तो इसलिए टीवी एक्टर विवियन डीसेना नहीं बने फुटबॉलर

अगर अभिनेता नहीं बनते, तो विवियन डीसेना एक फुटबॉलर जरूर बनते... 31 वर्षीय अभिनेता, जिन्होंने 10 साल की उम्र से फुटबॉल खेलना सीखा था, अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में कई पुरस्कार जीत चुके हैं।  हालांकि, उस समय देश  में खेलों की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण विवियन को अपने सपने को पीछे छोड़ना पड़ा। विवियन कहते हैं, 'मैं करियर के तौर पर फुटबॉल को चुनना चाहता था, पर मेरे पास उस समय उतने साधन मौजूद नहीं थे। इसलिए मुझे अपने फुटबॉलर बनने के सपने को छोड़ना पड़ा।' विवियन आज भी सप्ताह में दो दिन फुटबॉल जरूर खेलते हैं। विवियन का कहना है कि जब खेल की बात आती है, तो भारत आज भी क्रिकेट की तरफ ज्यादा ध्यान देता है।

 बकौल विवियन, 'मेरे ख्याल से हमारे देश में, क्रिकेट धर्म है। यहां फुटबॉल प्रेमी भी हैं, लेकिन क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय है। इसलिए, फुटबॉल जैसा खेल आज भी बहुत पीछे है, जबकि हाल के कुछ दिनों में देखा जाए तो इसने एक बेहतर जगह बनाई है।' वह बताते हैं कि उनके समय में हालात काफी अलग थे।

फुटबॉल स्टार लॉयनल मेसी के बड़े प्रशंसक विवियन यह महसूस करते हैं कि स्पोट्र्स एजुकेशन भी बहुत जरूरी है। उनके शब्दों में, 'खेल ऐसी चीज है जिसके बारे में शुरू से ही बच्चे को पढ़ाया जाना चाहिए। हम हमेशा कहते हैं कि स्वास्थ्य ही धन है। और खेल आपको स्वस्थ रखता है। इसलिए हर बच्चे को कोई न कोई एक खेल चुनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यही वह समय होता है, जब आप अपनी जिंदगी को आकार देते हैं और तब आप जो सीखते हैं, वह आगे आपके काम आता है।' वह आगे बताते हैं कि एक एथलीट होने के नाते खेल ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत  बनाया है, जो उन्हें आज भी जीवन में विभिन्न परिस्थितियों से निपटने में मदद करता है।

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