रेप के बाद गर्भवती किया, रांची में यौन शोषण की शिकार महिला कैदी ने खाना-पीना छोड़ा
रांची जेल में महिला कैदी से रेप और गर्भवती मामले की जांच शुरू हो गई है। टीम ने पीड़िता से भी पूछताछ की। उधर, यौन हमलों से व्यथित महिला कैदी ने रविवार से खाना खाना छोड़ दिया है।

रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद महिला कैदी के साथ यौन शोषण के मामले की जांच शुरू हो गयी है। इस मामले में झालसा और जेल आईजी की ओर से गठित जांच टीम सोमवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंची। एक टीम ने महिला कैदी से भी पूछताछ की। महिला कैदी ने पूछताछ में जांच कमेटी को घटना की पूरी जानकारी दी। उसने बताया कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए हैं। पूछताछ में महिला कैदी ने घटना को अंजाम देने वाले रांची जेल में पदस्थापित दो लोगों का नाम भी टीम को बताया है। उधर, यौन शोषण से व्यथित महिला कैदी ने रविवार रात से खाना-पीना छोड़ दिया है।
इधर, जिला प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने एक टीम का गठन किया है। गठित टीम में एडीएम विधि व्यवस्था के अलावा एसडीएम स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। मंगलवार को यह टीम जांच करने के लिए जेल जाएगी।
जेल अधीक्षक समेत कई लोगों से टीम ने की पूछताछ
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की ओर से रांची जेल अधीक्षक पर महिला कैदी के साथ यौन शोषण और उसे गर्भवती किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामला प्रकाश में आने के बाद जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। गठित टीम में निदेशक मनोज कुमार, तुषार रंजन के अलावा चंद्र मौलिक को शामिल किया गया था। सोमवार को टीम रांची जेल पहुंची। टीम ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरा को खंगाला। साथ ही जेल अस्पताल में महिला कैदी की हुई जांच की रिपोर्ट का अवलोकन किया। साथ ही जांच कमेटी ने महिला कैदी और जेल अधीक्षक समेत अन्य कर्मियों से भी मामले में पूछताछ की। करीब तीन घंटे तक टीम ने जांच की।
टीम ने जेल में तीन घंटे तक की जांच
● जेल आईजी की गठित टीम ने तीन घंटे जेल में जांच-पड़ताल की
● महिला कैदी ने पूछताछ में जांच कमेटी को घटना की दी जानकारी
● टीम ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला
● जेल अस्पताल में महिला कैदी की जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया
● जेल अधीक्षक से भी हुई पूछताछ उन्होंने लिखित रूप से दिया
● आज डीसी की ओर से गठित टीम जेल जाकर करेगी जांच-पड़ताल
कुशवाहा समाज का बयान पर गुस्सा
रांची। रांची कुशवाहा समाज ने झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी की ओर से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताया है। वहीं जेल की एक महिला बंदी के गर्भवती होने संबंधी उनके बयान को निराधार बताया गया है। चुटिया के कुशवाहा भवन में समाज के लोग सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कहा गया कि बिना पुख्ता सबूत के व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों का कहना था कि बाबूलाल मरांडी पहले आरोप साबित करें फिर बयान दें। बिना जांच और तथ्य के इस तरह की बयानबाजी ओछी हरकत है। प्रेस वार्ता में कुशवाहा विजय कुमार महतो, प्रवीण प्रसाद, दीपक मेहत, उमेश महतो, सूरज महतो,जनार्दन, अशोक, सुमित, अजय, श्याम, रितिक, प्रीतम, रोहन, अमनजीत मेहता और अन्य मौजूद थे।
महिला कैदी ने खाना खाने से किया इंकार
बताया जा रहा है कि मामला प्रकाश में आने के बाद महिला कैदी रविवार रात से ही खाना नहीं खा रही। सोमवार को भी जेलकर्मियों ने उसे खाना दिया, मगर वह सुबह में नाश्ता तक नहीं की। जेल सूत्रों के मुताबिक महिला कैदी दिनभर गुमशुम भी रही।
आरोप बिल्कुल बेबुनियाद: जेल अधीक्षक
जेल अधीक्षक चंद्रशेखर कुशवाहा से भी जांच टीम ने पूछताछ की। पूछताछ में जेल अधीक्षक ने खुद को निर्दोष बताया। कहा कि महिला कैदी के साथ यौन शोषण के आरोप बिल्कुल ही बेबुनियाद और मनगढंत हैं। जेल अधीक्षक ने जेल आईजी की ओर से गठित जांच टीम को लिखित रूप से यह सौंपा है।
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