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स्टाइलिश लुक के लिए महंगे नहीं फिटिड क्लॉथ हैं जरूरी, फॉलो करें ये फैशन टिप्स

Fashion Tips: किसी भी तरह की ड्रेस या आउटफिट को पहनकर बेहतरीन लुक तभी मिल सकता है,जब उसकी फिटिंग बेहतरीन हो। कैसे अपने लिए बेहतरीन फिटिंग वाले कपड़ों का चुनाव करें, बता रही हैं स्वाति शर्मा

स्टाइलिश लुक के लिए महंगे नहीं फिटिड क्लॉथ हैं जरूरी, फॉलो करें ये फैशन टिप्स
Manju Mamgainहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 16 Feb 2024 02:13 PM
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याद कीजिए आखिरी बार आपने टेलर से कपड़े कब सिलवाए और सिलवाए भी तो कितने? शायद पहले के मुकाबले काफी कम। अब तो हाल यह है कि लोगों से मिले या खुद बड़े चाव से खरीदे अच्छे से अच्छे सूट या ड्रेस मैटीरियल सालों से वैसे के वैसे ही अलमारी में रखे रह जाते हैं। बेचारे कब से बाहर निकलकर कैंची लगने और सिलाई मशीन से गुजरने की राह में आउट ऑफ फैशन हुए जा रहे हैं। रेडीमेड का जमाना है, अब यहां सब कुछ इंस्टेंट होता है। शॉपिंग ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, हम सिल-सिलाए कपड़ों की ओर ही भागने लगे हैं। ऐसे में सबसे पहले हमें कपड़े का लुक, वर्क या प्रिंट पसंद आता है और उसके बाद हम उसके मैटीरियल की ओर गौर करते हैं। लेकिन इस एक नजर की पसंद में जिस बात को हम नजरअंदाज कर देते हैं या कम आंकते हैं, वह है उसकी फिटिंग।

मैं भी यूं ही खाली बैठी ऑनलाइर्न विंडो शॉपिंग ही कर रही थी। अचानक नजर पड़ी एक बेहतरीन से को ऑर्ड सेट पर और उसकी कुछ तस्वीरें देखते-देखते ही उसे लेने का मन बना लिया। फिर याद आया कि ऐसे कैसे ले लूं, पहले रिव्यू तो पढ़ लूं। रिव्यू में बहुत से लोगों ने उस ड्रेस की तस्वीरें डाल रखी थीं। पर, सच बताऊं मुझे उनमें से किसी पर भी वह ड्रेस अच्छी ही नहीं लगी, जितनी वह मॉडल पर लग रही थी। खैर मेरे तो पैसे बच गए, लेकिन यह बात सोचने वाली थी कि आखिर वही ड्रेस बाकी लोगों पर खास क्यों नहीं लग रही थी? और कहीं उस मॉडल वाली तसवीर को देखकर मैंने भी ड्रेस खरीद ली होती तो? सच बताऊं तो पहले ऐसी गलती मैं भी कर चुकी हूं। मैंने इस बारे में फैशन डिजाइनर श्रुति संचेती से बात की तो उन्होंने बताया कि मॉडल को ड्रेस या तो ऑल्टर करके या पीछे से क्लच करके पहनाई जाती है ताकि वह ड्रेस फिटिंग की नजर आए। लेकिन असल में तो हम इस तरह से कपड़े नहीं पहन सकते। ड्रेस कैसी भी हो, वह खिल कर तभी आती है, जब अच्छी फिटिंग की हो। 

समझें अपना बॉडी टाइप-
ड्रेस की अच्छी फिटिंग का मतलब केवल यह नहीं है कि वह आपके शरीर के आकार में पूरी तरह से फिट हो जाए। बल्कि सही और अच्छी फिटिंग के लिए जरूरी है कि आप पहले अपने शरीर के आकार को समझें और उसके अनुसार ही शरीर में संतुलन बिठाने वाली अच्छी फिटिंग की ड्रेस चुनें। अगर आपका शरीर पियर शेप है तो आपको ए-लाइन कपड़ों को चुनना चाहिए, जिनमें ऊपर से फिटिंग अच्छी हो और नीचे कपड़ा थोड़ा ढीला हो, जिससे कमर पर बहुत कसाव न आए। वहीं अगर आपका ऊपरी हिस्सा भारी है तो आपको ऐसी फिटिंग के कपड़े पहनने होंगे जिससे ऊपर की ओर ध्यान ज्यादा न जा सके। अच्छी फिटिंग का मतलब न ही बहुत कसा और न ही ढीला होता है। बल्कि कपड़ा आपके शरीर के आकार को खूबसूरती से दर्शाते हुए आपके लिए सहज होना चाहिए। तभी आप उसमें बेहतरीन लग सकती हैं।

