कांजीवरम से लेकर बनारसी, जानें भारत के पूरे 28 राज्यों की हैंडलूम साड़ियों की वैराइटी
Types of handloom saree of India: अगर आप हैंडलूम के नाम पर केवल कांजीवरम, बनारसी और बांधनी का नाम ही जानती हैं तो आपको इंडिया की साड़ियों की पहचान नहीं है। अपने देश में हर राज्य में एक से बढ़कर एक साड़ियां तैयार की जाती हैं। जानें ऐसे ही 28 स्टेट में बनने वाली हथकरघा साड़ियां।

हैंडलूम साड़ी का नाम सुनते ही दिमाग में सिल्क और कॉटन जैसी साड़ियां ही आती है। लेकिन अगर आप डिटेल में जानना चाहते हैं तो इंडिया के हर स्टेट और हर कोने में साड़ियों की अलग-अलग वैराइटी और डिजाइन बनती है। जिन्हें बुनकर हाथ से बनाकर तैयार करते हैं। हैंडलूम की साड़ियां केवल साड़ियां नहीं होती बल्कि ये कला और कलाकारी का संगम होती है। जिसमे आपको हर स्टेट और क्षेत्र की खासियत नजर आएगी। तो अगर आप साड़ियों के बारे में जानना चाहते हैं तो भारत के हर स्टेट में बनने वाली इन खूबसूरत साड़ियों की वैराइटी के बारे में जरूर जान लें।
यूपी की बनारसी से लेकर पंजाब की फुलकारी
अगर अपने यूपी की बात करें तो यहां की रॉयल बनारसी साड़ी सबसे ज्यादा फेमस है। गोल्ड एंड सिल्वर धागों से जाल वाली ब्रोकेड जरी साड़ी का अलग ही लेवल होता है।
पंजाब की फुलकारी
वहीं पंजाब में फुलकारी डिजाइन दिखती है। वैसे तो यहां पर साड़ियों से ज्यादा दुपट्टे पहने जाते हैं। लेकिन पंजाब में रंग-बिरंगे फूलों के जाल से सजाकर सुंदर फुलकारी की कढ़ाई की जाती है। जो साड़ी, दुपट्टे पर हाथों से की जाती है।
वहीं हरियाणा की डिजाइन काफी सिंपल और कंफर्टेबल होती है। यहां पर रेशम धुरिया की साड़ी होती है। जिसमे सॉफ्ट कॉटन फैब्रिक पर सिल्क के धागों से एंब्रायडरी की जाती है।
हिमाचल और उत्तराखंड
बात करें पहाड़ों की तो यहां की कला और कल्चर दोनों काफी वाइब्रेंट होता है। यहीं झलक पहनावे में भी दिखती है। हिमाचल के कुल्लू में कुल्लू पट्टी साड़ी में जियोमेट्रिक पैटर्न पर बने शॉल बॉर्डर होते हैं तो वहीं उत्तराखंड की फेमस पंचाचूली साड़ि़यां होती है। जो खास पहाड़ी ऊन और मूंगा सिल्क से तैयार होती है। इस साड़ी पर बहुत ही महीन और कठिन बुनाई से डिजाइन बनाई जाती है।
पश्चिम बंगाल की हैंडलूम साड़ियां
पश्चिम बंगाल की तो कई हैंडलूम साड़ियां फेमस है। जिसमे जामदानी से लेकर बालुचरी साड़ियां शामिल है। बालुचरी साड़ी के पल्लू पर रामायण, महाभारत के सुंदर सीन को सजाया जाता है।
बिहार की इको फ्रेंडली साड़ी
बिहार के हैंडलूम की फेमस साड़ी है भागलपुरी टसर सिल्क तो वहीं झारखंड के आदिवासी टसर हैंडलूम साड़ी मशहूर है।
वहीं उड़ीसा में टाई एंड डाई का यूज करके बनती है संभलपुरी इकत साड़ी।
असम की मुगा साड़ी
असम की गोल्डन मुगा साड़ी हैंडवोवेन साड़ी है जो सबसे ज्यादा फेमस है। कहते हैं कि इस साड़ी को जितनी बार वॉश किया जाता है ये और चमकने लगती है।
वहीं मेघालय की एरी सिल्क साड़ियां फेमस है तो वहीं अरुणाचल प्रदेश के बुनकर खास अपातानी साड़ी बनाते हैं। जो बिल्कुल नेचुरल धागों से तैयार होती है।
सिक्किम में बनती है लेप्छा साड़ी, नागालैंड की साड़ियों में नागा ड्रेप, टाइट बुनाई और बोल्ड स्ट्राईप्स देखने को मिलती है।
राजस्थान-गुजरात की साड़ियां
साड़ियों के मामले में राजस्थान और गुजरात की खास डिजाइन वाली साड़ियां सबसे ज्यादा फेमस है। क्लासिक बांधनी, लहरिया, टाई एंड डाई प्रिंट साड़ियां। गुजरात की पटोला, इकत प्रिंट, महाराष्ट्र की पैठनी सिल्क साड़ी जिसका मोर वाला पल्लू खासियत है। काफी ज्यादा फेमस है।
इसके साथ गोवा में भी साड़ी की अपनी डिजाइन होती है, जिसे कुनबी साड़ी बोला जाता है। जिनमे लाल रंग चेक बने होते हैं और ये कॉटन की साड़ियां समुंदर किनारे रहने वाले ट्राइबल लोगों की पहचान है।
मध्य प्रदेश की साड़ियां
एमपी की चंदेरी सिल्क , छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क साड़ियों की बेस्ट वैराइटी में गिनी जाती हैं।
साउथ की चमकती साड़ियां
वहीं साउथ इंडिया के हर स्टेट की साड़ियां बेहद खूबसूरत और वैराइटी वाली होती है। तमिलनाडु की एक्सपेंसिव और खूबसूरत कांजीवरम साड़ी जो अपने हैवीवेट के लिए भी जानी जाती है।
केरल की कसावु साड़ी, क्रिस्प व्हाइट कॉटन की साड़ी पर चमकता गोल्डन बॉर्डर इसे भीड़ में सबसे अलग दिखाता है।
कर्नाटक की इल्कल साड़ी, आंध्रा प्रदेश की उप्पडा जामदानी जिस पर डेलिकेट जरी का काम हुआ है। साथ ही तेलंगाना की फेमस पोचमपल्ली साड़ी जो बेहद सॉफ्ट सिल्क कॉटन ब्लेंड होती है और इस पर शार्ट जियोमेट्रिक पैटर्न बने होते हैं।
लेखक के बारे में
Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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