1950 की सादगी से 2026 का स्वैग, दुल्हनों की पोशाक में क्या-क्या हुए बदलाव? पढ़ें दिलचस्प किस्से!

Mar 06, 2026 09:17 pm ISTAnmol Chauhan लाइव हिन्दुस्तान
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कभी भारी सिल्क साड़ियाँ और सोने के गहने दुल्हनों की पहचान हुआ करते थे, तो आज के समय में ब्राइड्स नए रंगों, नए डिजाइनों और अपनी पसंद के स्टाइल को अपनाने लगी हैं। हर दशक में दुल्हन के लुक में कुछ नया जुड़ा है। चलिए इंडियन ब्राइडल फैशन के इसी सफर को डिटेल में जाने।

1950 की सादगी से 2026 का स्वैग, दुल्हनों की पोशाक में क्या-क्या हुए बदलाव? पढ़ें दिलचस्प किस्से!

इंडियन शादी केवल एक रस्म नहीं होतीं, बल्कि अपने आप में ही एक बड़ा उत्सव होती हैं। इसी उत्सव का सबसे खास हिस्सा होती है दुल्हन की साज सज्जा। हर लड़की के लिए उसकी शादी का दिन जिंदगी के सबसे खास दिनों में से एक होता है। इस दिन को लेकर वह बचपन से ही कई सपने देखती है। हर लड़की चाहती है कि अपनी शादी के दिन वह सबसे खूबसूरत दुल्हन बने और उसका लुक हर किसी की नजरों में बस जाए। हालांकि समय के साथ इंडियन ब्राइडल फैशन में बहुत बदलाव आया है, लेकिन इसकी जड़ें आज भी परंपरा से जुड़ी हुई हैं। कभी भारी सिल्क साड़ियाँ और सोने के गहने दुल्हनों की पहचान हुआ करते थे, तो आज के समय में ब्राइड्स नए रंगों, नए डिजाइनों और अपनी पसंद के स्टाइल को अपनाने लगी हैं। हर दशक में दुल्हन के लुक में कुछ नया जुड़ा है। चलिए इंडियन ब्राइडल फैशन के इसी सफर को डिटेल में जाने।

1950 और 60 के दशक का दौर

1950 और 60 के दशक में इंडियन ब्राइड का लुक पूरी तरह पारंपरिक हुआ करता था। उस समय दुल्हनें ज्यादातर कांजीवरम और बनारसी सिल्क साड़ियों में नजर आती थीं। इन साड़ियों पर किया गया जरी का काम बहुत बारीक और शानदार होता था, जो समृद्धि और परंपरा का प्रतीक माना जाता था। इसके अलावा दुल्हनों के गहनों में भारी सोने की ज्वैलरी का खास महत्व था। चूंकि लाल रंग को शुभ माना जाता है, इसलिए उस दौर में लगभग हर दुल्हन लाल या इससे मिलते-जुलते गहरे रंग के ब्राइडल आउटफिट कैरी करती थी।

1970 का दशक

1970 के दशक की शादियों में दुल्हन के लुक पर बॉलीवुड फिल्मों का असर दिखाई देने लगा। उस दौर में दुल्हनें फिल्मों में दिखाई देने वाले लुक को अपनाने लगीं। साड़ियों के साथ-साथ लहंगा और चूड़ीदार सूट भी लोकप्रिय होने लगे। गहनों में बड़े चोकर, माथा पट्टी और भारी हार ट्रेंड में आए। इस दौर में दुल्हन का लुक पहले की तुलना में ज्यादा ग्लैमरस और अट्रैक्टिव लगने लगा।

1980 का दशक और ब्राइडल फैशन

फिर आया 1980 दशक। अब ब्राइडल फैशन में नए एक्सपेरिमेंट्स होने लगे थे। इस दौर में दुल्हनें पारंपरिक कपड़ों के साथ हल्के फैब्रिक और नए रंगों को अपनाने लगीं। पहले जहां गहरे लाल रंग का दबदबा था, वहीं अब पेस्टल और हल्के रंग भी दिखाई देने लगे। कपड़ों में जरी और जरदोजी के साथ-साथ सीक्विन और मोतियों का काम भी लोकप्रिय हुआ। इस समय ब्राइडल आउटफिट्स में अलग-अलग डिजाइन और टेक्सचर देखने को मिले, जिससे दुल्हन का लुक और भी खास बनने लगा।

1990 का दशक था एक्सपेरिमेंट का दौर

1990 के दशक में लहंगे ने ब्राइडल फैशन में अपनी खास जगह बना ली। फिल्मों और टीवी शोज में दिखाई देने वाले खूबसूरत लहंगों ने ब्राइड्स को काफी इंप्रेस किया। इस दौर में बड़े घेर वाले लहंगे, गहरे रंग और भारी कढ़ाई वाले डिजाइन काफी लोकप्रिय हुए। इसी समय डिजाइनर ब्राइडल वियर का चलन भी बढ़ने लगा। दुल्हनें अपने खास दिन के लिए एक्सक्लूसिव और खास डिजाइन के कपड़े चुनने लगीं।

ट्रेडीशन और ट्रेंड का मेल- 2000 का दशक

2000 के शुरुआती सालों में ब्राइडल फैशन में परंपरा और आधुनिकता का अच्छा मेल देखने को मिला। दुल्हनों ने पारंपरिक लहंगे के साथ नए स्टाइल के ब्लाउज, जैसे कॉर्सेट स्टाइल या अलग कट वाले डिजाइन अपनाने शुरू किए। इस दौर में आउटफिट्स के रंगों में भी काफी चेंज देखने को मिला। अब लाल के साथ-साथ गोल्ड, शैंपेन और पेस्टल रंगों को भी पसंद किया जाने लगा था। हल्के फैब्रिक और क्रिस्टल जैसे डिटेल्स ने ब्राइडल आउटफिट को और भी स्टाइलिश बना दिया।

2010 का दशक बना पर्सनल स्टाइल का दौर

2010 के बाद ब्राइडल फैशन में सबसे बड़ा बदलाव यह आया कि दुल्हनें अपनी पसंद को प्रायोरिटी देने लगीं। इस दौर से हर दुल्हन ने अपने आउटफिट को अपने स्टाइल के अनुसार चुनना शुरू किया। ब्राइड अपनी चॉइस के अनुसार मेकअप भी करवाने लगी। इस समय टिकाऊ फैशन यानी सस्टेनेबल फैशन का भी चलन बढ़ा। कई दुल्हनें हैंडलूम और पर्यावरण के अनुकूल कपड़े चुनने लगीं।

आज की एडवांस ब्राइड्स

आज की दुल्हन कांफिडेंट है और नए एक्सपेरिमेंट्स करने से नहीं डरतीं। अब की ब्राइड पारंपरिक और आधुनिक दोनों स्टाइल को मिलाकर अपना अलग लुक बनाती है। अब दुल्हनें लैवेंडर, पेस्टल या टील जैसे अलग रंग भी चुन रही हैं। आउटफिट से लेकर ज्वैलरी तक हर चीज को अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज करवाती हैं। यही कारण है कि आज का ब्राइडल फैशन पहले से बहुत ज्यादा खास बन चुका है।

(All Images Credit: Pinterest)

Anmol Chauhan

लेखक के बारे में

Anmol Chauhan

अनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।

करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।

लेखन शैली और दृष्टिकोण
अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।

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