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लंबे समय तक कब्ज की अनदेखी करने पर घेर सकती हैं ये समस्याएं, ये है एक्सपर्ट की सलाह

Risks of Untreated Constipation: आमतौर पर कब्ज को एक आम समस्या के रूप में देखा जाता है। लेकिन लंबे समय तक इसका इलाज ना करवाने पर ये समस्या कई बार अन्य बड़े रोगों को भी न्योता दे सकती है। 

लंबे समय तक कब्ज की अनदेखी करने पर घेर सकती हैं ये समस्याएं, ये है एक्सपर्ट की सलाह
Manju Mamgainमंजू ममगाईं,नई दिल्लीTue, 26 Dec 2023 06:47 PM
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Risks of Untreated Constipation: खानपान में फाइबर की कमी,पर्याप्त मात्रा में पानी ना पीने की आदत और खराब जीवनशैली अक्सर कब्ज का कारण बनती है। जिससे राहत पाने के लिए लोग कई बार घरेलू नुस्खों की मदद लेने से भी पीछे नहीं हटते हैं। आमतौर पर कब्ज को एक आम समस्या के रूप में देखा जाता है। लेकिन लंबे समय तक इसका इलाज ना करवाने पर ये समस्या कई बार अन्य बड़े रोगों को भी न्योता दे सकती है। 

मणिपाल अस्पताल(जयपुर) के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ शंकर लाल जाट कहते हैं कि आजकल कब्ज का इलाज समय पर ना करवाने से उत्पन्न गंभीर परिणामों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ रही है। ऐसे में कब्ज की गंभीरता को समझते हुए व्यक्ति को अपने पुराने या गंभीर कब्ज का इलाज डॉक्टर से मिलकर समय पर करवाना जरूरी है। कब्ज को नजरअंदाज करने पर व्यक्ति को सेहत से जुड़े ये खतरे झेलने पड़ सकते हैं। 

तनाव व तकलीफ-

शौच के समय ज्यादा जोर लगाने से मलाशय के कमजोर ऊतकों पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है, जिससे बवासीर और गुदा में दरारें हो सकती हैं। ये बहुत अधिक पीड़ादायक होता है। अगर यह समस्या बढ़ जाती है तो इसके लिए सर्जरी करवाने तक की आवश्यकता हो सकती है।

आंतों में मल की रूकावट-

यदि आंतों में बहुत लंबे समय तक मल जमा रहता है, तो यह कठोर होकर आंतों की दीवारों से चिपक सकता है,जिसे निकालने के लिए डॉक्टर की मदद की जरूरत पड़ सकती है। यह मल आंतों में जमकर आगे का रास्ता अवरुद्ध करके आपात स्थिति उत्पन्न कर सकता है। जिसकी वजह से तत्काल लेजर सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

कोलन कैंसर का खतरा-

इस विषय में अभी शोध चल रहा है,लेकिन कुछ अध्ययनों में सामने आया है कि पुरानी कब्ज के कारण कोलन में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कब्ज का तत्काल और प्रभावशाली इलाज कराना बहुत जरुरी है।

मानसिक और भावनात्मक असर-

कब्ज शारीरिक परेशानी के अलावा, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक असर भी डाल सकता है। इसकी वजह से चिंता,अवसाद और कभी-कभी सामाजिक तिरस्कार का सामना भी करना पड़ सकता है।

सलाह-

ध्यान रखें, कब्ज का इलाज संभव है। कब्ज बढ़ने या ज्यादा समय तक बने रहने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर हर व्यक्तिगत परिस्थिति के अनुरूप इलाज की सलाह दे सकता है। इसके लिए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से लेकर फाइबर रिच फूड का सेवन और पानी का सेवन करने के साथ पेट साफ करने के लिए दवाओं का उपयोग करना शामिल हो सकता है।

कब्ज से राहत देंगे ये उपाय-

फलों,सब्जियों और साबुत अनाज सहित पर्याप्त मात्रा में फाइबर खाकर कब्ज को रोका जा सकता है। बहुत सारे तरल पदार्थों का सेवन,नियमित रूप से व्यायाम करके, नियम से समय पर मल त्याग करके कब्ज को होने से रोका जा सकता है। बहुत कम मामलों में आंत को बायपास करने की जरूरत पड़ती है,जिसके लिए कोलोस्टॉमी (कोलन के बाहर से अंदर की ओर बनाया जाने वाला रास्ता) जैसी सर्जरी की जाती है। सर्जरी कब्ज के कारण और मरीज की स्थिति पर निर्भर होती है। सर्जरी के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सभी संभावनाओं के बारे में बात करके उन्हें अच्छी तरह समझ लें।

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