बारिश में सील गई है माचिस? इन 2 आसान ट्रिक्स से दूर करें नमी, फिर से जलेगी नई जैसी
बारिश के मौसम में माचिस सील जाती है और फिर नमी के कारण उसे जलाना मुश्किल हो जाता है। अगर आपकी माचिस की तीलियां सील गई हैं, तो उन्हें फिर से सही करने का आसान तरीका जान लीजिए।

बारिश का मौसम गर्मी से तो राहत दिलाता है, लेकिन घर के कुछ काम बढ़ा भी देता है। मानसून में किचन की कई चीजें, जैसे नमकीन, बिस्किट और माचिस, नमी की वजह से सील जाती हैं। माचिस की तीलियां लकड़ी की होती हैं, इसलिए बारिश के मौसम में इनमें आसानी से नमी आ जाती है। ऐसे में माचिस जलाना मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग सीली हुई माचिस को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ 2 आसान ट्रिक्स अपनाकर आप सीली हुई माचिस की नमी दूर कर सकते हैं और उसे फिर से लगभग नई जैसी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये तरीके लंबे समय से कई घरों में अपनाए जाते रहे हैं।
क्यों सील जाती हैं माचिस की तीलियां
माचिस की तीलियां लकड़ी और उनके सिरे पर लगे रसायनों से बनी होती हैं, जो हवा में मौजूद नमी को आसानी से सोख लेते हैं। मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है, तब तीलियां और डिब्बी दोनों नम हो जाते हैं। जब तीलियों में नमी आ जाती है, तो उनके सिरे पर मौजूद केमिकल आसानी से आग नहीं पकड़ पाते।
इन आसान ट्रिक्स से करें सही
माचिस की तीलियों को दोबारा सही करने के लिए आपको कोई खर्चा नहीं करना है और ना ही कहीं जाने की जरूरत है। किचन की ही कुछ चीजों से आप माचिस की नमी को दूर कर सकते हैं।
1- धूप या तवे पर सेंक लें
तेज धूप निकल रही हो तो अखबार पर माचिस की तीलियों को बिछाकर फैला दें। इससे नमी सूख जाएगी और ये सही हो जाएंगी। इसके अलावा तवे पर भी रखकर नमी दूर की जा सकती है। रोटी सेंकने के बाद तवा जब हल्का गरम रह जाए तब तीलियों को उस पर रखें। ज्यादा गरम तवे पर न रखें, वरना तीलिया खराब हो जाएंगी। तवा नहीं इस्तेमाल करना चाहती तो किसी भी गरम भगोने या बर्तन पर रख दें।
2- चावल या नमक वाला तरीका
चावल नमी को सोखने में मदद करता है। अगर माचिस सील गई है, तो उसे 5-6 घंटे के लिए सूखे चावल के डिब्बे में रख दें। इससे तीलियों में मौजूद नमी काफी हद तक कम हो जाएगी और उन्हें जलाना आसान हो सकता है। अगर चावल में न डालना चाहते हो, तो माचिस की डिब्बी को सूखे नमक के डिब्बे में भी कुछ घंटों के लिए रख सकते हैं। नमक भी नमी सोखने में मदद करता है, जिससे माचिस दोबारा इस्तेमाल करने लायक हो सकती है।
लेखक के बारे में
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