4 चीजों को मिलाकर तैयार करें पाउडर, छूमंतर हो जाएगी गैस और ब्लोटिंग

Avantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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गैस और ब्लोटिंग की समस्या काफी कॉमन है। जिसके होने पर अक्सर लोग सोड़ा पीते हैं या फिर दवाई खाते हैं। लेकिन अगर आप देसी तरीके से इस समस्या से निपटना चाहते हैं तो न्यूट्रिशनिस्ट द्वारा बताए गए पाउडर कर बनाकर खाएं।

4 चीजों को मिलाकर तैयार करें पाउडर, छूमंतर हो जाएगी गैस और ब्लोटिंग

पाचन तंत्र में गड़बड़ी के कारण गैस और ब्लोटिंक की समस्या होती है। वैसे तो ये दोनों ही बेहद आम प्रॉब्लम हैं, लेकिन खासतौर से तब होती है जब पेट में अत्यधिक हवा या गैस जमा हो जाती है। इस तह की दिक्कत होने पर पेट भरा हुआ, कड़ा और सूजा हुआ महसूस होता है। पाचन तंत्र से जुड़ी दो मुख्य वजहों में से एक गैस बनना है। आसान शब्दों में समझे तो खाना पचाने के दौरान बैक्टीरिया द्वारा बनाई गई गैस, और खाना खाते समय हमारे द्वारा निगली गई हवा की वजह से गैस या ब्लोटिंग हो सकती है। इस समस्या से निपटने के लिए लीमा महाजन हार्मोन हेल्थ और वेट लॉस एक्सपर्ट ने एक चूर्ण के बारे में बताया है, जिसे घर पर आसानी से ये बन सकते हैं। सीखिए बनाने का तरीका-

पाउजर बनाने के लिए क्या चाहिए

इस पाउडर को बनाने के लिए आपको चाहिए सौंफ, मेथी, इलायची और काला नमक।

कैसे बनाएं पाउडर

पाउडर बनाने के लिए सभी चीजों को एक-एक करके तवे पर हल्का रोस्ट करें। फिर एक ब्लेंडर की मदद से सभी चीजों को मिक्स करके एक पाउडर बना लें।

कैसे करें पाउडर का सेवन

गैस या ब्लोंटिंग से बचने के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच पाउडर मिलाएं और इसे घूंट-घूंट करके पिए। इस पाउडर को खाने से 30 मिनट पहले पीना है।

पाउडर में इस्तेमाल चीजों के फायदे

1) सौंफ -इसमें एनेथोल होता है, जो आंतों की मांसपेशियों को आराम देता है। गैस और पेट फूलने से राहत देने के साथ ही ये एसिडिटी को संतुलित करता है। सौंफ पेट में पाचक रसों और एंजाइमों के स्राव को बढ़ाती है, जिससे खाना सड़ने के बजाय ठीक से पचता है।

2) मेथी- इसमें गैलेक्टोमैनन यानी घुलनशील फाइबर की भरपूर मात्रा में होता है, जो भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है। ये मल त्याग में मदद करता है और कब्ज से बचाता है।

3) इलायची - इसमें सिनेओल जैसे आवश्यक तेल होते हैं, जो पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करने में मदद करते हैं और भारीपन को कम करते हैं।

4) काला नमक- काला नमक गैस से राहत देता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। काले नमक को आयुर्वेद में पाचन के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से कई मिनरल्स और आयरन पाए जाते हैं। इसमें अल्कालाइन गुण होते हैं जो पेट में एसिड के स्तर को संतुलित करते हैं, जिससे खट्टी डकारें और सीने में जलन से राहत मिलती है।

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लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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