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Hindi News लाइफस्टाइल फिटनेसप्रेग्नेंसी प्लान कर रहीं तो डॉक्टर से जानें किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी, नौ महीने नहीं होगी मुश्किलें

प्रेग्नेंसी प्लान कर रहीं तो डॉक्टर से जानें किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी, नौ महीने नहीं होगी मुश्किलें

नौ महीनों के मां बनने सफर के शुरुआत इन नौ महीनों से बहुत पहले से शुरू करनी होती है ताकि आपका शरीर इस मुश्किल सफर के लिए तैयार हो सके। कैसे? इस बारे में बता रही हैं दिव्यानी त्रिपाठी

प्रेग्नेंसी प्लान कर रहीं तो डॉक्टर से जानें किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी, नौ महीने नहीं होगी मुश्किलें
Aparajitaहिंदुस्तान,नई दिल्लीSun, 26 Nov 2023 02:27 PM
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फैमिली प्लानिंग... आजकल के ज्यादातर जोड़े इस प्लानिंग की अहमियत को समझते हुए ही परिवार को आगे बढ़ाते हैं। वे अपनी आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति का सटीक हिसाब-किताब बिठाने के बाद ही परिवार को आगे बढ़ाने के बारे में सोचते हैं। पर, कई बार इस प्लानिंग में होने वाली या हो सकने वाली मां की सेहत को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई बार इस अनदेखी के परिणाम कष्टकारी हो सकते हैं। अध्ययन बताते हैं कि गर्भावस्था में आने वाली चुनौतियां मैराथन दौड़ने के बराबर हैं। लिहाजा,  फिट शरीर सेहतमंद प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है। स्त्री रोग विशेषज्ञ विनीता श्रीवास्तव कहती हैं कि नौ महीने तक बढ़ते बच्चे को पालने के लिए अपने शरीर को तैयार करने के अलावा, व्यायाम आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी फायदेमंद होता है। कई अध्ययन कहते हैं कि नियमित व्यायाम ओव्यूलेशन को बढ़ाने में मदद करती है और गर्भधारण की संभावना में भी इससे इजाफा होता है।


शरीर के निचले भाग की मजबूती
गर्भावस्था के दौरान बढ़ते वक्त के साथ हमारे शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों पर भार बढ़ता जाता है। यूं समझिए कि वह इस दौरान ओवटाइम कर रही होती हैं। लिहाजा, आपको अपने कमर के नीचे की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए स्क्वाट, ब्रिज और डेडलिफ्ट सरीखे व्यायामों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेना चाहिए।

ताकि न हो बढ़ते वक्त के साथ समस्या
गर्भावस्था के साथ हमारे वजन में भी इजाफा होता है। ऐसे में कमजोर कोर मांसपेशियों के कारण पीठ के निचले हिस्से में दर्द और असुविधा हो सकती है क्योंकि वो बढ़ते वजन को सहन करने के लिए संघर्ष कर रही होती हैं। ऐसे में प्लैंक, साइड प्लैंक जैसी व्यायाम से अपने कोर को मजबूत करें और सांस वाले व्यायाम से पेट के लचीलेपन को बढ़ाएं।

पेल्विक फ्लोर को बनाइए मजबूत
गर्भ में बढ़ते बच्चे के लिए जगह बनाने के लिए पेल्विक फ्लोर खींचता है। इस दौरान खिंचाव बढ़ता है और नतीजा मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इस क्षेत्र में कमजोरी समय से पहले प्रसव तक का कारण बन सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप गर्भधारण करने से पहले ही पेल्विक मसल्स को मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दें। पेल्विक फ्लोर की ताकत को बढ़ाने के लिए आप क्विक फ्लिक,कीगल्स, हील स्लाइड, हैप्पी बेबी पोज, लंजेस, स्क्वैट्स जैसे व्यायाम नियमित रूप से कर सकती हैं।

लें ध्यान का सहारा
हमारी जिंदगी में तनाव बहुत बढ़ चुका है। पर, गर्भावस्था या गर्भधारण दोनों में ही तनाव नुकसान पहुंचा सकता है। तनाव से बचने में ध्यान बहुत कारगर साबित होता है। इस बाबत योग लवर ट्रस्ट के संस्थापक अंतरराष्ट्रीय योग गुरु सुनील सिंग कहते हैं कि हर रोज कम से कम पांच मिनट हर शख्स को ध्यान जरूर करना चाहिए। रात को सोने जाने के पहले दीवार से सट कर बैठ जाइए। आंखें बंद कीजिए और पूरा ध्यान दोनों आइब्रो के बीच केंद्रित कर लीजिए। इस दौरन ओम का उच्चारण कीजिए। यह अभ्यास ब्रेन के न्यूरॉन्स के लिए अच्छा होगा और तनाव कम होगा। इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाइए।

कार्डियो करें रोज
फिट रहना भला किसे अच्छा नहीं लगता। फिट रहने के लिए नियमित कार्डियो एक्सरसाइज करना आपके लिए अच्छा रहेगा। गर्भधारण करने से पहले भी कार्डियो फायदेमंद साबित होता है। गर्भावस्था के दौरान, गर्भवती के खून की मात्रा 45 प्रतिशत बढ़ जाती है, हृदय गति भी बढ़ जाती है। जिसके चलते गर्भकालीन हाई बीपी का खतरा भी हो सकता है। जानकारों की मानें तो कार्डियो व्यायाम इन सभी तनावों से निपटने में मदद करता है। इसके लिए आप ऐसी एरोबिक गतिविधि को चुन सकती है, जो आपको पसंद हो। चलना, दौड़ना, तैरना, साइकिल चलाना, डांस वगैरह भी इसके विकल्प हो सकते हैं।

कीजिए सूर्य नमस्कार
हर रोज सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपके पूरे  शरीर में लचक ले आएगा। बकौल सुनील इसकी शुरुआत आप तीन-चार चक्रों से कीजिए और समय के साथ बढ़ाती जाइए। इससे आगे और पीछे झुकना एक साथ हो जाएगा, जिसके चलते शरीर में लचीलापन आएगा। इससे शरीर के विभिन्न अंगों में रक्तसंचार बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता में इजाफा होगा। यकीनन इससे गर्भाधारण की संभावनाओं में भी इजाफा होगा।

यह भी आएंगे काम
खुद को फिट रखने के लिए आप आगे झुकने वाले पश्चिमोत्तान आसान भी कर सकती हैं। अगर आपको कमर दर्द की समस्या है, तो हमेशा योग गुरु के सानिध्य में ही यह आसन करें। इसके बाद बारी आती है पीछे झुकने वाले आसनों की। इसके लिए आप भुजंग आसन, कैमेल पोज आदि कर सकती है। कपालभाती भी आपके लिए कमाल का काम करेगा। सुनील के मानें तो इसे दो से तीन मिनट से शुरू करके 10 मिनट तक किया जा सकता है। इससे हमारे शरीर में कंपन होता है, जिसके चलते हमारे शरीर से विषाक्त निकल जाते हैं। इससे वजन कम होता है। रक्त के स्तर को दुरुस्त रखने में भी यह मददगार होता है।

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