10 साल से ब्लोटिंग से परेशान महिला को न्यूट्रिशनिस्ट ने दी इस फल को खाने की सलाह, खत्म हो गई दिक्कत
पेट में अतिरिक्त हवा जमा होने की वजह से ब्लोटिंग की समस्या हो सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए एकसपर्ट ने एक फल खाने के बारे में बताया है। यहां जानिए इस फल को कैसे खाएं और ये कैसे काम करता है।

ब्लोटिंग यानी पेट फूलना या भारीपन महसूस होना एक बहुत ही आम समस्या है। जब आपके पाचन तंत्र में गैस भर जाती है या खाने को पचाने में दिक्कत होती है, तो पेट फूला हुआ और टाइट महसूस होने लगता है। ऐसा हमारे खाने के तरीके की वजह से हो सकता है। जब आप खाने को बिना चबाए तेजी से निगलते हैं, तो खाने के साथ बहुत सारी हवा भी पेट में चली जाती है, जो ब्लोटिंग का कारण बनती है। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा या सोडा वाटर में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है, जो पेट को फुला देती है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए एक ऐसे फल के बारे में बताया है जिससे उनकी क्लाइंट की 10 साल पुरानी ब्लोटिंग की समस्या दूर हो गई। आप भी जानिए-
क्या थी क्लाइंट की समस्या
एक्सपर्ट ने बताया की उनकी क्लांइट कि शिकायत थी कि वह सुबह उठते ही पेट फुलने की दिक्कत के साथ उठती थी और खाने के बाद उनका पेट टाइट हो जाता था। महिला हेल्दी खाती थीं लेकिन फिर भी उन्हें गैस हो जाती थी। इससे निपटने के लिए वह प्रोबायोटिक्स, गट पाउडर और कई दवाई ले चुकी लेकिन उन्हें बार-बार ब्लोटिंग होती रहती थी।
न्यूट्रिशनिस्ट ने क्या दी सलाह
न्यूट्रिशनिस्ट ने पोस्ट में लिखा है कि ब्लोटिंग कई बार इसलिए नहीं होती क्योंकि आप ज्यादा खा रहे होते हैं। बल्कि ये इसलिए भी हो सकती है क्योंकि पाचन क्रिया धीमी हो जाती है,आंतों की गति धीमी हो जाती है। इसलिए उन्होंने पुराने समय के मुताबिक सेब खाने की सलाह दी। आप भी जानिए कैसे और कब खाएं सेब। इसी के साथ ये भी जानें कि ये कैसे काम करता है।
आयुर्वेद में बताए तरीके से कैसे खाएं सेब
इस तरीके से सेब खाने के लिए सबसे पहले सेब को अच्छे से धोएं और फिर इसे स्टीम कर लें। अब एक चुटकी दालचीनी पाउडर और काली मिर्च डालें। इसमें चुटकी भर काला नमक डालें और फिर धीरे-धीरे चबाकर खाएं।
क्या है इसे खाने का सही समय
सुबह खाली पेट या दोपहर 12 बजे के आसपास इस फल को खाएं। इस समय पर आपकी आंत न्यूट्रीएंट्स को अच्छे से अबसॉर्ब करती है।
क्यों काम करता है सेब
सेब में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है ऐसे में ये डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अलावा दालचीनी मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है। काली मिर्च अवशोषण की बेहतरी में मददगार साबित होती है इसके अलावा काला नमक ब्लोटिंग को कम करने में मदद करती है।
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