Hindi Shayari: मुसाफिरों के लिए खास हैं ये 30 शायरियां, दिल को छू जाएंगी

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सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का नाम नहीं, बल्कि नई यादें बनाने का मौका भी है। अगर आपको घूमना पसंद है, तो ये 30 शायरियां आपके सफर और तस्वीरों में खास रंग भर देंगी।

Shayari in hindi
घूमने के शौकीनों के लिए 30 दिल छू जाने वाली शायरियां

कुछ सफर मंजिल से ज्यादा रास्तों की वजह से याद रहते हैं। कभी पहाड़ों के बीच बिताया हुआ एक दिन, कभी समुद्र किनारे बैठकर देखी गई शाम और कभी अनजान शहर में अचानक मिली कोई खूबसूरत जगह दिल में बस जाती है। घूमने वाले लोग अक्सर अपनी इन यादों को तस्वीरों और वीडियो के साथ सहेजकर रखते हैं। लेकिन कई बार एक अच्छी सी शायरी उस तस्वीर को और खास बना देती है। अगर आपको भी घूमना पसंद है और हर नई जगह में कुछ नया ढूंढना अच्छा लगता है, तो ये शायरियां आपके काम आ सकती हैं।

1.

मंजिल की तलाश में निकले थे,

रास्तों ने ही जिंदगी से मिला दिया।

2.

मंजिल कितनी दूर है, ये कौन देखता है,

जब सफर ही इतना खूबसूरत हो।

3.

कुछ रास्ते मंजिल तक नहीं,

बल्कि खुद तक लेकर जाते हैं।

4.

चलते रहो तो रास्ते मिलते जाएंगे,

रुक जाओ तो मंजिल भी दूर लगेगी।

5.

सफर छोटा हो या लंबा,

यादें हमेशा लंबी रह जाती हैं।

6.

मंजिल से ज्यादा मजा तो रास्तों में है,

क्योंकि यहीं जिंदगी नए रंग दिखाती है।

7.

पहाड़ों की हवा में कुछ तो बात है,

दिल परेशान हो तो भी यहां सुकून साथ है।

8.

पहाड़ बुलाते हैं तो जाना ही पड़ता है,

दिल को भी कभी शहर से दूर होना पड़ता है।

9.

ऊंचे पहाड़ और खुला आसमान,

बस यही चाहिए खुश रहने के लिए।

10.

पहाड़ों के बीच जाकर समझ आया,

शोर कम हो तो जिंदगी कितनी खूबसूरत है।

11.

कुछ सुकून कमरों में नहीं मिलता,

वो पहाड़ों के बीच बैठकर ही मिलता है।

12.

पहाड़ों ने सिखाया है एक खास सबक,

ऊंचा उठो लेकिन जमीन से जुड़े रहो।

13.

लहरों को देखते-देखते शाम हो गई,

पता ही नहीं चला कब दिल की थकान कम हो गई।

14.

समुद्र किनारे बैठकर बस इतना समझ आया,

हर लहर के साथ कुछ छोड़ना भी जरूरी है।

15.

जहां आसमान और समुद्र मिलते हैं,

वहीं कई सपने भी पूरे होते हैं।

16.

हवा में नमक था और आंखों में सपने,

समुद्र किनारे मिले कुछ पल अपने।

17.

प्रकृति के करीब आकर जाना,

खुश रहने के लिए बहुत कुछ नहीं चाहिए।

18.

कभी पेड़ों के बीच खो जाओ,

कभी लहरों के साथ बह जाओ।

19.

दोस्त साथ हों तो रास्ते भी खास लगते हैं,

वरना सफर तो अकेले भी कट जाता है।

20.

सफर की असली खुशी जगहों में नहीं,

उन दोस्तों में है जो साथ चलते हैं।

21.

कुछ सफर तस्वीरों में नहीं आते,

बस दोस्तों की बातों में हमेशा जिंदा रहते हैं।

22.

रास्ते नए थे, शहर अनजान था,

लेकिन दोस्तों का साथ था तो हर पल आसान था।

23.

सफर खत्म हो गया, लेकिन किस्से बाकी हैं,

दोस्त साथ हों तो यादें हमेशा बाकी हैं।

24.

जहां दोस्त साथ चल पड़ें,

वहां हर रास्ता अपना सा लगता है।

25.

कभी अकेले भी निकलना चाहिए,

खुद को समझने के लिए खुद के साथ चलना चाहिए।

26.

अकेले सफर पर निकले तो जाना,

खामोशी भी बहुत कुछ कहती है।

27.

शहर बदलने निकले थे,

रास्ते में खुद को बदलता हुआ पाया।

28.

कुछ सफर किसी और के साथ नहीं,

सिर्फ खुद के साथ पूरे किए जाते हैं।

29.

बैग में कम सामान था,

लेकिन दिल में ढेर सारी उम्मीदें थीं।

30.

जहां दिल को सुकून मिल जाए,

वहीं से शुरू होता है मेरा पसंदीदा सफर।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


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शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

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