युवाओं को चिड़चिड़ा बना रहा वर्क फ्रॉम होम, समस्या से निपटने के लिए करें ये 4 काम

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वर्क फ्रॉम होम आज के समय में काम करने का एक फेमस और सुविधाजनक तरीका बन चुका है। लेकिन क्या ये वकई फायदेमंद है? रिपोर्ट्स की मानें तो एक स्टडी के मुताबिक वर्क फ्रॉम होम लोगों को चिड़चिड़ा बना रहा है। जानिए इस समस्या से निपटने के 4 तरीके।

युवाओं को चिड़चिड़ा बना रहा वर्क फ्रॉम होम, समस्या से निपटने के लिए करें ये 4 काम

वर्क फ्रॉम होम व्यक्ति ऑफिस जाने के बजाय अपने घर से ही काम करते हैं। इसके कई फायदे हैं। दरअसल, वर्क फ्रॉम होम में रोज-रोज ऑफिस आने-जाने का समय बचता है और पेट्रोल या मेट्रो का खर्च भी खत्म हो जाता है। इसके अलावा आप अपने कम्फर्ट के हिसाब से काम कर सकते हैं और अपने परिवार और बच्चों के साथ भी ज्यादा समय बिताने का मौका मिलता है। घर से काम करने के कई फायदे हैं, लेकिन 'साइंस' जर्नल में छपे शोध में दावा किया गया है कि घर से काम करना कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। उनमें अकेलेपन, तनाव, चिड़चिड़ेपन की शिकायतें बढ़ी हैं।

कितने कर्मचारियों पर हुआ शोध?

यह रिसर्च 5.80 लाख से ज्यादा अमेरिकी कर्मचारियों पर की गई है। शोध के अनुसार घर से काम करने की व्यवस्था लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। यह अध्ययन येल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की एम्मा जांग और रूरके ओ'ब्रायन ने किया है। रिमोट और नॉन-रिमोट नौकरियों वाले कर्मचारियों की तुलना से पता चलता है कि रिमोट वर्क अकेले बिताए जाने वाले समय और मानसिक परेशानी दोनों को बढ़ाता है।

घर से काम की प्रवृत्ति बढ़ी

कोरोना महामारी के बाद घर से काम करने वालों की संख्या बढ़ी है। वर्तमान में लगभग चार में से एक अमेरिकी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। पिछले शोधों में सामने आया था कि घर से काम करने वाले लोग अपनी नौकरी से ज्यादा संतुष्टि जरूर व्यक्त करते हैं, लेकिन उनके बीच चिंता और डिप्रेशन की दर ज्यादा होती है। शोधकर्ताओं ने 2011 और 2024 के बीच अमेरिकी कर्मचारियों पर की गई पांच स्टडीज की समीक्षा की। उन्होंने इंजीनियरिंग जैसे रिमोट-फ्रेंडली करियर वाले लोगों की तुलना नौकरियों में खुद मौजूद रहने वाले कर्मियों से की। महामारी से पहले और बाद के समय के बीच अमेरिका में सामने आई मानसिक परेशानी में बढ़ोत्तरी का लगभग एक तिहाई कारण रिमोर्ट वर्क हो सकता है। घर से काम करनेवाले कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाने की संभावना ज्यादा थी।

समस्या से निपटने के लिए करें ये 4 काम

  1. काम का समय तय करें- ऑफिस का समय पूरा होने के बाद लैपटॉप और ईमेल से दूरी बनाएं। इसके अलावा घर में काम करने के लिए एक स्पेसिफिक वर्क स्पेस बनाएं।
  2. ब्रेक लें- पोमोडोरो तकनीक का इस्तेमाल करें। जैसे 50 मिनट काम और 10 मिनट ब्रेक लें। ब्रेक के समय पर उठकर स्ट्रेचिंग करें।
  3. योग- मानसिक शांति और एनर्जी बनाए रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट योग करें।
  4. सेल्फ टाइम- हफ्ते में एक दिन ऐसा रखें जब आप खुद के लिए समय निकालें और अपनी पसंद का हर काम करें।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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