
स्किन केयर: एक्ने के लिए सुबह की लार, घरेलू नुस्खा या सिर्फ मिथक?
सुबह की लार को पिंपल्स का आसान घरेलू इलाज माना जाता है। लेकिन क्या यह उपाय वाकई असरदार और सुरक्षित है? आइए जानते हैं इसके पीछे की सच्चाई, फायदे और संभावित नुकसान।
कई वर्षों से यह धारणा प्रचलित है कि सुबह उठते ही मुंह में मौजूद लार को चेहरे पर लगाने से पिंपल्स और एक्ने ठीक हो सकते हैं। खासतौर पर सोशल मीडिया और घरेलू नुस्खों में इसे एक “नेचुरल और फ्री ट्रीटमेंट” के रूप में बताया जाता है। माना जाता है कि सुबह की लार में ऐसे प्राकृतिक एंजाइम होते हैं जो बैक्टीरिया को खत्म करने और त्वचा को साफ करने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से कई लोग इसे मुंहासों पर रातों-रात असर दिखाने वाला उपाय मानते हैं।
हालांकि, स्किन एक्सपर्ट्स और डर्मेटोलॉजिस्ट इस दावे को पूरी तरह सही नहीं मानते। लार में कुछ एंटीबैक्टीरियल तत्व जरूर होते हैं लेकिन उसमें मुंह के बैक्टीरिया भी मौजूद रहते हैं जो त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए, सुबह की लार का इस्तेमाल एक्ने के इलाज में कितना सुरक्षित और प्रभावी है, यह समझना बेहद जरूरी है।
कथित फायदे
- लार में मौजूद लाइसोजाइम कुछ बैक्टीरिया को मारने में मदद कर सकता है।
- कुछ लोगों को पिंपल्स में हल्का सूखापन महसूस होता है।
- त्वचा पर लगाने से टाइटनेस का अहसास हो सकता है।
महत्वपूर्ण: ये फायदे व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित हैं, इनका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
वास्तविक सच्चाई और नुकसान
- लार पूरी तरह से साफ नहीं होती, इसमें मुंह के बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं।
- चेहरे पर लगाने से इंफेक्शन, जलन और लालपन बढ़ सकता है।
- एक्ने का कारण लार की कमी नहीं, बल्कि हार्मोनल बदलाव, ऑयली स्किन और पोर्स ब्लॉकेज होते हैं।
- डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार सुबह की लार से एक्ने ठीक होने का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है। बार-बार चेहरे पर लार लगाने से स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है जिससे पिंपल्स और बढ़ने का खतरा रहता है।
सावधानी है जरूरी-
यदि ये तरीका एक बार आजमाकर देखना चाहते हैं तो इसके लिए सावधानी बरतना जरूरी है। चेहरे को पहले अच्छी तरह धो लें, केवल किसी एक छोटे पिंपल पर ही स्पॉट टेस्ट करें, दिन में एक बार से ज्यादा ना लगाएं और जलन, खुजली या रेडनेस हो तो तुरंत बंद कर दें।
नोट: सुबह की लार से पिंपल्स ठीक होने का दावा एक मिथक है। इससे थोड़ी देर के लिए बदलाव महसूस हो सकता है, लेकिन लंबे समय में नुकसान का जोखिम ज्यादा है। एक्ने के लिए सुरक्षित और वैज्ञानिक स्किनकेयर ही सबसे बेहतर उपाय है।

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Shubhangi Guptaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




