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थायरॉयड असंतुलन को कंट्रोल करती हैं ये 3 मुद्राएं, जानें करने का सही तरीका

Yoga Mudras To Cure Thyroid Problems: क्या आप जानते हैं खानपान का ध्यान रखने के साथ योग को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाकर आप थायरॉयड को नियंत्रित कर सकते हैं। आइए जानते हैं थायरॉयड असंतुलन को कंट्रोल करने

थायरॉयड असंतुलन को कंट्रोल करती हैं ये 3 मुद्राएं, जानें करने का सही तरीका
Manju Mamgainलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 30 Nov 2023 01:33 PM
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Yoga Mudras To Cure Thyroid Problems: क्या आप भी हर समय थकान, कमजोरी, हेयर फॉल, अचानक बढ़ा हुआ या कम होते वजन के साथ रोजमर्रा के काम को करने में परेशानी   महसूस करते रहते हैं, तो हो सकता है इसके पीछे थायरॉयड की समस्या एक बड़ी वजह बन रही हो। ऐसा माना जाता है कि किसी व्यक्ति को एक बार थायरॉयड की समस्या होने पर यह समस्या कभी ठीक नहीं होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं खानपान का ध्यान रखने के साथ योग को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाकर आप थायरॉयड को नियंत्रित कर सकते हैं। आइए जानते हैं थायरॉयड असंतुलन को कंट्रोल करने वाली ऐसी ही 3 मुद्राओं के बारे में-    

क्या होती है थायरॉइड की समस्या-
थायरॉइड गर्दन के निचले हिस्से में तितली के आकार का छोटा सा ग्लैंड है। इसका वजन औसतन 30 ग्राम होता है। यह ग्रंथि दिमाग में स्थित पिट्युटरी ग्रंथि को नियंत्रित करने का काम करती है। इसके द्वारा स्रावित हार्मोन शरीर के कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह थायरॉक्सिन (टी3), ट्राईडोथॉयरोनिन (टी4) और टीएसएच हार्मोंन्स का स्रावण करती है। ये हार्मोन शरीर की मेटाबॉलिक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। जब इस ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं तो उसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है।

थायरॉयड के लक्षण-
थायरॉयड असंतुलित होने पर व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट, तेज हार्ट बीट, चिड़चिड़ापन, बहुत ज्‍यादा पसीना, कंपन, चिंता, नींद की समस्या, बाल और नाखून में पतलापन, मसल्‍स में कमजोरी, वजन घटना, भूख में वृद्धि, पेट खराब होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 

शंख मुद्रा- 
शंख मुद्रा करने के लिए सबसे पहले जमीन में बैठकर अपने बाएं हाथ को खोलकर दाएं हाथ के अंगूठे को हथेली से पकड़ें। इसके बाद बाएं हाथ के अंगूठे को ऊपर की ओर रखें। इसके बाद दाएं हाथ की उंगलियों को दूसरे हाथ की उंगलियों के साथ मिलाएं। अब इस मुद्रा को सीने पर रखें। रोजाना 30 मिनट इस मुद्रा के अभ्यास से आपको थायरॉयड में फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। 

उदान मुद्रा-
थायरॉयड रोग में उदान मुद्रा करने से भी लाभ मिलता है। इस मुद्रा के नियमित अभ्यास से मन और मस्तिष्क दोनों प्रभावित होते हैं। जिससे बुद्धि का विकास होने के साथ स्मरण-शक्ति भी बढ़ती है। इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले अंगूठा, तर्जनी, मध्यमा और अनामिका उंगलियों के शीर्ष को एक साथ मिलाते हुए अपनी कनिष्ठा को सीधा रखें। इस मुद्रा का अभ्यास रोजाना कम से कम 45 मिनट अवश्य करें। 

प्राण मुद्रा-
प्राण मुद्रा को कई जगह लोग 'जीवन मुद्रा' के नाम से भी जानते हैं। प्राण का अर्थ 'ऊर्जा' या जीवन होता है। प्राण मुद्रा पद्मासन के साथ किए जाने वाले योग का एक हिस्सा है। इसका अभ्यास करने से शरीर में हार्मोन्स के बैलेंस और मन को शांत करने में मदद मिल सकती है। थायरॉयड रोगियों के लिए इसका अभ्यास बेहद फायदेमंद हो सकता है। प्राण मुद्रा करने के लिए सबसे पहले किसी आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद अपनी रिंग फिंगर और छोटी उंगली को अंगूठे से जोड़ते हुए बाकी बची उंगलियों को सीधा रखें। ऐसा करते हुए अपनी रीढ़, सिर और पीठ को सीधा रखें।

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