

ढककर ज्यादा देर पकाना- गोभी को जरूरत से ज्यादा देर तक ढककर पकाने से उसका प्राकृतिक रंग काला या गहरा भूरा पड़ जाता है।

गर्म पानी और नमक का इस्तेमाल न करना- फूलगोभी के अंदर अक्सर बारीक कीड़े होते हैं। इसे पकाने से पहले गुनगुने नमक के पानी में 5 मिनट न रखना सेहत और सफाई के लिहाज से बड़ी चूक है।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता:
दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

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