बर्फ के कैरियर से फैशन आइकॉन तक: पढ़ें टोट बैग का अनसुना सफर

Mar 05, 2026 10:17 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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Tote Bag History : टोट बैग आज भले ही लेटेस्ट फैशन का हिस्सा हों लेकिन इसकी दिलचस्प कहानी की शुरुआत एक लक्जरी फैशन आइटम के रूप में नहीं, बल्कि सादगी और उपयोगिता से जुड़ी हुई है।

बर्फ के कैरियर से फैशन आइकॉन तक: पढ़ें टोट बैग का अनसुना सफर

कॉलेज गोइंग लड़कियों से लेकर ऑफिस जाने वाली हर उम्र की महिलाओं के लिए आज मार्केट में कई तरह के बैग उपलब्ध हैं। बावजूद इसके जेन-जी के बीच एक खास तरह के बैग काफी पसंद किए जा रहे हैं, जिन्हें वो अपनी पर्सनैलिटी के अनुसार खरीदते हैं। जी हां, और इन बैग्स का नाम टोट बैग है। टोट बैग आज भले ही लेटेस्ट फैशन का हिस्सा हों लेकिन इसकी दिलचस्प कहानी की शुरुआत एक लक्जरी फैशन आइटम के रूप में नहीं, बल्कि सादगी और उपयोगिता से जुड़ी हुई है।

टोट बैग की दिलचस्प कहानी

टोट शब्द की उत्पत्ति लगभग 17वीं शताब्दी में हुई। जिसका अर्थ 'भारी सामान हाथ से उठाना' या 'ले जाना' है। जो इस बैग की सबसे अच्छी खासियत को बखूबी बयां करता है। इस बैग को यूज करते समय आप इसमें कोई भी भारी सामान डालकर आसानी से ले जा सकते हैं।

1944: बर्फ की सिल्लियों से हुई शुरुआत

टोट बैग का असली जन्म 1944 में हुआ था, जब मशहूर अमेरिकी ब्रांड L.L. Bean ने अपना 'आइस बैग' (Ice Bag) लॉन्च किया। उस दौर में फ्रिज हर घर में नहीं होते थे, इसलिए लोग बर्फ की बड़ी सिल्लियां लाते थे। यह बैग बेहद मजबूत कैनवास से बना था ताकि बर्फ का वजन सह सके और वह फटे नहीं।

उपयोगिता से फैशन तक (1950-60 का दशक) का सफर : जल्द ही, घर की गृहणियों ने महसूस किया कि यह मजबूत, जल प्रतिरोधी कैनवास बैग सिर्फ बर्फ के लिए नहीं, बल्कि किराने का सामान और रोजमर्रा की चीजें ले जाने के लिए भी एकदम सही है। जिसके बाद L.L. Bean ने महसूस किया कि लोग इस बैग का इस्तेमाल सिर्फ बर्फ ढोने के लिए नहीं, बल्कि ग्रॉसरी और रोजमर्रा के सामान रखने के लिए भी कर रहे हैं। उन्होंने इसे नया नाम दिया— 'Boat and Tote'। धीरे-धीरे यह बैग घरों से निकलकर मिडिल क्लास की महिलाओं के बीच 'हैंडबैग' के विकल्प के तौर पर लोकप्रिय होने लगा।

फैशन स्टेटमेंट: 1960 के दशक में, अमेरिकन डिजाइनर बॉनी कैशिन (Bonnie Cashin) ने कोच (Coach) के लिए टोट बैग का एक नया बेहद स्टाइलिश वर्जन बनाकर तैयार किया, जिसे कैशिन कैरी टोट (Cashin Carry Tote) कहा गया। इसी दौरान, एल. एल. बीन ने भी अपने बैग का नाम बदलकर 'बोट एंड टोट' (Boat and Tote) कर दिया और इसे रंगीन ट्रिम्स के साथ पेश किया, जिससे यह एक फैशन स्टेटमेंट बन गया।

1980s: द स्ट्रैंड और 'बुक-लवर' कल्चर : न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध बुकस्टोर 'The Strand' ने अपने नाम के टोट बैग्स निकालने शुरू किए। यहीं से टोट बैग एक ‘इंटेलेक्चुअल’ (बौद्धिक) पहचान बन गया। हाथ में टोट बैग होने का मतलब था कि आप पढ़ने के शौकीन हैं और कला-संस्कृति से जुड़े हैं।

पर्यावरण और अभिव्यक्ति (आधुनिक युग): 2010 के दशक में, टोट बैग ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता के कारण फिर से लोकप्रियता हासिल की। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगने या शुल्क लगने के बाद, कैनवास टोट बैग उनका एक टिकाऊ और फैशनेबल विकल्प बन गया।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

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दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

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