फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News लाइफस्टाइल फिटनेसFasting: वेट लॉस में व्रत रखना है फायदेमंद लेकिन किन लोगों को नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग

Fasting: वेट लॉस में व्रत रखना है फायदेमंद लेकिन किन लोगों को नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग

Fasting: व्रत रहने का केवल धार्मिक महत्व नही है बल्कि ये साइंस से भी अप्रूव है। लेकिन इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से पहले ये जानना जरूरी है कि किन लोगों को इंटरमिटेंट फास्टिंग नुकसान कर सकती है।

Fasting: वेट लॉस में व्रत रखना है फायदेमंद लेकिन किन लोगों को नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग
Aparajitaलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीWed, 01 Nov 2023 02:33 PM
ऐप पर पढ़ें

सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत करती हैं। जिसमे पूरे दिन बिना कुछ खाए और पानी पिएं व्रत रखा जाता है। इस व्रत का जितना धार्मिक महत्व है उतना ही साइंटिफिक महत्व भी है। क्योंकि साइंस में व्रत रखने के काफी सारे फायदे बताए गए हैं। तेजी से वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग की सलाह दी जाती है। लेकिन कुछ लोगों को इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करना चाहिए। जानें कौन से लोग हैं जो इस फास्टिंग को भूलकर भी ना करें।

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग
इंटरमिटेंट फास्टिंग के अलग-अलग प्लान होते हैं। जिसमे कुछ घंटे खाने के होने के बाद फास्ट किया जाता है। कुछ प्लान दिन के हिसाब से भी होते हैं। जिसमे 5:2 का अनुपात रखा जाता है। इसका मतलब सप्ताह में 5 दिन सामान्य तरीके से खाना होता है और अगले दो दिन मात्र 500-600 कैलोरी ही लेनी होती है। लेकिन इंटरमिटेंट फास्टिंग से इन लोगों को बचना चाहिए।

टीन एज बच्चों को
टीन एज बच्चों को इंटरमिटेंट फास्टिंग की सलाह न्यूट्रिशनिस्ट नहीं देते हैं। अगर फास्टिंग सही तरीके से और एक्सपर्ट की सलाह पर ना की जाए तो इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी का डर रहता है। खासतौर पर बढ़ती उम्र में शरीर को सारे जरूरी पोषक तत्व मिलने चाहिए और इंटरमिटेंट फास्टिंग बॉडी को जरूरी पोषण लेने से रोक सकता है। जिसकी वजह से इंटरमिटेंट फास्टिंग को हार्मफुल बताया गया है। 

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को फास्टिंग से बचना चाहिए
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सारे जरूरी पोषक तत्व को लेने की सलाह दी जाती है। जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे का पूरी तरह से विकास हो सके। इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे को पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। 

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांए
जो महिलाएं बच्चों को ब्रेस्टफीड कराती हैं उन्हें भी इंटरमिटेंट फास्टिंग की सलाह एक्सपर्ट नहीं देते हैं। 

टाइप 1 डायबिटीज के मरीज
आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को इंटरमिटेंट फास्टिंग ना करने की सलाह दी जाती है। लेकिन टाइप 2 डायबिटीज के मरीज इसे सही तरीके से कर सकते हैं और ये सेफ है। लेकिन टाइप 1 डायबिटीज के मरीज, जो इंसुलिन लेते हैं उन्हें इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचना चाहिए। क्योंकि ब्लड शुगर लेवल के नीचे चले जानें से ऐसे मरीजों को हाइपोग्लाइसेमिया का खतरा रहता है। 

ईटिंग डिसऑर्डर के मरीजों को
जिन लोगों को हर वक्त तला-भुना, जंकफूड और बाहर का खाना खाने की मेंटल प्रॉब्लम होती है। उन्हें इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। क्योंकि लंबे समय तक भूखा रहने के बाद अनहेल्दी फूड का शरीर पर निगेटिव असर पड़ता है