अपने सही माप को जानें-
कपड़े के सही फिटिंग के लिए सबसे पहले आपको अपना सही माप जानना जरूरी है। इसके लिए सबसे बेहतरीन तरीका है, नियमित अंतराल पर टेलर से खुद की नाप करवा लेना। अगर खुद से नाप लेना चाहती हैं तो बॉटम की नाप के लिए पैरों को कंधे की दूरी के बराबर रखकर सीधी खड़ी रहें। वहीं छाती की नाप के लिए इंच टेप को बगलों के नीचे से छाती के सबसे ऊपरी हिस्से की माप लें और इस दौरान न ही इंच टेप ढीला रखें और न ही उसे कसें। पैडेड कपड़ों के बिना ही यह नाप लें। कमर की नाम के लिए इंच टेप नाभि तक लाएं, वहीं हिप की नाप के लिए हिप के सबसे ज्यादा उभार तक इंच टेप ले जाएं।

कस्टम क्लोदिंग का विकल्प अपनाएं
रेडीमेड कपड़ों को अकसर यूनिवर्सल फिटिंग में बनाया जाता है, जहां स्मॉल से लेकर एक्सल और उसके आगे के सभी माप इस तरह के होते हैं कि उस वर्ग में आने वाले लोगों को वह कपड़ा आसानी से आ जाए। लेकिन सबके लिए ऐसा संभव नहीं है। भारत में ज्यादातर महिलाएं पियर शेप बॉडी वाली होती हैं। इसमें ऊपर का शरीर किसी माप का होता है और नीचे का किसी और माप का। ऐसे में अगर कुर्ता सही आ गया तो पैंट टाइट हो जाती है और अगर बड़े साइज कपड़ा लिया जाए, तो पैंट सही आ जाएगी लेकिन कुर्ता कितना भी फिटिंग का करवा लिया जाए, कंधे से सही नहीं रहता। अब या तो दोनों को अलग-अलग खरीदा जाए या बीच का कोई रास्ता निकाला जाए। ऐसे में कस्टम क्लोदिंग एक बेहतरीन विकल्प है। बहुत से ब्रांड हैं, जो आपसे आपकी नाप पूछते हैं। ये सुविधा आउटलेट और ऑनलाइन दोनों जगह मौजूद होती है। आपकी माप के हिसाब से आपको अच्छी फिटिंग के कपड़े मिल जाते हैं।

सहजता का रखें ख्याल
कहीं आप फिटिंग को बहुत कसावट वाले कपड़े समझने की गलती तो नहीं कर रहीं? अच्छी फिटिंग का मतलब होता है कि आप उन कपड़ों में पूरी तरह सहज रहें और कपड़े ढीले भी न हों। कपड़े ढीले हैं या बहुत ज्यादा कसे हैं, यह पता करने के लिए आप शीशे में खुद को पीछे से देखें। श्रुति कहती हैं कि सही फिटिंग पीछे से पता चलती है। अगर कपड़े कसे हैं तो आपकी खाल कपड़े से बाहर आएगी और अंदर के कपड़ों की लाईनिंग भी नजर आएगी। वहीं अगर कपड़े ढीले हैं तो वह पीछे की तरफ सिकुड़ने लगेंगे। अगर शीशे में नहीं देख पा रहीं तो तस्वीर खिंचवा लें। कपड़े अच्छी फिटिंग के और आपको सहज रखने वाले हैं, यह जानने के लिए आप उन्हें पहनने के बाद अपने हाथ को घुमाकर देखें। हाथ आगे-पीछे करें, थोड़ा चलकर देखें। साथ ही कपड़ों को पहनकर जमीन पर बैठकर देखें। अगर इन सभी स्थितियों में आपको किसी तरह की परेशानी नहीं आती है और न ही आपको कंधे, गले या कमर से कपड़े को संभालना पड़ता है तो जान लें कि फिटिंग
अच्छी है।

ये बातें आएंगी काम
• अगर आप ऑनलाइन कपड़े खरीद रही हैं, तब भी साइज चार्ट पर गौर करना न भूलें। याद रखें कि हर ब्रांड का अलग-अलग साइज चार्ट होता है।
• कम खरीदें, पर अच्छा खरीदें। सही र्फिंटग के लिए अच्छे ब्रांड का चुनाव करें जहां आपको सही फिटिंग
दी जाए।
• कुछ लोगों पर रेडीमेड कपड़े नहीं फबते। ऐसा उनके बॉडी टाइप के कारण ही होता है। ऐसे लोगों को टेलर से ही कपड़े सिलवाने चाहिए।
• कपड़ों की फिटिंग के साथ ही अंडरगार्मेंट की फिटिंग का ठीक  होना जरूरी है।
• कपड़े की फिटिंग को अपने शरीर के सबसे ज्यादा उभरे हुए हिस्से से मापें। 
• फिटिंग के साथ ही कपड़ों की लंबाई पर भी ध्यान दें। अगर आप लंबी हैं तो कम लंबाई वाले कपड़े न पहनें। इससे आपके शरीर का आकार अजीब लग सकता है। वहीं अगर आपकी लंबाई कम है तो लंबे कपड़े पहनने से आपकी लंबाई और कम नजर आ सकती है।
• रेडीमेड कपड़े लेते वक्त ऐसे ड्रेस मैटीरियल से बचें जो धुलने के बाद सिकुड़ जाते हैं। ऐसे कपड़ों की फिटिंग खराब हो जाती है।

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