Jokes in Hindi: दादी-नानी का देसी ह्यूमर, 30 जोक्स पढ़कर नहीं रुकेगी हंसी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

अगर दिनभर की थकान के बाद खुलकर हंसना चाहते हैं, तो दादी-नानी के अंदाज वाले ये मजेदार जोक्स आपका मूड मिनटों में अच्छा कर देंगे। पढ़िए और अपनों के साथ भी साझा कीजिए।

Jokes in Hindi
हिंदी जोक्स

दादी और नानी सिर्फ कहानियां सुनाने या घरेलू नुस्खे बताने के लिए ही मशहूर नहीं होतीं, उनका हाजिरजवाब अंदाज भी किसी से कम नहीं होता। उनके मजेदार जवाब, भोले सवाल और देसी तर्क सुनकर अक्सर पूरा घर हंसने लगता है। अगर आपको भी हल्के-फुल्के और परिवार के साथ बैठकर पढ़े जा सकने वाले चुटकुले पसंद हैं, तो ये खास कलेक्शन आपके लिए है। यहां आपको दादी-नानी के अंदाज वाले 30 ऐसे मजेदार जोक्स मिलेंगे, जिन्हें पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी। इन्हें दोस्तों और परिवार के साथ साझा करके हंसी का मजा और भी बढ़ा सकते हैं।

1.

दादी: बेटा, ये फोन इतना महंगा क्यों लिया?

पोता: इसमें सब कुछ चलता है।

दादी: अच्छा! तो इसे खेत में भेज दूं, हल भी चला देगा?

2.

नानी: पहले लोग बिना फोन के खुश रहते थे।

नाती: कैसे?

नानी: क्योंकि उन्हें कोई हर पांच मिनट में नहीं पूछता था, 'कहां हो?'

3.

दादी: पढ़ाई कैसी चल रही है?

पोता: बस दादी, चल रही है।

दादी: ध्यान रखना, दौड़ने ना लगे।

4.

नानी: बेटा, इतनी देर तक जागते क्यों हो?

नाती: नींद नहीं आती।

नानी: हमारे जमाने में बिजली का बिल देखते ही नींद आ जाती थी।

5.

दादी: ये बाल इतने क्यों बढ़ा लिए?

पोता: चलन है।

दादी: हमारे समय में नाई भी चलन में था।

6.

दादी: जल्दी सो जाओ।

पोता: नींद नहीं आ रही।

दादी: मोबाइल मुझे दे दो, पांच मिनट में आ जाएगी।

7.

नानी: इतना हंस क्यों रहे हो?

नाती: जोक पढ़ रहा हूं।

नानी: मुझे भी पढ़ा, मैं जांचूं कितना मजेदार है।

8.

दादी: चाय ठंडी हो गई।

पोता: गरम कर देता हूं।

दादी: रहने दे, अब ये भी तेरे जैसी आराम कर रही है।

9.

नानी: रोटी कितनी खाओगे?

नाती: दो।

नानी: ठीक है, पहले चार रख देती हूं, दो बच जाएंगी।

10.

नानी: भूख लगी?

नाती: थोड़ी।

नानी: ठीक है, फिर चार पराठे खा लो।

11.

दादी: बाजार जा रहे हो?

पोता: हां।

दादी: आते समय खुद भी आ जाना।

12.

दादी: पढ़ाई का क्या हुआ?

पोता: सोच रहा हूं।

दादी: सोचते-सोचते परीक्षा ना निकल जाए।

13.

नानी: ये नया चश्मा कैसा है?

नाती: अच्छा है।

नानी: तभी तो तुझे अब मैं भी साफ दिख रही हूं।

14.

दादी: घर में सबसे ज्यादा समझदार कौन है?

पोता: मैं।

दादी: तभी तो बाकी सब तुझसे सलाह नहीं लेते।

15.

दादी: घर में इतना सन्नाटा क्यों है?

पोता: सब मोबाइल चला रहे हैं।

16.

नानी: इतनी जल्दी तैयार कैसे हो गए?

नाती: जाने का मन नहीं था।

17.

नानी: बाहर इतनी देर क्या कर रहे थे?

नाती: टहल रहा था।

नानी: अच्छा! सड़क ने तुझे पहचान लिया होगा।

18.

दादी: घर का काम भी कर लिया करो।

पोता: करता हूं।

दादी: सपने में?

19.

नानी: इतनी देर से क्या सोच रहे हो?

नाती: कुछ नहीं।

नानी: यही सबसे बड़ी चिंता है।

20.

दादी: चाय पीओगे?

पोता: हां।

दादी: अच्छा, फिर मेरे लिए भी बना देना।

21.

दादी: सब्जी कैसी लगी?

पोता: अच्छी।

दादी: इसका मतलब भूख ज्यादा लगी थी।

22.

नानी: इतनी चुप्पी क्यों है?

नाती: बैटरी खत्म हो गई।

23.

दादी: धीरे खाओ।

पोता: क्यों?

दादी: रसोई कहीं भाग नहीं रही।

24.

दादी: फोन रख दो।

पोता: अभी पांच मिनट।

दादी: यही पांच मिनट सबसे लंबे होते हैं।

25.

नानी: इतना हंस क्यों रहे हो?

नाती: दोस्त का मैसेज आया है।

नानी: अच्छा, अब मेरा भी जवाब भेज देना।

26.

दादी: पढ़ाई कब करोगे?

पोता: कल।

दादी: ये कल कभी आता भी है?

27.

नानी: इतना धीरे क्यों चल रहे हो?

नाती: थक गया हूं।

नानी: अभी तो निकले हो।

28.

दादी: कमरे की सफाई कर ली?

पोता: दिख नहीं रहा?

दादी: हां, इसलिए पूछ रही हूं।

29.

नानी: इतनी देर से आईना क्यों देख रहे हो?

नाती: अच्छा लग रहा हूं।

नानी: आईने को भी आराम दे दो।

30.

दादी: बेटा, काम कब करोगे?

पोता: सही समय आने दो।

दादी: वो समय रास्ता भूल गया क्या?

नोट: इन जोक्स का उद्देश्य केवल हंसाना और गुदगुदाना है। किसी जाति, धर्म, भावना, विचार, रंग या लिंग के आधार पर किसी का मजाक उड़ाना या फिर उसे नीचा दिखाना बिल्कुल नहीं है।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें
लाइफस्टाइल न्यूज़ , सेहत , रेसिपी , फैशन , ब्यूटी और फिटनेस से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।