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मौसम बदलते ही परेशान करने लगता है जोड़ों का दर्द, ऐसे रखें ख्याल

मौसम बदलते ही परेशान करने लगता है जोड़ों का दर्द, ऐसे रखें ख्याल

संक्षेप:

आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में वात दोष बढ़ता है, तो वह जोड़ों में सूखापन और कठोरता पैदा करता है। यही वजह है कि जिन लोगों को गठिया या जोड़ों की पुरानी तकलीफ होती है, उन्हें मौसम बदलने पर तकलीफ भी ज्यादा होती है।

Fri, 24 Oct 2025 11:41 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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मौसम बदलते ही बहुत से लोगों को जोड़ों में जकड़न, दर्द या सूजन की शिकायत बढ़ जाती है। ठंड के मौसम में यह समस्या खासकर ज्यादा महसूस होती है। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में वात दोष बढ़ता है, तो वह जोड़ों में सूखापन और कठोरता पैदा करता है। यही वजह है कि जिन लोगों को गठिया या जोड़ों की पुरानी तकलीफ होती है, उन्हें मौसम बदलने पर तकलीफ भी ज्यादा होती है।

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जोड़ों के दर्द में मौसम का असर

आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप कहते हैं कि सर्दी या नमी वाले दिनों में शरीर की ऊष्मा कम हो जाती है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा पड़ता है। नतीजतन जोड़ों में जकड़न और सूजन बढ़ती है। कभी-कभी हल्का दर्द भी अचानक तीव्र हो जाता है। आयुर्वेद इसे वात और कफ दोष की असंतुलित अवस्था मानता है। इस समय अगर आप अपने भोजन और दिनचर्या पर थोड़ा ध्यान दें, तो तकलीफ काफी हद तक कम की जा सकती है।

जोड़ों के दर्द से राहत देंगे ये आयुर्वेदिक उपाय

-सुबह गुनगुने तिल या सरसों के तेल से जोड़ों की हल्की मालिश करें।

-नहाने से पहले शरीर पर तेल की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है।

-सर्दियों में नहाने के लिए गुनगुने पानी का यूज करें, ठंडे पानी से नहाने से बचें।

-भोजन में अदरक, हल्दी, लहसुन और मेथी शामिल करें। इन सभी चीजों में प्राकृतिक सूजनरोधी गुण मौजूद होते हैं।

-बहुत देर तक बैठे या खड़े न रहें, बीच-बीच में हल्का व्यायाम ज़रूर करें।

आयुर्वेदिक चिकित्सा से लाभ

यदि दर्द पुराना है, तो चिकित्सक की सलाह से मालिश, स्वेदन या वस्ती जैसे आयुर्वेदिक उपचार मददगार साबित हो सकते हैं। ये उपचार वात दोष को शांत करके जोड़ों की गति और लचीलेपन में सुधार करते हैं। साथ ही, पंचकर्म चिकित्सा से शरीर में जमा हुए विषाक्त तत्व निकल जाते हैं, जिससे सूजन और दर्द में राहत मिलती है।

सलाह

जोड़ों की देखभाल केवल दवा लेने से नहीं, बल्कि सही जीवनशैली अपनाने से भी होती है। मौसम बदलने पर अपने शरीर की जरूरतों को समझें, गर्माहट और लचीलापन बनाए रखें। अगर दर्द या सूजन बढ़े, तो लापरवाही न करें, समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। आयुर्वेद में जोड़ों की तकलीफ के लिए प्राकृतिक, सुरक्षित और स्थायी समाधान उपलब्ध हैं, बस थोड़ा ध्यान और नियमित देखभाल की जरूरत है।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

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