हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़े 8 झूठ, जिन्हें लोग मानते हैं सच! यहां जानिए सच्चाई

हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़े 8 झूठ, जिन्हें लोग मानते हैं सच! यहां जानिए सच्चाई

संक्षेप:

आजकल लोग गंजेपन से परेशान होकर हेयर ट्रांसप्लांट की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर लोगों के मन में काफी डर है। चलिए आज आपको हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़े सही फैक्ट्स और जानकारी बताते हैं।

Feb 04, 2026 01:25 pm ISTDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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बालों का झड़ना-असमय गंजापन लोगों को अब हेयर ट्रांसप्लांट कराने की दिशा की ओर लेकर जा रहा है। बालों से आत्मविश्वास महसूस होता है और अगर सिर में बाल ही न बचें, तो खुद पर शर्मिंदगी महसूस होती है। ऐसे में अब ज्यादातर लोग हेयर ट्रांसप्लांट का सहारा ले रहे हैं। हेयर ट्रांसप्लांट के जरिए काले, घने और मजबूत बाल आ जाते हैं, जो देखने में एकदम नेचुरल लगते हैं। भारत में हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर लोगों के मन में काफी डर बैठा हुआ है और कई ऐसे मिथ्य हैं, जिन्हें लोग सच मान बैठे हैं। चलिए आपको ट्रांसप्लांट से जुड़े इन झूठ के बारे में बताते हैं।

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क्या होता है हेयर ट्रांसप्लांट?

हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में व्यक्ति के शरीर के एक हिस्से से स्वस्थ बालों की जड़ों को निकालकर गंजे हिस्से पर लगाया जाता है। आमतौर पर बाल सिर के पीछे वाले हिस्से से लिए जाते हैं। उस जगह पर ज्यादा बाल होते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर अब कई मशीन आ चुकी हैं, जिसमें न कोई दर्द होता है और न ही कोई साइड इफेक्ट्स।

मिथक क्या हैं?

1- नकली लगते हैं बाल

सबसे पहला झूठ जो लोग मानते हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट वाले बाल नकली दिखते हैं। जी नहीं, आपके शरीर के ही बाल निकालकर एरिया पर लगाते हैं, तो ये बिल्कुल नेचुरल दिखते हैं। परफेक्ट सर्जन बालों को सही से लगाते हैं, जिससे वह घने और प्राकृतिक दिखें। ये नॉर्मल बालों की तरह बढ़ते हैं।

2- दिमाग-आंखों को नुकसान

दूसरा मिथ है हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद आंखों और दिमाग को नुकसान पहुंचता है। ट्रांसप्लांट केवल त्वचा की ऊपरी सतह (स्कैल्प) पर किया जाता है, जिससे अंदर कोई नुकसान नहीं होता। ये एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जो आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाती है।

3- दूसरों के बाल लगाते हैं

हेयर ट्रांसप्लांट में कभी भी दूसरे व्यक्ति के शरीर के बाल नहीं लगाए जा सकते हैं। ये बाल आपके शरीर या फिर सिर के हो सकते हैं। शरीर दूसरे व्यक्ति के बालों को एक्सेप्ट नहीं करेगा और ट्रांसप्लांट नहीं हो पाएगा। इसलिए ये एक झूठ है।

4- दर्दनाक होता है

अब हेयर ट्रांसप्लांट लोकल एनेस्थीसिया के तहत किया जाता है, जिसमें मरीज को किसी भी तरह का दर्द महसूस नहीं होता है। प्रक्रिया के बाद हल्का दर्द या सूजन हो सकती है लेकिन उसके लिए दवाई दी जाती है।

5- खून बहता है

कुछ लोगों को लगता है कि हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान सिर से काफी ज्यादा खून बह जाता है, ये भी सरासर झूठ है। हेयर ट्रांसप्लांट में सिर्फ डोनर एरिया से हल्का खून आ सकता है लेकिन ये सामान्य होता है, जिसे साफ कर दिया जाता है। इसके लिए दवाई भी लगाई जाती है।

6- इससे कैंसर होता है

कई लोगों का मानना है कि हेयर ट्रांसप्लांट से कैंसर हो सकता है। सच ये है कि कैंसर और हेयर ट्रांसप्लांट के बीच कोई संबंध नहीं है। हेयर ट्रांसप्लांट अगर सर्टिफाइड क्लीनिक से करवाया जाए, तो पूरी तरह से सुरक्षित होता है।

7- उम्र तय है

हेयर ट्रांसप्लांट कराने की कोई तय उम्र नहीं है। इसे 60 साल तक कोई भी व्यक्ति करा सकता है, बस ट्रीटमेंट से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी होगी और आपका शरीर हेल्दी होना चाहिए। ताकि शरीर के बाल इस्तेमाल हो सकें।

8- बाल झड़ जाते हैं

कुछ लोगों का मानना है कि हेयर ट्रांसप्लांट के बाल कुछ महीनों में झड़ जाते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान लगने वाले बाल नेचुरल होते हैं, जो थोड़े बहुत झड़ते हैं। लेकिन अगर सही केयर की जाए, तो झड़ना बंद रहता है।

नोट- हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले किसी हेयर विशेषज्ञ से सही सलाह लें और सही क्लीनिक से ही इसे करवाएं। ट्रांसप्लांट कराने से पहले अपने शरीर के फिट होने और हेयर ग्रोथ के बारे में भी जानकारी लें।

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Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava
दीपाली श्रीवास्तव लाइव हिन्दुस्तान वेबसाइट में 5 साल से बतौर डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में 8 वर्षों का अनुभव रखने वाली दीपाली ने डिजिटल मीडिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। एंटरटेनमेंट बीट में रुचि होने के साथ-साथ लाइफस्टाइल के प्रमुख सेक्शंस जैसे किचन हैक्स, हेल्थ, ट्रैवल, फैशन, रिलेशनशिप और ब्यूटी से जुड़े विषयों पर लेखन में उनकी गहरी पकड़ है। वह हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर रिसर्च-आधारित और एक्सपर्ट-वेरिफाइड जानकारियां पाठकों तक पहुंचाती हैं। दीपाली साइंस ग्रेजुएट (B.Sc–Mathematics) हैं और उन्होंने मास कम्युनिकेशन की डिग्री भी हासिल की है। और पढ़ें

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