मुगल बेगमों की शान चांदबाली कैसे बनी मॉडर्न स्टेटमेंट? आज भी कम नहीं हुई शाही चमक!
Chandbali Earrings: चांदबाली अपने शाही और पारंपरिक लुक की वजह से खास मौकों पर पहनी जाती है और महिलाओं की खूबसूरती को और निखार देती है। चलिए जानते हैं कि इस बेहद पॉपुलर और शाही ज्वेलरी के खूबसूरत इतिहास को।

भारतीय ज्वैलरी की दुनिया बहुत रंगीन और समृद्ध रही है। हर गहने के पीछे एक कहानी, एक परंपरा और एक खास पहचान जुड़ी होती है। उन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय ईयररिंग डिजाइन है चांदबाली। यह अपने खूबसूरत आधे चांद जैसे आकार और बारीक कारीगरी के लिए जानी जाती है। चांदबाली अपने शाही और पारंपरिक लुक की वजह से खास मौकों पर पहनी जाती है और महिलाओं की खूबसूरती को और निखार देती है। समय के साथ इसके डिजाइन में कई बदलाव आए हैं, लेकिन इसकी पारंपरिक खूबसूरती आज भी वैसी ही बनी हुई है। चलिए जानते हैं कि इस बेहद पॉपुलर और शाही ज्वेलरी के खूबसूरत इतिहास को।
भारतीय पारंपरिक ज्वैलरी में चांदबाली की खास जगह
भारतीय संस्कृति में गहनों का बहुत महत्व रहा है। हर गहना सिर्फ सजावट के लिए नहीं होता, बल्कि उसके पीछे एक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान भी जुड़ी होती है। चांदबाली भी ऐसा ही एक पारंपरिक ईयररिंग डिजाइन है जिसने सदियों से अपनी खास पहचान बनाए रखी है। चांदबाली का आकार आधे चांद जैसा होता है, जो इसे बाकी ईयररिंग्स से अलग बनाता है। इसका डिजाइन आमतौर पर बड़ा और सजावटी होता है, इसलिए इसे ज्यादातर शादी अंदाज में त्योहार और खास अवसरों पर पहना जाता है। चांदबाली पहनने से पूरा लुक पारंपरिक और आकर्षक दिखाई देता है।
क्या होती हैं चांदबाली ईयररिंग्स
चांदबाली ईयररिंग्स का नाम 'चांद' शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब होता है चंद्रमा। इनका आकार चंद्रमा की तरह आधा गोल होता है, इसी कारण इन्हें चांदबाली कहा जाता है। इन ईयररिंग्स का डिज़ाइन आमतौर पर कई परतों और बारीक काम से तैयार किया जाता है। यही वजह है कि चांदबाली देखने में काफी अट्रैक्टिव और रॉयल लगती हैं। यह ईयररिंग्स खास तौर पर पारंपरिक कपड़ों जैसे साड़ी, लहंगा या अनारकली के साथ बहुत सुंदर लगती हैं।
मुगलों के शाही घराने से हुई चांदबाली की शुरुआत
चांदबाली ईयररिंग्स की शुरुआत मुगल काल में मानी जाती है। उस समय शाही परिवारों और राजघरानों की महिलाएं ऐसे बड़े और सुंदर गहने पहनना पसंद करती थीं। खासकर हैदराबाद और राजस्थान के क्षेत्रों में चांदबाली का चलन बहुत ज्यादा था। धीरे-धीरे ये डिजाइन पूरे भारत में लोकप्रिय हो गया। समय के साथ इसमें कई नए बदलाव हुए, लेकिन इसका मूल आकार और पारंपरिक खूबसूरती आज भी वही है। आज भी कई दुल्हनें अपनी शादी के खास दिन पर चांदबाली पहनना पसंद करती हैं, क्योंकि यह उनके लुक को और खास बना देता है।
चांदबाली के डिजाइन की खासियत
चांदबाली के डिजाइन में बारीक कारीगरी देखने को मिलती है। अक्सर इनमें जाली या लेस जैसा काम किया जाता है, जिसे जाली वर्क कहा जाता है। यह कारीगरी इन ईयररिंग्स को और भी आकर्षक बनाती है। इनमें सजावट के लिए मोती, कुंदन, पोल्की या रंगीन रत्न जैसे पन्ना और माणिक का भी इस्तेमाल किया जाता है। कई बार इन ईयररिंग्स में छोटे-छोटे मोतियों की लटकन भी लगाई जाती है, जिससे उनका लुक और ज्यादा सुंदर हो जाता है। चांदबाली आमतौर पर सोना, चांदी या ऑक्सीडाइज्ड मेटल में बनाई जाती हैं। हर मेटल में इनका लुक थोड़ा अलग दिखाई देता है, जिससे लोग अपनी पसंद के अनुसार इन्हें चुन सकते हैं।
2026 में ट्रेंड में रहने वाले चांदबाली डिजाइन
समय के साथ फैशन बदलता रहता है और ज्वैलरी के डिजाइन भी उसी के अनुसार नए रूप में सामने आते हैं। 2026 में चांदबाली के कई दिलचस्प डिजाइन ट्रेंड में रहने वाले हैं। हैदराबादी चांदबाली अपने भव्य और शानदार डिजाइन के लिए जानी जाती है। इनमें मोती और रंगीन पत्थरों का सुंदर काम किया जाता है। एंटीक गोल्ड चांदबाली भी इन दिनों काफी पसंद की जा रही है। इनका लुक थोड़ा ट्रेडिशनल होता है, जिससे यह क्लासिक कपड़ों के साथ बहुत अच्छी लगती हैं।
इसके अलावा हल्की और छोटी चांदबाली भी काफी ट्रेंड में हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि ये देखने में सुंदर तो लगे ही साथ ही पहनने में भी आरामदायक रहें। बॉलीवुड से प्रेरित बड़े और स्टाइलिश चांदबाली डिजाइन भी फैशन में बने हुए हैं। इन डिजाइनों में अक्सर चमकीले पत्थरों और बड़े आकार का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ये ईयररिंग्स तुरंत ध्यान आकर्षित करती हैं।
किन मौकों पर खास लगती हैं चांदबाली
चांदबाली की खास बात यह है कि इसे अलग-अलग मौकों पर अलग तरीके से पहना जा सकता है। शादी, त्योहार या पारंपरिक कार्यक्रमों में बड़ी और भारी चांदबाली बहुत आकर्षक लगती हैं। वहीं फैमिली फंक्शन जैसे जन्मदिन, पूजा या छोटे गेट-टुगेदर में हल्की चांदबाली पहनना एक अच्छा विकल्प होता है। सही कपड़ों के साथ इन्हें पहनकर आप अपने पूरे लुक को और भी खास बना सकती हैं।
(All Images Credit: Pinterest)
लेखक के बारे में
Anmol Chauhanअनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।
करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।
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अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।
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