
समझदारी से करें सोने की खरीदारी, सीखें कुछ टिप्स और ट्रिक्स
सोने की तेजी से बढ़ती कीमत शादी के मौसम में जेब पर भार बढ़ा रही है। यह भार आपको परेशान न करे, इसके लिए कुछ जुगत लगानी होगी। बता रही हैं दिव्यानी त्रिपाठी
हमारे देश में सोना दादी-नानी और माता-पिता का आशीर्वाद है। सोने का आभूषण दरअसल भावनाओं की धरोहर होता है। जन्म से लेकर शादी तक यह पीली धातु जरूरी है, उपहार के लिए। यह सिर्फ श्रृंगार नहीं, परंपरा है। एक रिपोर्ट की मानें तो भारत का विवाह उद्योग सालाना 130 करोड़ अरब डॉलर से भी ज्यादा का है। इसमें सिर्फ आभूषणों का हिस्सा 35 से 40 अरब डॉलर का है। ऐसे में प्रति दस ग्राम सोने की कीमत एक लाख से भी ज्यादा हो जाना, शादियों के पूरे बजट को बिगाड़ रहा है। जनवरी से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 67 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

सोने की बढ़ती कीमतों के पीछे कारण कुछ भी हो, लेकिन अपनी परंपरा को पीछे तो नहीं छोड़ा जा सकता? नई-नवेली दुल्हन को भला आभूषणों से महरूम कैसे रखा जा सकता है? सोने की बढ़ती कीमतों के बीच भी जुगत लगाकर आपको कुछ ऐसा करना होगा कि परंपरा पीछे न छूटे और दुल्हन की खूबसूरती में कमी न आए। इसके लिए मार्केट भी हाथ आगे बढ़ा रहा है। एक ओर जहां बाजार में हर बजट के हिसाब से डिजाइनर आभूषण उपलब्ध हैं, वहीं कई व्यापारी और ब्रांड्स ऐसी सुविधाएं ला रहे हैं कि आभूषण आपके लिए भार न बनने पाए।
डिजाइन दे रही समाधान
भारतीय शादियों में आभूषण किसी परंपरा से कम नहीं और हम भारतीय हैं,अपनी परंपराओं के एकदम पक्के। सोने की लगातार बढ़ती कीमतों के साथ यह परंपरा निभाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है, पर बाजार में इसका भी उपाय मौजूद है। इस बाबत महालक्ष्मी ज्वेलर्स के अर्पित बाजपेई कहते हैं कि सोने का दाम बढ़ा है, पर आभूषणों की मांग कम नहीं हुई है। हां, उनके वजन में फर्क पड़ा है। जितने वजन में पहले छोटे आभूषण जैसे टॉप्स, झुमकी वगैरह बनते थे, आज उतने ही वजन में हार बन रहे हैं। डिजाइन पर काम किया जा रहा है ताकि कम वजन में ज्यादा भारी दिखने वाले आभूषण बनाए जा सकें।
पुराना सोना, नया डिजाइन
भारतीय परिवार में दादी-नानी का आशीर्वाद सोने के आभूषणों के तौर पर मिलता आया है। आप उस आशीर्वाद की मदद से भी अपने बजट को बिगड़ने से बचा सकती हैं। पहला तरीका तो यह होगा कि आप उन्हीं जेवरों को साफ करवाकर अपनी लाडली को विंटेज डिजाइन में सजा लें या फिर आप सोने के पुराने आभूषणों से नए डिजाइन के आभूषण बनवा लें। कई उपभोक्ता बढ़ी हुई कीमतों की भरपाई के लिए पुराने सोने का आदान-प्रदान भी कर रहे हैं। इस बाबत अर्पित कहते हैं कि आभूषण बदलने के लिए आपने जिस भी संस्थान से जेवर लिए थे, वहीं से सोना बदलवा सकती हैं। वह अपनी गारंटी के हिसाब से आपके सोने की कीमत तय कर देगा या आप सोने की शुद्धता की जांच के लिए बीआईएस हॉल मार्किंग सेंटर की मदद लेकर अपने सोने की कीमत के मुताबिक जेवर ले लीजिए। इस साल आभूषण बदलने के तरीके ने नई गति पकड़ी है। जौहरी पूरी कीमत पर विनिमय योजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्राहकों को अदला-बदली के दौरान पैसे का नुकसान न हो।
कैरेट का कमाल
बजट के फिक्र में गणित आपके काम आएगी। जितना ज्यादा कैरेट सोना, उतना महंगा, यानी सोने का भाव कैरेट के हिसाब से तय होता है। 22 कैरेट वाला सोना सबसे महंगा होगा। पर बाजार में अब 18, 16 और 14 कैरेट वाला सोना भी उपलब्ध है। बकौल अर्पित, पहले लोग 22 कैरेट के गहने पसंद करते थे, पर अब बढ़ती कीमतों के चलते 18, 16 और 14 कैरेट के भी आभूषण चलन में हैं।
सबसे कारगर पहले से तैयारी
अर्पित कहते हैं कि एक साथ सोना खरीदना किसी के लिए भी आसान नहीं होता, लेकिन समय-समय पर सोने में छोटे-छोटे निवेश करते रहना भविष्य में उसकी कीमतों में आने वाले उछाल को संतुलित कर देता है और शादी-ब्याह जैसे अवसरों में जेब पर बोझ भी कम पड़ता है। आप बच्चे के जन्म के बाद से अलग-अलग मौकों पर उसके लिए गहने बनवाना शुरू कर दीजिए। आपकी आने वाली चिंता खत्म होती जाएगी।

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Kajal Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




