बेसन या मुल्तानी मिट्टी, क्या लगाने से आता है चेहरे पर निखार? जानें अपने लिए बेस्ट
बेसन और मुल्तानी मिट्टी दोनों ही नेचुरल स्किनकेयर में काफी पॉपुलर हैं। लोग इन्हें तरह तरह की रेमेडीज में इस्तेमाल करते हैं। सवाल है कि इन दोनों में से ज्यादा फायदेमंद कौन है? आइए जानते हैं आपके लिए बेस्ट क्या रहेगा।

स्किन को ग्लोइंग और बेदाग बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह की होम रेमेडीज ट्राई करते हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं बेसन और मुल्तानी मिट्टी, जिन्हें घरेलू फेसपैक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। लोग इन्हें दही, दूध, चंदन पाउडर और गुलाबजल जैसी चीजों के साथ मिक्स कर के फेस पर अप्लाई करते हैं। हालांकि अक्सर एक सवाल सुनने को मिलता है कि बेसन और मुल्तानी मिट्टी, दोनों में से क्या ज्यादा फायदेमंद है? अगर स्किन को ग्लोइंग, बेदाग और हेल्दी रखना हो तो इन दोनों में से किस चीज से बनी फेसपैक ज्यादा फायदा करेगी? अगर आप भी इसे ही ले कर कन्फ्यूज हैं तो चलिए आज जानते हैं कि आपके लिए इन दोनों में से क्या चुनना बैटर रहेगा।
चेहरे के लिए क्यों फायदेमंद होता है बेसन लगाना?
बेसन का इस्तेमाल दादी-नानी के घरेलू फेसपैक और नुस्खों में सदियों से किया जा रहा है। इसे चने की दाल को पीसकर बनाया जाता है, जिस वजह से ये हल्के एक्सफोलिएशन में मदद करता है। यानी चेहरे पर जमा हुई धूल मिट्टी, डेड स्किन और यहां तक कि एकस्ट्रा ऑयल को रिमूव करने में भी बेसन काफी इफेक्टिव है। साथ ही बेसन में हल्के ब्लीचिंग गुण भी पाए जाते हैं, जिस वजह से ये दाग-धब्बों को हल्का करने और चेहरे की रंगत निखारने में भी मदद कर सकता है।
मुल्तानी मिट्टी लगाने से क्या होता है?
मुल्तानी मिट्टी भी सदियों से स्किनकेयर में इस्तेमाल होती रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि ये स्किन को गहराई से साफ करने में मदद करती है। खासकर जिन लोगों की स्किन पर ज्यादा तेल आता है और ओपन पोर्स की समस्या है, उनके लिए मुल्तानी मिट्टी काफी अच्छी मानी जाती है। ये स्किन को ठंडक देने का भी काम करती है, साथ ही डेड स्किन को रिमूव करने में भी मदद करती है।
आपकी स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद क्या है?
बेसन और मुल्तानी मिट्टी, दोनों ही स्किन के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन आपके लिए कौन सा ज्यादा बेहतर है ये आपके स्किन टाइप पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए अगर आपका चेहरा काफी ऑयली है और एक्ने-पिम्पल्स की समस्या बनी रहती है, तो आपको मुल्तानी मिट्टी से बनी फेसपैक ट्राई करनी चाहिए। वहीं अगर आपकी स्किन नॉर्मल या ड्राई है तो बेसन ज्यादा इफेक्टिव हो सकता है।
सेंसेटिव स्किन पर दोनों से बरतें सावधानी
अगर आपकी स्किन सेंसेटिव है तो बेसन और मुल्तानी मिट्टी दोनों ही पैच टेस्ट करने के बाद इस्तेमाल करने चाहिए। चूंकि ये दोनों की स्किन को माइल्ड एक्सफोलिएट करने का काम करते हैं, इसलिए सेंसेटिव स्किन पर रेडनेस, खुजली या इरीटेशन की समस्या हो सकती है।
चेहरे पर लगातें हुए इन बातों का ध्यान रखें
- हमेशा साफ चेहरे पर फेसपैक अप्लाई करें। पहली बार लगा रहे हैं तो पैच टेस्ट जरूर कर लें और कम मात्रा में लगाएं।
- फेसपैक को ज्यादा देर सूखने ना दें। सिर्फ 10-15 मिनट काफी रहते हैं।
- बेसन या मुल्तानी मिट्टी से चेहरे को जोर से ना रगड़ें।
- पैक हटाने के बाद चेहरे पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।
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